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भोपाल में सीलिंग पर ब्रेक: 3 दिन में 190 कार्रवाई, चौथे दिन एक भी नहीं
भोपाल (म.प्र.)
रहवासियों ने सुप्रीम कोर्ट में दस्तावेज रखे; आरोप लगाया- अरेरा कॉलोनी के कथित अवैध मॉल पर कार्रवाई नहीं, छोटे कारोबारियों पर ही सख्ती
राजधानी में रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया है। लगातार विरोध और नोटिस-सीलिंग के खिलाफ सामने आ रहे आपत्तियां के बीच कार्रवाई के आंकड़ों में अचानक बदलाव देखने को मिला। तीन दिनों के दौरान नगर निगम ने 190 जगहों पर सीलिंग की, जबकि चौथे दिन एक भी प्रतिष्ठान सील नहीं किया गया। कार्रवाई रुकने के साथ ही नगर निगम और प्रभावित पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई भी तेज हो गई है। मामले में नगर निगम, नगरीय प्रशासन और रहवासी पक्ष सुप्रीम कोर्ट में अपने-अपने दस्तावेज और तर्क रख रहे हैं।
रहवासियों ने उठाया अरेरा कॉलोनी का मुद्दा
याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी के अनुसार, रहवासियों ने अरेरा कॉलोनी में नियमों के विपरीत संचालित होने का आरोप लगाते हुए कुछ मॉल की शिकायतें पहले की थीं। उनका कहना है कि इन शिकायतों के बावजूद संबंधित परिसरों पर सीलिंग की कार्रवाई नहीं हुई। रहवासियों का आरोप है कि दूसरी ओर छोटे कारोबारियों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम ने तेजी से कार्रवाई की। इसी अंतर को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं।
कार्रवाई में भेदभाव का आरोप
रहवासी पक्ष ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कार्रवाई का तरीका समान नहीं है। उनका कहना है कि जिन बड़े व्यावसायिक परिसरों को लेकर शिकायतें की गईं, वहां कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है, जबकि छोटे व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की गई। याचिकाकर्ता पक्ष ने अदालत के सामने संबंधित दस्तावेज रखते हुए अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है।
चौथे दिन निगम की कार्रवाई नहीं
सीलिंग अभियान के शुरुआती तीन दिनों में 190 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई किए जाने के बाद चौथे दिन निगम की टीमों ने कोई सीलिंग नहीं की। विरोध के बीच अधिकारियों के कार्रवाई से दूरी बनाए रखने की स्थिति भी सामने आई। नगर निगम की कार्रवाई को लेकर व्यापारी लगातार विरोध कर रहे हैं। वहीं रहवासी पक्ष का जोर इस बात पर है कि रहवासी क्षेत्रों में नियमों के उल्लंघन के मामलों में सभी पर एक समान कार्रवाई हो।
सुप्रीम कोर्ट में रखे दस्तावेज
रहवासियों की ओर से अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के जरिए अरेरा कॉलोनी के मॉल और छोटे कारोबारियों पर हुई कार्रवाई की तुलना का मुद्दा उठाया गया है। याचिकाकर्ता पक्ष ने कथित पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी रखी है।
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