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2027 में युवा वर्ष, हर साल एक लाख रोजगार का लक्ष्य; सीएम ने बताया एमपी का रोडमैप
मध्य प्रदेश
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने युवाओं, निवेश, स्टार्टअप, किसान और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई बड़े ऐलान किए
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में शनिवार सुबह 80वें स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह हुआ। सुबह करीब 9 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार के आने वाले वर्षों की प्राथमिकताएं सामने रखीं। भाषण में सबसे ज्यादा जोर युवाओं और रोजगार पर रहा। सीएम ने घोषणा की कि वर्ष 2027 को मध्य प्रदेश में ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। सरकार का कहना है कि आने वाले ढाई साल में रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और निवेश को लेकर बड़े स्तर पर काम किया जाएगा। सार्वजनिक क्षेत्र में हर साल एक लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ सरकारी नौकरी पर निर्भरता कम करने के लिए युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की कोशिश होगी।
अगले एक साल में एक लाख युवाओं को आईटीआई के जरिए प्रशिक्षण देने और 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में ट्रेनिंग देने की बात भी कही गई। सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार, स्टार्टअप, खेल एवं संस्कृति, शोध और नेतृत्व क्षमता को सात प्रमुख आधारों के तौर पर आगे बढ़ाने की योजना बताई है। उद्योगों में युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए अलग प्लेसमेंट सेल बनाने की भी घोषणा की गई है, ताकि कंपनियों की जरूरत और प्रशिक्षित युवाओं के बीच तालमेल बेहतर हो सके। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की योजना भी सामने आई। सरकार 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने की तैयारी में है। दावा है कि इससे हर जिले में कम से कम एक इन्क्यूबेशन सेंटर उपलब्ध कराया जा सकेगा। फिलहाल प्रदेश में करीब 8 हजार स्टार्टअप संचालित होने की बात सरकार की ओर से कही गई, जिनमें करीब आधे महिला नेतृत्व वाले हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर 12 हजार से ज्यादा करने का लक्ष्य रखा गया है।
छोटे शहरों और जिलों के युवाओं को भी कारोबार शुरू करने का मौका मिले, इसके लिए इन्क्यूबेशन सेंटरों के जरिए मार्गदर्शन, तकनीकी मदद और बाजार से जोड़ने पर जोर रहेगा। निवेश को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 34 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं और इनमें से 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश धरातल पर आ चुका है। धार में 21,500 करोड़ रुपए की लागत वाले पीएम मित्र पार्क को कपड़ा उद्योग के लिए अहम परियोजना बताया गया। सरकार को उम्मीद है कि इस तरह की परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ छोटे कारोबारियों और सप्लायरों के लिए भी काम के अवसर बढ़ेंगे। अगली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यानी GIS 2027 का आयोजन भोपाल में करने की घोषणा भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में किसानों से जुड़े मुद्दों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी प्रमुखता दी। सरकार ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तौर पर मनाने की बात कही है। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले ढाई साल में किसानों के खातों में तीन लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि अलग-अलग योजनाओं के तहत पहुंचाई गई है। जमीन अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को चार गुना मुआवजा देने के फैसले का भी उल्लेख किया गया। सिंचाई के मोर्चे पर केन-बेतवा लिंक परियोजना को बड़ा आधार बताया गया है। करीब 44,600 करोड़ रुपए की इस परियोजना के जरिए वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का जोर खेती के साथ पानी की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं पर है। सड़क निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि 23 हजार करोड़ रुपए से करीब 15 हजार किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं। बिजली उत्पादन में भी बदलाव की योजना रखी गई है। प्रदेश की कुल बिजली क्षमता में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी को मौजूदा करीब 30 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने का लक्ष्य बताया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भोपाल में मुख्यमंत्री के साथ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया ने भी तिरंगा फहराया। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भी स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्योपुर में बारिश के बीच समारोह के दौरान बच्चों को बैनर की ओट लेकर पानी से बचते देखा गया।
मौसम का असर कार्यक्रमों पर भी दिखाई दिया। भोपाल में लाल परेड ग्राउंड पर मुख्य समारोह के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस की तैनाती रही। मुख्यमंत्री के भाषण में आने वाले समय के लिए रोजगार और निवेश को लेकर कई लक्ष्य रखे गए हैं। अब इन घोषणाओं को जमीन पर उतारने के लिए विभागों के स्तर पर क्या रोडमैप बनता है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल सरकार की ओर से युवाओं को केंद्र में रखते हुए 2027 को युवा वर्ष बनाने और रोजगार के साथ कौशल, स्टार्टअप तथा निवेश को आगे बढ़ाने का खाका सामने रखा गया है।
2027 में युवा वर्ष, हर साल एक लाख रोजगार का लक्ष्य; सीएम ने बताया एमपी का रोडमैप
मध्य प्रदेश
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में शनिवार सुबह 80वें स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह हुआ। सुबह करीब 9 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार के आने वाले वर्षों की प्राथमिकताएं सामने रखीं। भाषण में सबसे ज्यादा जोर युवाओं और रोजगार पर रहा। सीएम ने घोषणा की कि वर्ष 2027 को मध्य प्रदेश में ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। सरकार का कहना है कि आने वाले ढाई साल में रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और निवेश को लेकर बड़े स्तर पर काम किया जाएगा। सार्वजनिक क्षेत्र में हर साल एक लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ सरकारी नौकरी पर निर्भरता कम करने के लिए युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की कोशिश होगी।
अगले एक साल में एक लाख युवाओं को आईटीआई के जरिए प्रशिक्षण देने और 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में ट्रेनिंग देने की बात भी कही गई। सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार, स्टार्टअप, खेल एवं संस्कृति, शोध और नेतृत्व क्षमता को सात प्रमुख आधारों के तौर पर आगे बढ़ाने की योजना बताई है। उद्योगों में युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए अलग प्लेसमेंट सेल बनाने की भी घोषणा की गई है, ताकि कंपनियों की जरूरत और प्रशिक्षित युवाओं के बीच तालमेल बेहतर हो सके। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की योजना भी सामने आई। सरकार 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने की तैयारी में है। दावा है कि इससे हर जिले में कम से कम एक इन्क्यूबेशन सेंटर उपलब्ध कराया जा सकेगा। फिलहाल प्रदेश में करीब 8 हजार स्टार्टअप संचालित होने की बात सरकार की ओर से कही गई, जिनमें करीब आधे महिला नेतृत्व वाले हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर 12 हजार से ज्यादा करने का लक्ष्य रखा गया है।
छोटे शहरों और जिलों के युवाओं को भी कारोबार शुरू करने का मौका मिले, इसके लिए इन्क्यूबेशन सेंटरों के जरिए मार्गदर्शन, तकनीकी मदद और बाजार से जोड़ने पर जोर रहेगा। निवेश को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 34 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं और इनमें से 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश धरातल पर आ चुका है। धार में 21,500 करोड़ रुपए की लागत वाले पीएम मित्र पार्क को कपड़ा उद्योग के लिए अहम परियोजना बताया गया। सरकार को उम्मीद है कि इस तरह की परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ छोटे कारोबारियों और सप्लायरों के लिए भी काम के अवसर बढ़ेंगे। अगली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यानी GIS 2027 का आयोजन भोपाल में करने की घोषणा भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में किसानों से जुड़े मुद्दों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी प्रमुखता दी। सरकार ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तौर पर मनाने की बात कही है। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले ढाई साल में किसानों के खातों में तीन लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि अलग-अलग योजनाओं के तहत पहुंचाई गई है। जमीन अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को चार गुना मुआवजा देने के फैसले का भी उल्लेख किया गया। सिंचाई के मोर्चे पर केन-बेतवा लिंक परियोजना को बड़ा आधार बताया गया है। करीब 44,600 करोड़ रुपए की इस परियोजना के जरिए वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का जोर खेती के साथ पानी की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं पर है। सड़क निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि 23 हजार करोड़ रुपए से करीब 15 हजार किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं। बिजली उत्पादन में भी बदलाव की योजना रखी गई है। प्रदेश की कुल बिजली क्षमता में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी को मौजूदा करीब 30 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने का लक्ष्य बताया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भोपाल में मुख्यमंत्री के साथ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया ने भी तिरंगा फहराया। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भी स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्योपुर में बारिश के बीच समारोह के दौरान बच्चों को बैनर की ओट लेकर पानी से बचते देखा गया।
मौसम का असर कार्यक्रमों पर भी दिखाई दिया। भोपाल में लाल परेड ग्राउंड पर मुख्य समारोह के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस की तैनाती रही। मुख्यमंत्री के भाषण में आने वाले समय के लिए रोजगार और निवेश को लेकर कई लक्ष्य रखे गए हैं। अब इन घोषणाओं को जमीन पर उतारने के लिए विभागों के स्तर पर क्या रोडमैप बनता है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल सरकार की ओर से युवाओं को केंद्र में रखते हुए 2027 को युवा वर्ष बनाने और रोजगार के साथ कौशल, स्टार्टअप तथा निवेश को आगे बढ़ाने का खाका सामने रखा गया है।
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