- Hindi News
- टॉप न्यूज़
- अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू: जम्मू और पहलगाम से पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन को रवाना
अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू: जम्मू और पहलगाम से पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन को रवाना
Digital Desk
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जम्मू और पहलगाम के नुनवान बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए रवाना हुआ। 57 दिनों तक चलने वाली यात्रा के पहले दिन श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला।
देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में शामिल श्री अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ शुक्रवार को श्रद्धा, उत्साह और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुआ। जम्मू और पहलगाम के नुनवान बेस कैंप से श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए रवाना हुआ। इसके साथ ही 57 दिनों तक चलने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा औपचारिक रूप से शुरू हो गई। यात्रा के पहले दिन श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण "हर-हर महादेव", "बम-बम भोले" और "चलो बुलावा आया है, बाबा बर्फानी ने बुलाया है" के जयघोष से गूंज उठा।
जम्मू से रवाना हुए पहले जत्थे को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस जत्थे में 4,800 से अधिक श्रद्धालु शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में सभी श्रद्धालुओं को वाहनों के काफिले के साथ कश्मीर घाटी तक पहुंचाया गया। घाटी में प्रवेश के बाद विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रशासन की ओर से फूल-मालाओं और पारंपरिक स्वागत के साथ यात्रियों का अभिनंदन किया गया।
पहलगाम के नुनवान बेस कैंप और बालटाल बेस कैंप से शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा की ओर अपनी पैदल यात्रा शुरू की। दोनों मार्गों पर प्रशासन ने चिकित्सा, सुरक्षा, संचार, भोजन और ठहरने की व्यापक व्यवस्था की है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर, विश्राम केंद्र और आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यात्रा शुरू होने से पहले पहलगाम क्षेत्र में कुछ समय के लिए भारी बारिश हुई, जिसके कारण सुरक्षा के मद्देनजर पहलगाम मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई। मौसम में सुधार होने और मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद प्रशासन ने यात्रा दोबारा शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की व्यापक तैनाती की गई है। यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और आधुनिक संचार प्रणाली के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए हैं ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके। यात्रा के नोडल अधिकारी राहुल यादव ने बताया कि जिला प्रशासन ने बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं, पेयजल, स्वच्छता, बिजली, आपातकालीन सेवाओं और यातायात प्रबंधन के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासन लगातार यात्रा मार्ग की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पारंपरिक धार्मिक वेशभूषा में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए। कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में युवा और बुजुर्ग भी यात्रा में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने कहा कि वर्षों से बाबा बर्फानी के दर्शन की इच्छा थी और इस बार यात्रा शुरू होते ही उन्हें पवित्र गुफा जाने का अवसर मिला है। उन्होंने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की।
अमरनाथ यात्रा का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। समुद्र तल से लगभग 3,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने इसी गुफा में माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। यही कारण है कि इस यात्रा को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रशासन ने यात्रियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी जांच पूरी करने, मौसम के अनुसार आवश्यक सामान साथ रखने और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सा दल, बचाव दल और आपदा प्रबंधन की टीमें भी लगातार तैनात हैं। इस वर्ष यात्रा अवधि 57 दिनों की निर्धारित की गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि पूरे यात्रा काल में लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवास, भोजन, चिकित्सा और परिवहन की व्यवस्थाओं को पहले की तुलना में और मजबूत किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू: जम्मू और पहलगाम से पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन को रवाना
Digital Desk
देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में शामिल श्री अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ शुक्रवार को श्रद्धा, उत्साह और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुआ। जम्मू और पहलगाम के नुनवान बेस कैंप से श्रद्धालुओं का पहला जत्था बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए रवाना हुआ। इसके साथ ही 57 दिनों तक चलने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा औपचारिक रूप से शुरू हो गई। यात्रा के पहले दिन श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण "हर-हर महादेव", "बम-बम भोले" और "चलो बुलावा आया है, बाबा बर्फानी ने बुलाया है" के जयघोष से गूंज उठा।
जम्मू से रवाना हुए पहले जत्थे को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस जत्थे में 4,800 से अधिक श्रद्धालु शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में सभी श्रद्धालुओं को वाहनों के काफिले के साथ कश्मीर घाटी तक पहुंचाया गया। घाटी में प्रवेश के बाद विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रशासन की ओर से फूल-मालाओं और पारंपरिक स्वागत के साथ यात्रियों का अभिनंदन किया गया।
पहलगाम के नुनवान बेस कैंप और बालटाल बेस कैंप से शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा की ओर अपनी पैदल यात्रा शुरू की। दोनों मार्गों पर प्रशासन ने चिकित्सा, सुरक्षा, संचार, भोजन और ठहरने की व्यापक व्यवस्था की है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर, विश्राम केंद्र और आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यात्रा शुरू होने से पहले पहलगाम क्षेत्र में कुछ समय के लिए भारी बारिश हुई, जिसके कारण सुरक्षा के मद्देनजर पहलगाम मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई। मौसम में सुधार होने और मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद प्रशासन ने यात्रा दोबारा शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की व्यापक तैनाती की गई है। यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और आधुनिक संचार प्रणाली के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए हैं ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके। यात्रा के नोडल अधिकारी राहुल यादव ने बताया कि जिला प्रशासन ने बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं, पेयजल, स्वच्छता, बिजली, आपातकालीन सेवाओं और यातायात प्रबंधन के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासन लगातार यात्रा मार्ग की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पारंपरिक धार्मिक वेशभूषा में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए। कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में युवा और बुजुर्ग भी यात्रा में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने कहा कि वर्षों से बाबा बर्फानी के दर्शन की इच्छा थी और इस बार यात्रा शुरू होते ही उन्हें पवित्र गुफा जाने का अवसर मिला है। उन्होंने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की।
अमरनाथ यात्रा का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। समुद्र तल से लगभग 3,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने इसी गुफा में माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। यही कारण है कि इस यात्रा को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रशासन ने यात्रियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी जांच पूरी करने, मौसम के अनुसार आवश्यक सामान साथ रखने और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सा दल, बचाव दल और आपदा प्रबंधन की टीमें भी लगातार तैनात हैं। इस वर्ष यात्रा अवधि 57 दिनों की निर्धारित की गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि पूरे यात्रा काल में लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवास, भोजन, चिकित्सा और परिवहन की व्यवस्थाओं को पहले की तुलना में और मजबूत किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
