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जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी, वांगचुक की तबीयत बिगड़ी
Digital Desk
नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधार की मांग को लेकर 11वें दिन धरना, भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत बिगड़ी
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन मंगलवार को लगातार 11वें दिन भी जारी रहा। नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे इस प्रदर्शन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कार्यकर्ता और छात्र संगठन शामिल हैं। धरना स्थल पर माहौल लगातार तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण बना हुआ है, जहां प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इसी बीच आंदोलन का एक बड़ा चेहरा बने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत भूख हड़ताल के दौरान बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि उनका ब्लड शुगर स्तर गिरकर 66 तक पहुंच गया, जो सामान्य से कम माना जाता है। वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं। मेडिकल टीम की निगरानी में उनका ब्लड प्रेशर 117/60, ऑक्सीजन स्तर 96 और पल्स रेट 92 दर्ज किया गया है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं में उनकी तबीयत को लेकर चिंता का माहौल है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और समर्थकों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई लोगों को पहचान पत्र नहीं होने के कारण अंदर प्रवेश से रोका गया, जिससे समर्थकों में नाराजगी बढ़ी है। हालांकि मौके पर स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा है। इस बीच AISA के छह छात्र नेता भी आंदोलन में शामिल हुए हैं और उन्होंने भूख हड़ताल का समर्थन करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को दोहराया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल नीट पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की पूरी परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर चल रहा है। अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि राजस्थान के एक पैरामेडिकल परीक्षा का पेपर भी जयपुर में लीक हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समस्या व्यापक स्तर पर मौजूद है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। वहीं प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक हैं और वे किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ हैं।
जानकारी के अनुसार सोनम वांगचुक इससे पहले भी लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके हैं और कई दिनों तक जेल में भी रहे हैं। उनके समर्थन में देशभर से लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भी जुड़ रहे हैं। CJP का यह आंदोलन 20 जून से शुरू हुआ था और तब से लगातार विभिन्न शहरों में इसका विस्तार हो रहा है। संगठन का दावा है कि लाखों लोग उनकी मांगों का समर्थन कर रहे हैं और यह आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा। जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन को लेकर प्रशासन भी सतर्क है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है और आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि उनकी मांगों पर जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
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जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी, वांगचुक की तबीयत बिगड़ी
Digital Desk
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन मंगलवार को लगातार 11वें दिन भी जारी रहा। नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे इस प्रदर्शन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कार्यकर्ता और छात्र संगठन शामिल हैं। धरना स्थल पर माहौल लगातार तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण बना हुआ है, जहां प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इसी बीच आंदोलन का एक बड़ा चेहरा बने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत भूख हड़ताल के दौरान बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि उनका ब्लड शुगर स्तर गिरकर 66 तक पहुंच गया, जो सामान्य से कम माना जाता है। वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं। मेडिकल टीम की निगरानी में उनका ब्लड प्रेशर 117/60, ऑक्सीजन स्तर 96 और पल्स रेट 92 दर्ज किया गया है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं में उनकी तबीयत को लेकर चिंता का माहौल है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और समर्थकों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई लोगों को पहचान पत्र नहीं होने के कारण अंदर प्रवेश से रोका गया, जिससे समर्थकों में नाराजगी बढ़ी है। हालांकि मौके पर स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा है। इस बीच AISA के छह छात्र नेता भी आंदोलन में शामिल हुए हैं और उन्होंने भूख हड़ताल का समर्थन करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को दोहराया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल नीट पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की पूरी परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर चल रहा है। अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि राजस्थान के एक पैरामेडिकल परीक्षा का पेपर भी जयपुर में लीक हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समस्या व्यापक स्तर पर मौजूद है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। वहीं प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक हैं और वे किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ हैं।
जानकारी के अनुसार सोनम वांगचुक इससे पहले भी लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके हैं और कई दिनों तक जेल में भी रहे हैं। उनके समर्थन में देशभर से लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भी जुड़ रहे हैं। CJP का यह आंदोलन 20 जून से शुरू हुआ था और तब से लगातार विभिन्न शहरों में इसका विस्तार हो रहा है। संगठन का दावा है कि लाखों लोग उनकी मांगों का समर्थन कर रहे हैं और यह आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा। जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन को लेकर प्रशासन भी सतर्क है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है और आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि उनकी मांगों पर जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
