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ईरान-इजराइल टकराव तेज, एक घंटे में तीन मिसाइल हमले; अमेरिका की सख्त चेतावनी
अंतराष्ट्रीय न्यूज
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर 48 घंटे का अल्टीमेटम, मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने रविवार को नया मोड़ ले लिया, जब ईरान ने इजराइल पर एक घंटे के भीतर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इजराइली अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। हमले दक्षिणी इजराइल के डिमोना और अराद शहरों पर केंद्रित थे, जहां रणनीतिक और संवेदनशील ठिकाने मौजूद हैं।
इजराइली रक्षा बलों ने दावा किया कि अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, लेकिन कुछ हिस्से रिहायशी इलाकों में गिरे, जिससे नुकसान और अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करेगा। ट्रम्प के इस बयान के बाद ईरान ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सभी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमला करेगा।
इस बीच, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर BRICS देशों से हस्तक्षेप की अपील की है। ईरानी राष्ट्रपति ने भारत सहित सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे बिना बाहरी दबाव के क्षेत्रीय शांति बहाल करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने मिडिल ईस्ट में एक नए क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे की भी जरूरत बताई।
संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर भी दिखने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, में बाधा आने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इसके चलते कई देशों में ईंधन महंगा हो रहा है और एयरलाइंस सेक्टर पर भी दबाव बढ़ा है।
क्षेत्रीय स्तर पर सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इजराइल ने लेबनान सीमा पर ऑपरेशन बढ़ा दिया है, जबकि सऊदी अरब और इराक में भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। कई देशों ने अपने सैन्य संसाधन तैनात कर दिए हैं, जिससे व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहा है, लेकिन जमीन पर हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। आने वाले 48 घंटे इस संकट की दिशा तय करने में अहम माने जा रहे हैं।
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ईरान-इजराइल टकराव तेज, एक घंटे में तीन मिसाइल हमले; अमेरिका की सख्त चेतावनी
अंतराष्ट्रीय न्यूज
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने रविवार को नया मोड़ ले लिया, जब ईरान ने इजराइल पर एक घंटे के भीतर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इजराइली अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। हमले दक्षिणी इजराइल के डिमोना और अराद शहरों पर केंद्रित थे, जहां रणनीतिक और संवेदनशील ठिकाने मौजूद हैं।
इजराइली रक्षा बलों ने दावा किया कि अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, लेकिन कुछ हिस्से रिहायशी इलाकों में गिरे, जिससे नुकसान और अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करेगा। ट्रम्प के इस बयान के बाद ईरान ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सभी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमला करेगा।
इस बीच, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर BRICS देशों से हस्तक्षेप की अपील की है। ईरानी राष्ट्रपति ने भारत सहित सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे बिना बाहरी दबाव के क्षेत्रीय शांति बहाल करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने मिडिल ईस्ट में एक नए क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे की भी जरूरत बताई।
संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर भी दिखने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, में बाधा आने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इसके चलते कई देशों में ईंधन महंगा हो रहा है और एयरलाइंस सेक्टर पर भी दबाव बढ़ा है।
क्षेत्रीय स्तर पर सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इजराइल ने लेबनान सीमा पर ऑपरेशन बढ़ा दिया है, जबकि सऊदी अरब और इराक में भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। कई देशों ने अपने सैन्य संसाधन तैनात कर दिए हैं, जिससे व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहा है, लेकिन जमीन पर हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। आने वाले 48 घंटे इस संकट की दिशा तय करने में अहम माने जा रहे हैं।
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