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लुधियाना रेलवे स्टेशन पर टला बड़ा हादसा, वैष्णो देवी जा रही ट्रेन का कपलर टूटा, यात्रियों में मचा हड़कंप
Digital Desk
नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही स्पेशल ट्रेन में तेज आवाज के बाद अफरा-तफरी मच गई, जांच में कपलर टूटने की बात सामने आई।
पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही एक स्पेशल ट्रेन में अचानक तेज आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी जोरदार थी कि यात्रियों को पहले पहल किसी धमाके या बड़ी अनहोनी का अंदेशा हो गया। कुछ ही पलों में ट्रेन के भीतर बैठे यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई और कई लोग अपनी सीटों से उठकर कोच के दरवाजों की तरफ बढ़ने लगे। घटना उस समय हुई जब ट्रेन लुधियाना स्टेशन से आगे बढ़ने की तैयारी में थी। शुरुआती सूचना सामने आते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। चूंकि पंजाब में इन दिनों ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, इसलिए प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल ट्रेन शनिवार तड़के नई दिल्ली से रवाना हुई थी और निर्धारित समय के अनुसार सुबह करीब 8:47 बजे लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेन जब स्टेशन से आगे बढ़ने लगी तो अचानक एक जोरदार आवाज सुनाई दी। आवाज के साथ ही झटका महसूस हुआ, जिससे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। कई लोगों ने इसे धमाके जैसी आवाज बताया। ट्रेन के एक हिस्से में मौजूद यात्रियों ने घबराकर बाहर निकलने की कोशिश की। इस दौरान कुछ समय के लिए स्टेशन पर भी तनावपूर्ण माहौल बन गया। मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति को संभालने का प्रयास किया और यात्रियों को शांत रहने की अपील की।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रेन के दो डिब्बों को जोड़ने वाला कपलर टूट गया था। कपलर टूटने के कारण कोचों के बीच अचानक दबाव और झटका पैदा हुआ, जिससे एक स्लीपर कोच का शौचालय हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं मिली। अधिकारियों के अनुसार हादसा गंभीर हो सकता था, लेकिन समय रहते स्थिति नियंत्रित कर ली गई। रेलवे की तकनीकी टीम ने तुरंत प्रभावित हिस्से का निरीक्षण शुरू कर दिया और ट्रेन को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मरम्मत कार्य किया गया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और रेलवे प्रशासन दोनों सक्रिय नजर आए। लुधियाना के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समीर वर्मा ने जांच के बाद बताया कि यह किसी प्रकार का विस्फोट नहीं था। उनके अनुसार ट्रेन चलने के दौरान दो कोचों को जोड़ने वाला कपलर टूट गया, जिसके कारण तेज आवाज आई और यात्रियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा खतरे के संकेत नहीं मिले हैं। इसके बावजूद सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी रखी गई है।
दूसरी ओर फिरोजपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने कहा कि जिस डिब्बे में यह समस्या सामने आई, उसकी उम्र अभी निर्धारित सीमा से काफी कम है। रेलवे के अनुसार एक कोच की सामान्य सेवा अवधि लगभग 25 वर्ष होती है, जबकि संबंधित कोच करीब 15 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। ऐसे में तकनीकी खराबी की सटीक वजह जानने के लिए विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी यांत्रिक हिस्से के टूटने पर तेज आवाज आना स्वाभाविक है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
घटना के बाद कुछ यात्रियों ने दावा किया कि उन्होंने कपलर टूटने से पहले धमाके जैसी आवाज सुनी थी। इसी कारण शुरुआती स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों ने सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच शुरू की। हालांकि रेलवे अधिकारियों का मानना है कि ट्रेन के आगे बढ़ने के दौरान कपलिंग सिस्टम पर अचानक दबाव बढ़ने से यह घटना हुई हो सकती है। तकनीकी विशेषज्ञ अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या कपलर में पहले से कोई खामी थी या फिर परिचालन के दौरान किसी वजह से उस पर अत्यधिक तनाव पड़ा।
शनिवार सुबह हुई इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि नियमित निरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाती है और इस मामले में भी सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। रेलवे प्रशासन का दावा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और घटना से जुड़े हर तथ्य की जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
राहत की बात यह है कि समय रहते स्थिति नियंत्रण में आ गई और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। रेलवे और पुलिस की संयुक्त जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना केवल तकनीकी खराबी का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी मौजूद था।
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लुधियाना रेलवे स्टेशन पर टला बड़ा हादसा, वैष्णो देवी जा रही ट्रेन का कपलर टूटा, यात्रियों में मचा हड़कंप
Digital Desk
पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही एक स्पेशल ट्रेन में अचानक तेज आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी जोरदार थी कि यात्रियों को पहले पहल किसी धमाके या बड़ी अनहोनी का अंदेशा हो गया। कुछ ही पलों में ट्रेन के भीतर बैठे यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई और कई लोग अपनी सीटों से उठकर कोच के दरवाजों की तरफ बढ़ने लगे। घटना उस समय हुई जब ट्रेन लुधियाना स्टेशन से आगे बढ़ने की तैयारी में थी। शुरुआती सूचना सामने आते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। चूंकि पंजाब में इन दिनों ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, इसलिए प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल ट्रेन शनिवार तड़के नई दिल्ली से रवाना हुई थी और निर्धारित समय के अनुसार सुबह करीब 8:47 बजे लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेन जब स्टेशन से आगे बढ़ने लगी तो अचानक एक जोरदार आवाज सुनाई दी। आवाज के साथ ही झटका महसूस हुआ, जिससे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। कई लोगों ने इसे धमाके जैसी आवाज बताया। ट्रेन के एक हिस्से में मौजूद यात्रियों ने घबराकर बाहर निकलने की कोशिश की। इस दौरान कुछ समय के लिए स्टेशन पर भी तनावपूर्ण माहौल बन गया। मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति को संभालने का प्रयास किया और यात्रियों को शांत रहने की अपील की।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रेन के दो डिब्बों को जोड़ने वाला कपलर टूट गया था। कपलर टूटने के कारण कोचों के बीच अचानक दबाव और झटका पैदा हुआ, जिससे एक स्लीपर कोच का शौचालय हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं मिली। अधिकारियों के अनुसार हादसा गंभीर हो सकता था, लेकिन समय रहते स्थिति नियंत्रित कर ली गई। रेलवे की तकनीकी टीम ने तुरंत प्रभावित हिस्से का निरीक्षण शुरू कर दिया और ट्रेन को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मरम्मत कार्य किया गया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और रेलवे प्रशासन दोनों सक्रिय नजर आए। लुधियाना के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समीर वर्मा ने जांच के बाद बताया कि यह किसी प्रकार का विस्फोट नहीं था। उनके अनुसार ट्रेन चलने के दौरान दो कोचों को जोड़ने वाला कपलर टूट गया, जिसके कारण तेज आवाज आई और यात्रियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा खतरे के संकेत नहीं मिले हैं। इसके बावजूद सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी रखी गई है।
दूसरी ओर फिरोजपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने कहा कि जिस डिब्बे में यह समस्या सामने आई, उसकी उम्र अभी निर्धारित सीमा से काफी कम है। रेलवे के अनुसार एक कोच की सामान्य सेवा अवधि लगभग 25 वर्ष होती है, जबकि संबंधित कोच करीब 15 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। ऐसे में तकनीकी खराबी की सटीक वजह जानने के लिए विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी यांत्रिक हिस्से के टूटने पर तेज आवाज आना स्वाभाविक है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
घटना के बाद कुछ यात्रियों ने दावा किया कि उन्होंने कपलर टूटने से पहले धमाके जैसी आवाज सुनी थी। इसी कारण शुरुआती स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों ने सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच शुरू की। हालांकि रेलवे अधिकारियों का मानना है कि ट्रेन के आगे बढ़ने के दौरान कपलिंग सिस्टम पर अचानक दबाव बढ़ने से यह घटना हुई हो सकती है। तकनीकी विशेषज्ञ अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या कपलर में पहले से कोई खामी थी या फिर परिचालन के दौरान किसी वजह से उस पर अत्यधिक तनाव पड़ा।
शनिवार सुबह हुई इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि नियमित निरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाती है और इस मामले में भी सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। रेलवे प्रशासन का दावा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और घटना से जुड़े हर तथ्य की जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
राहत की बात यह है कि समय रहते स्थिति नियंत्रण में आ गई और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। रेलवे और पुलिस की संयुक्त जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना केवल तकनीकी खराबी का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी मौजूद था।
