मालवीय नगर अग्निकांड: 21 मौतों के पीछे क्या वजह? 19 घायलों की हालत अब भी गंभीर

दिल्ली

दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गुरुवार सुबह भी इलाके में सन्नाटा और बेचैनी का माहौल बना रहा। जिस इमारत में आग लगी, वहां अब सिर्फ जली हुई दीवारें, टूटे शीशे और बचाव अभियान के निशान दिखाई दे रहे हैं। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि घायल हुए लोगों में से 19 की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। शुरुआती जांच के कई घंटे गुजर जाने के बाद भी यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर आग इतनी तेजी से कैसे फैली और इतने लोगों की जान कैसे चली गई।

यह हादसा दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे बेड-एंड-ब्रेकफास्ट होटल में हुआ। अधिकारियों के मुताबिक यह बिल्डिंग हौज रानी गांव के लाल डोरा क्षेत्र में बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि बुधवार को आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में हालात बेकाबू हो गए। अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। मरने वालों में 11 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई थी और बचाव दल को भी अंदर पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जिस इमारत में आग लगी, उसका इस्तेमाल कमर्शियल तौर पर किया जा रहा था लेकिन वहां कई स्तर पर नियमों के उल्लंघन की बात सामने आ रही है। अधिकारियों ने बताया कि बेड-एंड-ब्रेकफास्ट सुविधा चलाने की अनुमति केवल छह कमरों के लिए थी, लेकिन मौके पर करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। बताया जा रहा है कि इमारत का दोबारा निर्माण करीब 2012-13 के दौरान किया गया था, लेकिन उसके पास स्वीकृत बिल्डिंग प्लान और मंजूर लेआउट नहीं था। फिलहाल जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस हादसे की बड़ी वजह बनी।

मालवीय नगर अग्निकांड के बाद अब प्रशासन भी एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। दिल्ली नगर निगम ने दक्षिण जोन में अवैध व्यावसायिक इमारतों के खिलाफ अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार इलाके का सर्वे शुरू हो चुका है और जिन संपत्तियों में नियमों का उल्लंघन मिलेगा, उन्हें अगले 48 घंटे के भीतर सील किया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि लाल डोरा क्षेत्र होने की वजह से कई जगह निर्माण और व्यावसायिक उपयोग बिना स्पष्ट अनुमतियों के चल रहा था, जिसकी अब व्यापक जांच की जाएगी।

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04 Jun 2026 By दैनिक जागरण

मालवीय नगर अग्निकांड: 21 मौतों के पीछे क्या वजह? 19 घायलों की हालत अब भी गंभीर

दिल्ली

दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गुरुवार सुबह भी इलाके में सन्नाटा और बेचैनी का माहौल बना रहा। जिस इमारत में आग लगी, वहां अब सिर्फ जली हुई दीवारें, टूटे शीशे और बचाव अभियान के निशान दिखाई दे रहे हैं। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि घायल हुए लोगों में से 19 की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। शुरुआती जांच के कई घंटे गुजर जाने के बाद भी यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर आग इतनी तेजी से कैसे फैली और इतने लोगों की जान कैसे चली गई।

यह हादसा दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे बेड-एंड-ब्रेकफास्ट होटल में हुआ। अधिकारियों के मुताबिक यह बिल्डिंग हौज रानी गांव के लाल डोरा क्षेत्र में बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि बुधवार को आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में हालात बेकाबू हो गए। अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। मरने वालों में 11 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई थी और बचाव दल को भी अंदर पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जिस इमारत में आग लगी, उसका इस्तेमाल कमर्शियल तौर पर किया जा रहा था लेकिन वहां कई स्तर पर नियमों के उल्लंघन की बात सामने आ रही है। अधिकारियों ने बताया कि बेड-एंड-ब्रेकफास्ट सुविधा चलाने की अनुमति केवल छह कमरों के लिए थी, लेकिन मौके पर करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। बताया जा रहा है कि इमारत का दोबारा निर्माण करीब 2012-13 के दौरान किया गया था, लेकिन उसके पास स्वीकृत बिल्डिंग प्लान और मंजूर लेआउट नहीं था। फिलहाल जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस हादसे की बड़ी वजह बनी।

मालवीय नगर अग्निकांड के बाद अब प्रशासन भी एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। दिल्ली नगर निगम ने दक्षिण जोन में अवैध व्यावसायिक इमारतों के खिलाफ अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार इलाके का सर्वे शुरू हो चुका है और जिन संपत्तियों में नियमों का उल्लंघन मिलेगा, उन्हें अगले 48 घंटे के भीतर सील किया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि लाल डोरा क्षेत्र होने की वजह से कई जगह निर्माण और व्यावसायिक उपयोग बिना स्पष्ट अनुमतियों के चल रहा था, जिसकी अब व्यापक जांच की जाएगी।

https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/malviya-nagar-fire-incident-what-is-the-reason-behind-21/article-54933

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