- Hindi News
- टॉप न्यूज़
- PoK में भड़का विरोध, पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन तेज
PoK में भड़का विरोध, पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन तेज
Digital Desk
महंगाई और प्रशासनिक मुद्दों से शुरू हुआ प्रदर्शन अब राजनीतिक टकराव में बदला, हजारों लोग सड़कों पर
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और कई इलाकों में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। मंगलवार को रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों की संख्या में लोग जमा हुए और उन्होंने पाकिस्तान प्रशासन के खिलाफ खुलकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका क्षेत्र पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है और लंबे समय से उन्हें बुनियादी सुविधाओं, आर्थिक राहत और राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। भीड़ में शामिल लोगों का कहना था कि महंगाई और प्रशासनिक लापरवाही ने जीवन को मुश्किल बना दिया है और अब स्थिति असहनीय होती जा रही है। कई जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, जबकि स्थानीय लोगों के बीच नाराजगी और गहरी होती जा रही है।
यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (Jammu Kashmir Awami Action Committee) के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संगठन के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर (Shaukat Nawaz Mir) को उनके दो साथियों के साथ धीरकोट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान सरकार ने उनके बारे में जानकारी देने वाले के लिए 1 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की थी, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है। इसके साथ ही JAAC के 600 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग इलाकों से हिरासत में लिए जाने की खबरें हैं। कई जगहों पर छापेमारी और गिरफ्तारी के बाद स्थानीय स्तर पर गुस्सा फैल गया है और छोटे शहरों से लेकर कस्बों तक विरोध की लहर देखी जा रही है। सरकार पर आरोप है कि वह आंदोलन को दबाने के लिए सख्त कानूनों का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें आतंकवाद विरोधी धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए ये कदम जरूरी थे, लेकिन जमीनी स्तर पर तनाव कम होने की बजाय और बढ़ता दिख रहा है।
प्रदर्शन की शुरुआत भले ही महंगाई, खाद्य संकट और स्थानीय प्रशासनिक समस्याओं से हुई थी, लेकिन अब यह पूरी तरह राजनीतिक रूप ले चुका है और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ व्यापक असंतोष का रूप बन गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जरूरी सामान की सप्लाई बाधित की जा रही है और लोगों पर दबाव बनाने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगाई गई है, जिससे बाहरी दुनिया तक जानकारी नहीं पहुंच पा रही है। कई इलाकों में संचार व्यवस्था बाधित होने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि हाल के दिनों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में कुछ लोगों की मौतें हुई हैं, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी बीच राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है क्योंकि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक बयान में रावलकोट और मीरपुर के लोगों को लेकर टिप्पणी की गई थी, जिसके बाद विरोध और तेज हो गया। आने वाले दिनों में 27 जुलाई को विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल और बढ़ने की संभावना है। इस समय PoK में स्थिति बेहद अस्थिर बनी हुई है और हर तरफ अनिश्चितता का माहौल देखा जा रहा है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
PoK में भड़का विरोध, पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन तेज
Digital Desk
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और कई इलाकों में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। मंगलवार को रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों की संख्या में लोग जमा हुए और उन्होंने पाकिस्तान प्रशासन के खिलाफ खुलकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका क्षेत्र पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है और लंबे समय से उन्हें बुनियादी सुविधाओं, आर्थिक राहत और राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। भीड़ में शामिल लोगों का कहना था कि महंगाई और प्रशासनिक लापरवाही ने जीवन को मुश्किल बना दिया है और अब स्थिति असहनीय होती जा रही है। कई जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, जबकि स्थानीय लोगों के बीच नाराजगी और गहरी होती जा रही है।
यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (Jammu Kashmir Awami Action Committee) के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संगठन के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर (Shaukat Nawaz Mir) को उनके दो साथियों के साथ धीरकोट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान सरकार ने उनके बारे में जानकारी देने वाले के लिए 1 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की थी, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है। इसके साथ ही JAAC के 600 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग इलाकों से हिरासत में लिए जाने की खबरें हैं। कई जगहों पर छापेमारी और गिरफ्तारी के बाद स्थानीय स्तर पर गुस्सा फैल गया है और छोटे शहरों से लेकर कस्बों तक विरोध की लहर देखी जा रही है। सरकार पर आरोप है कि वह आंदोलन को दबाने के लिए सख्त कानूनों का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें आतंकवाद विरोधी धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए ये कदम जरूरी थे, लेकिन जमीनी स्तर पर तनाव कम होने की बजाय और बढ़ता दिख रहा है।
प्रदर्शन की शुरुआत भले ही महंगाई, खाद्य संकट और स्थानीय प्रशासनिक समस्याओं से हुई थी, लेकिन अब यह पूरी तरह राजनीतिक रूप ले चुका है और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ व्यापक असंतोष का रूप बन गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जरूरी सामान की सप्लाई बाधित की जा रही है और लोगों पर दबाव बनाने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगाई गई है, जिससे बाहरी दुनिया तक जानकारी नहीं पहुंच पा रही है। कई इलाकों में संचार व्यवस्था बाधित होने से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि हाल के दिनों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में कुछ लोगों की मौतें हुई हैं, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी बीच राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है क्योंकि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक बयान में रावलकोट और मीरपुर के लोगों को लेकर टिप्पणी की गई थी, जिसके बाद विरोध और तेज हो गया। आने वाले दिनों में 27 जुलाई को विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल और बढ़ने की संभावना है। इस समय PoK में स्थिति बेहद अस्थिर बनी हुई है और हर तरफ अनिश्चितता का माहौल देखा जा रहा है।
