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देश के कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट, मानसून बढ़ा आगे
Digital Desk
मौसम विभाग ने मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में लू का असर अभी बना रहेगा।
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विभाग की ओर से 10 जून 2026 को जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ रहा है और अगले चार से पांच दिनों के दौरान कई नए इलाकों में इसकी दस्तक हो सकती है। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्सों में मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई हैं। इसके साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
सुबह जारी पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर लगातार बना रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक व्यापक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी दर्ज हो सकती है। इन क्षेत्रों में पहले से नमी की मात्रा अधिक है, जिसके कारण वर्षा गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 12 जून को ओलावृष्टि की आशंका भी जताई है। वहीं तेज हवाओं की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय होता दिख रहा है। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में नमी और समुद्री हवाओं के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी। उधर उत्तर-पश्चिम भारत में तस्वीर थोड़ी अलग है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का असर बना हुआ है। विभाग के अनुसार 10 और 11 जून को इन इलाकों में हीट वेव की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 12 और 13 जून के दौरान उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में तेज आंधी, बिजली चमकने और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में केरल, कर्नाटक, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हैदराबाद में भी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश देखने को मिली। दूसरी तरफ राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा।
मानसून की वर्तमान रफ्तार सामान्य बनी हुई है और यदि परिस्थितियां इसी तरह अनुकूल रहीं तो अगले कुछ दिनों में मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। हालांकि भारी वर्षा वाले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले क्षेत्रों में स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और जलाशयों से दूर रहना चाहिए। किसानों को फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
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देश के कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट, मानसून बढ़ा आगे
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देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विभाग की ओर से 10 जून 2026 को जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ रहा है और अगले चार से पांच दिनों के दौरान कई नए इलाकों में इसकी दस्तक हो सकती है। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्सों में मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई हैं। इसके साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
सुबह जारी पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर लगातार बना रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक व्यापक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी दर्ज हो सकती है। इन क्षेत्रों में पहले से नमी की मात्रा अधिक है, जिसके कारण वर्षा गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 12 जून को ओलावृष्टि की आशंका भी जताई है। वहीं तेज हवाओं की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय होता दिख रहा है। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में नमी और समुद्री हवाओं के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी। उधर उत्तर-पश्चिम भारत में तस्वीर थोड़ी अलग है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का असर बना हुआ है। विभाग के अनुसार 10 और 11 जून को इन इलाकों में हीट वेव की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 12 और 13 जून के दौरान उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में तेज आंधी, बिजली चमकने और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में केरल, कर्नाटक, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हैदराबाद में भी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश देखने को मिली। दूसरी तरफ राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा।
मानसून की वर्तमान रफ्तार सामान्य बनी हुई है और यदि परिस्थितियां इसी तरह अनुकूल रहीं तो अगले कुछ दिनों में मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। हालांकि भारी वर्षा वाले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले क्षेत्रों में स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और जलाशयों से दूर रहना चाहिए। किसानों को फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
