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कुणाल खेमू और पिता के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत, मुंबई कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब
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फिल्म ‘ओवरटेक’ के लिए साइनिंग अमाउंट मिलने के बाद काम से इनकार करने का आरोप, प्रोड्यूसर ने किया कानूनी नोटिस
एक्टर कुणाल खेमू और उनके पिता रवि खेमू के खिलाफ धोखाधड़ी (फ्रॉड) का आरोप लगाते हुए दर्ज शिकायत पर मुंबई की अदालत ने अंबोली पुलिस से जवाब मांगा है। आरोप है कि कुणाल और उनके पिता ने एक फिल्म प्रोजेक्ट के लिए साइनिंग अमाउंट लिया, लेकिन बाद में फिल्म करने से इनकार कर दिया और अतिरिक्त पैसे की मांग करने लगे।
फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुजीत कुमार सी. तायडे ने 29 दिसंबर को मामले की सुनवाई के दौरान अंबोली पुलिस को इंडियन सिविल डिफेंस कोड की धारा 175(3) के तहत जवाब देने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि पुलिस को मामले की पूरी जानकारी कोर्ट में पेश करनी होगी।
यह विवाद 2024 में शुरू हुआ, जब फिल्म प्रोड्यूसर रवि दुर्गाप्रसाद अग्रवाल ने एडवोकेट वेदिका चौबे के जरिए शिकायत दर्ज कराई। प्रोड्यूसर ने बताया कि वह अपनी हिंदी फिल्म ‘ओवरटेक’ के लिए कुणाल खेमू को लीड रोल में लेना चाहते थे। कहानी और स्क्रिप्ट पसंद आने के बाद कुणाल ने फिल्म करने की सहमति दी थी।
बाद में बातचीत के दौरान प्रोड्यूसर ने कुणाल को 21 लाख रुपए साइनिंग अमाउंट के रूप में दिए। आरोप है कि इसके बाद कुणाल और उनके पिता ने फिल्म शुरू करने से इंकार कर दिया और अतिरिक्त फीस की मांग करने लगे। इससे फिल्म का निर्माण प्रभावित हुआ और प्रोड्यूसर को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
यह पहली बार नहीं है जब कुणाल और उनके पिता के खिलाफ ऐसी शिकायत दर्ज की गई हो। प्रोड्यूसर ने बताया कि साल 2014 में भी उन्होंने इस जोड़ी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन 2017 में मामला खारिज कर दिया गया था। 2024 में फिर से नई शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें पैसे लौटाने और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
अंबोली पुलिस अब इस मामले में अदालत को जवाब देगी और जांच रिपोर्ट पेश करेगी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस प्रोड्यूसर और आरोपियों दोनों से पूछताछ कर मामले की पुष्टि कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में ऐसी विवादित प्रोजेक्ट्स के मामले बढ़ रहे हैं, जिसमें साइनिंग अमाउंट मिलने के बावजूद कलाकारों के काम से इनकार करने की घटनाएं सामने आती हैं। कानूनी प्रक्रिया लंबी हो सकती है, लेकिन अदालत की नजर में सभी सबूत और डॉक्यूमेंट पेश करना आवश्यक होगा।
प्रोड्यूसर का कहना है कि उनका मकसद केवल आर्थिक नुकसान की भरपाई और फिल्म को सही समय पर रिलीज करना है। वहीं, कुणाल खेमू की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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