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PM पर अभद्र टिप्पणी से मचा सियासी और फिल्मी बवाल, भूमि ने लगाई फटकार; मुकेश खन्ना के बयान पर भी छिड़ी बहस
बालीवुड न्यूज़
NEET-UG 2026 पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी पर भूमि पेडनेकर ने जताई नाराजगी, मुकेश खन्ना की तीखी टिप्पणी भी चर्चा में।
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा अब नए विवाद का कारण बन गई है। प्रदर्शन के दौरान सामने आए कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिनमें प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का दावा किया गया। इन वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ फिल्म जगत की कई हस्तियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने इस तरह की भाषा पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया, जबकि अभिनेता मुकेश खन्ना के तीखे बयान ने भी बहस को और तेज कर दिया।
भूमि पेडनेकर ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध दर्ज कराने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर असहमति व्यक्त की जा सकती है, लेकिन देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं कहा जा सकता।
भूमि ने अपने संदेश में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो देखकर उन्हें दुख हुआ। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा सम्मान और संवाद की रही है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी आवाज बुलंद जरूर करें, लेकिन ऐसी भाषा का इस्तेमाल न करें जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक मर्यादा को ठेस पहुंचे। उनके अनुसार किसी भी आंदोलन की ताकत उसके मुद्दों में होती है, न कि इस्तेमाल की जाने वाली आपत्तिजनक भाषा में।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि परिवार और समाज में जिस तरह बड़ों के प्रति सम्मान की भावना सिखाई जाती है, उसी तरह सार्वजनिक जीवन में भी मर्यादित संवाद बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से संयम बरतने और अपने विरोध को सकारात्मक एवं जिम्मेदार तरीके से रखने की सलाह दी।
इस पूरे विवाद पर अभिनेता मुकेश खन्ना की प्रतिक्रिया भी काफी चर्चा में रही। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रदर्शनकारियों की कड़ी आलोचना की। अपने बयान में उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारियों के लिए बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया और आरोप लगाया कि इस तरह के विरोध प्रदर्शनों के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि असली छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल कर कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
मुकेश खन्ना ने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी गैर-जिम्मेदार गतिविधि में शामिल होने से उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में हर गतिविधि का रिकॉर्ड रहता है और भविष्य में नौकरी, करियर या विदेश यात्रा के दौरान ऐसे मामलों का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, उनके बयान में प्रदर्शनकारियों के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि कुछ यूजर्स ने उनकी भाषा पर भी सवाल उठाए।
इस मामले में सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया देते हुए सार्वजनिक जीवन में गरिमापूर्ण भाषा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा नहीं माना जा सकता।
पूरा विवाद NEET-UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले से शुरू हुआ। परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद कई छात्र संगठन और विभिन्न राजनीतिक समूह लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनों में प्रधानमंत्री और अन्य सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगाए गए, जिसके बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी बहस जारी है। एक पक्ष का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की भाषा पूरे आंदोलन की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि दूसरा पक्ष मानता है कि मूल मुद्दा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, जिस पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।
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PM पर अभद्र टिप्पणी से मचा सियासी और फिल्मी बवाल, भूमि ने लगाई फटकार; मुकेश खन्ना के बयान पर भी छिड़ी बहस
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NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा अब नए विवाद का कारण बन गई है। प्रदर्शन के दौरान सामने आए कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिनमें प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का दावा किया गया। इन वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ फिल्म जगत की कई हस्तियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने इस तरह की भाषा पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया, जबकि अभिनेता मुकेश खन्ना के तीखे बयान ने भी बहस को और तेज कर दिया।
भूमि पेडनेकर ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध दर्ज कराने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर असहमति व्यक्त की जा सकती है, लेकिन देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं कहा जा सकता।
भूमि ने अपने संदेश में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो देखकर उन्हें दुख हुआ। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा सम्मान और संवाद की रही है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी आवाज बुलंद जरूर करें, लेकिन ऐसी भाषा का इस्तेमाल न करें जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक मर्यादा को ठेस पहुंचे। उनके अनुसार किसी भी आंदोलन की ताकत उसके मुद्दों में होती है, न कि इस्तेमाल की जाने वाली आपत्तिजनक भाषा में।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि परिवार और समाज में जिस तरह बड़ों के प्रति सम्मान की भावना सिखाई जाती है, उसी तरह सार्वजनिक जीवन में भी मर्यादित संवाद बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से संयम बरतने और अपने विरोध को सकारात्मक एवं जिम्मेदार तरीके से रखने की सलाह दी।
इस पूरे विवाद पर अभिनेता मुकेश खन्ना की प्रतिक्रिया भी काफी चर्चा में रही। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रदर्शनकारियों की कड़ी आलोचना की। अपने बयान में उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारियों के लिए बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया और आरोप लगाया कि इस तरह के विरोध प्रदर्शनों के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि असली छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल कर कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
मुकेश खन्ना ने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी गैर-जिम्मेदार गतिविधि में शामिल होने से उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में हर गतिविधि का रिकॉर्ड रहता है और भविष्य में नौकरी, करियर या विदेश यात्रा के दौरान ऐसे मामलों का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, उनके बयान में प्रदर्शनकारियों के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया, जबकि कुछ यूजर्स ने उनकी भाषा पर भी सवाल उठाए।
इस मामले में सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया देते हुए सार्वजनिक जीवन में गरिमापूर्ण भाषा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा नहीं माना जा सकता।
पूरा विवाद NEET-UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले से शुरू हुआ। परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद कई छात्र संगठन और विभिन्न राजनीतिक समूह लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनों में प्रधानमंत्री और अन्य सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक नारे लगाए गए, जिसके बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी बहस जारी है। एक पक्ष का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की भाषा पूरे आंदोलन की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि दूसरा पक्ष मानता है कि मूल मुद्दा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, जिस पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।
