- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- विंध्य/रीवा
- राशन दुकानों में सेंध लगाने वाला अंतरराज्यीय चोर गिरोह बेनकाब, पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में दो आर...
राशन दुकानों में सेंध लगाने वाला अंतरराज्यीय चोर गिरोह बेनकाब, पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्तार
रीवा,(म.प्र.)
सीधी जिले के बहरी थाना क्षेत्र में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में लगातार हो रही चोरी का खुलासा, डीसीएम वाहन जब्त, कई जिलों में दर्ज मिले आपराधिक मामले, फरार आरोपियों की तलाश जारी।
सीधी जिले में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बहरी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चोरी की वारदातों में इस्तेमाल किया गया डीसीएम वाहन भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह मध्यप्रदेश के कई जिलों के अलावा अन्य राज्यों में भी सक्रिय था और लंबे समय से सरकारी राशन दुकानों को निशाना बना रहा था।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी तथा उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में बहरी थाना पुलिस ने अंजाम दी। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस के अनुसार, बहरी थाना क्षेत्र के ग्राम मायापुर स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान में रात के समय अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर बड़ी मात्रा में गेहूं और चावल चोरी कर लिया था। सरकारी राशन की चोरी की इस घटना ने प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए चुनौती खड़ी कर दी थी। घटना सामने आने के बाद तत्काल विशेष जांच दल का गठन किया गया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध डीसीएम वाहन दिखाई दिया, जिसका नंबर यूपी 96 टी-5039 था। इसी वाहन के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और वाहन के पूर्व स्वामी तक पहुंची। पूछताछ में पता चला कि वाहन को रीवा जिले के निवासी राजबहोर साकेत को बेच दिया गया था।
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए राजबहोर साकेत को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने चोरी की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों संतोष पटेल, अमर पटेल और अन्य लोगों के साथ मिलकर मायापुर स्थित राशन दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
राजबहोर की निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपियों में शामिल अमर पटेल को रीवा जिले के ढेकहा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में अमर पटेल ने भी कई अहम खुलासे किए। उसने स्वीकार किया कि मायापुर के अलावा बहरी थाना क्षेत्र के पड़रिया, तरका और खोचीपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में भी उसी गिरोह ने चोरी की थी।
पुलिस ने जब आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि दोनों आरोपियों के खिलाफ रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, शहडोल और मैहर सहित कई जिलों के विभिन्न थानों में चोरी के अनेक मामले दर्ज हैं। इससे यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई साधारण चोरी का मामला नहीं, बल्कि संगठित और अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय गिरोह का नेटवर्क है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। पहले ऐसे क्षेत्रों की रेकी की जाती थी जहां सरकारी राशन का भंडारण होता था। इसके बाद रात के समय दुकान का ताला तोड़कर बड़ी मात्रा में अनाज डीसीएम वाहन में भरकर फरार हो जाते थे। चोरी के बाद वाहन और आरोपियों का ठिकाना बदल दिया जाता था ताकि पुलिस आसानी से उन तक न पहुंच सके। इस मामले में पुलिस ने चोरी में प्रयुक्त डीसीएम वाहन भी जब्त कर लिया है। वाहन को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए उसकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे गिरोह की अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
राशन दुकानों में सेंध लगाने वाला अंतरराज्यीय चोर गिरोह बेनकाब, पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्तार
रीवा,(म.प्र.)
सीधी जिले में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बहरी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चोरी की वारदातों में इस्तेमाल किया गया डीसीएम वाहन भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह मध्यप्रदेश के कई जिलों के अलावा अन्य राज्यों में भी सक्रिय था और लंबे समय से सरकारी राशन दुकानों को निशाना बना रहा था।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी तथा उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में बहरी थाना पुलिस ने अंजाम दी। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस के अनुसार, बहरी थाना क्षेत्र के ग्राम मायापुर स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान में रात के समय अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर बड़ी मात्रा में गेहूं और चावल चोरी कर लिया था। सरकारी राशन की चोरी की इस घटना ने प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए चुनौती खड़ी कर दी थी। घटना सामने आने के बाद तत्काल विशेष जांच दल का गठन किया गया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध डीसीएम वाहन दिखाई दिया, जिसका नंबर यूपी 96 टी-5039 था। इसी वाहन के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और वाहन के पूर्व स्वामी तक पहुंची। पूछताछ में पता चला कि वाहन को रीवा जिले के निवासी राजबहोर साकेत को बेच दिया गया था।
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए राजबहोर साकेत को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने चोरी की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों संतोष पटेल, अमर पटेल और अन्य लोगों के साथ मिलकर मायापुर स्थित राशन दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
राजबहोर की निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपियों में शामिल अमर पटेल को रीवा जिले के ढेकहा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में अमर पटेल ने भी कई अहम खुलासे किए। उसने स्वीकार किया कि मायापुर के अलावा बहरी थाना क्षेत्र के पड़रिया, तरका और खोचीपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में भी उसी गिरोह ने चोरी की थी।
पुलिस ने जब आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि दोनों आरोपियों के खिलाफ रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, शहडोल और मैहर सहित कई जिलों के विभिन्न थानों में चोरी के अनेक मामले दर्ज हैं। इससे यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई साधारण चोरी का मामला नहीं, बल्कि संगठित और अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय गिरोह का नेटवर्क है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। पहले ऐसे क्षेत्रों की रेकी की जाती थी जहां सरकारी राशन का भंडारण होता था। इसके बाद रात के समय दुकान का ताला तोड़कर बड़ी मात्रा में अनाज डीसीएम वाहन में भरकर फरार हो जाते थे। चोरी के बाद वाहन और आरोपियों का ठिकाना बदल दिया जाता था ताकि पुलिस आसानी से उन तक न पहुंच सके। इस मामले में पुलिस ने चोरी में प्रयुक्त डीसीएम वाहन भी जब्त कर लिया है। वाहन को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए उसकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे गिरोह की अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
