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7 साल रिसर्च के बाद बनी इस फिल्म ने मचाया था तहलका, IMDb पर 8.1 रेटिंग, आज भी लोगों की फेवरेट
बॉलीवुड डेस्क
आमिर खान की सरफरोश 1999 में रिलीज हुई थी। 8 करोड़ में बनी इस फिल्म ने 33 करोड़ कमाए और आज भी दर्शकों की पसंद बनी हुई है।
बॉक्स ऑफिस पर हाल के वर्षों में देशभक्ति और एक्शन फिल्मों का दौर फिर तेज हुआ है। आदित्य धर की ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधरः द रिवेंज’ जैसी फिल्मों की सफलता के बीच अब एक बार फिर 90 के दशक की उस फिल्म की चर्चा हो रही है, जिसे आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे दमदार देशभक्ति फिल्मों में गिना जाता है। यहां बात हो रही है Sarfarosh की, जो 30 अप्रैल 1999 को रिलीज हुई थी। खास बात यह रही कि फिल्म कारगिल युद्ध शुरू होने से ठीक पहले सिनेमाघरों में आई और उस दौर के माहौल से इसकी कहानी काफी हद तक जुड़ी हुई महसूस हुई। रिलीज के बाद फिल्म ने दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई और आज भी टीवी पर आते ही लोग इसे देखना पसंद करते हैं।
उस समय बॉलीवुड में पाकिस्तान को लेकर इतनी सीधी भाषा में फिल्में कम बनती थीं, लेकिन ‘सरफरोश’ ने यह जोखिम उठाया। फिल्म में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और सीमा पार हथियार तस्करी जैसे मुद्दों को खुलकर दिखाया गया था। बताया जाता है कि सेंसर बोर्ड ने कुछ शब्दों और संवादों पर आपत्ति भी जताई थी, लेकिन मेकर्स अपने फैसले पर कायम रहे। यही वजह रही कि फिल्म रिलीज के बाद चर्चा में आ गई। कुछ महीनों बाद ही भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध शुरू हो गया, जिसे ऑपरेशन विजय के नाम से जाना गया। उस दौर में फिल्म के कई डायलॉग और सीन लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुए थे। खासकर फिल्म का क्लाइमेक्स और विलेन का किरदार आज भी याद किया जाता है।
Aamir Khan ने फिल्म में आईपीएस अधिकारी अजय सिंह राठौड़ का किरदार निभाया था। कहानी एक ऐसे पुलिस अफसर की थी, जो अपने परिवार पर हुए आतंकी हमले के बाद आतंकवादियों और हथियार तस्करों के नेटवर्क को खत्म करने में जुट जाता है। वहीं Naseeruddin Shah ने पाकिस्तानी गजल गायक गलफाम हसन का रोल निभाया था, जो बाद में आईएसआई से जुड़ा निकलता है। Sonali Bendre और Mukesh Rishi भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म की कहानी के साथ इसके गानों को भी काफी पसंद किया गया। उस दौर में रिलीज हुए “होश वालों को खबर क्या” और “जो हाल दिल का” जैसे गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा बने हुए हैं।
फिल्म का निर्देशन John Matthew Matthan ने किया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इसकी स्क्रिप्ट पर काम 1992 में ही शुरू हो गया था। मेकर्स ने रिसर्च आधारित कहानी तैयार करने का फैसला लिया और इसी वजह से फिल्म बनने में करीब 7 साल का समय लग गया। उस समय करीब 8 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 33 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जो उस दौर के हिसाब से बड़ी सफलता मानी गई। फिल्म को नेशनल अवॉर्ड समेत कई पुरस्कार भी मिले। आज भी Sarfarosh को हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली देशभक्ति फिल्मों में गिना जाता है। आईएमडीबी पर फिल्म की 8.1 रेटिंग इसकी लोकप्रियता को दिखाती है।
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7 साल रिसर्च के बाद बनी इस फिल्म ने मचाया था तहलका, IMDb पर 8.1 रेटिंग, आज भी लोगों की फेवरेट
बॉलीवुड डेस्क
बॉक्स ऑफिस पर हाल के वर्षों में देशभक्ति और एक्शन फिल्मों का दौर फिर तेज हुआ है। आदित्य धर की ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधरः द रिवेंज’ जैसी फिल्मों की सफलता के बीच अब एक बार फिर 90 के दशक की उस फिल्म की चर्चा हो रही है, जिसे आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे दमदार देशभक्ति फिल्मों में गिना जाता है। यहां बात हो रही है Sarfarosh की, जो 30 अप्रैल 1999 को रिलीज हुई थी। खास बात यह रही कि फिल्म कारगिल युद्ध शुरू होने से ठीक पहले सिनेमाघरों में आई और उस दौर के माहौल से इसकी कहानी काफी हद तक जुड़ी हुई महसूस हुई। रिलीज के बाद फिल्म ने दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई और आज भी टीवी पर आते ही लोग इसे देखना पसंद करते हैं।
उस समय बॉलीवुड में पाकिस्तान को लेकर इतनी सीधी भाषा में फिल्में कम बनती थीं, लेकिन ‘सरफरोश’ ने यह जोखिम उठाया। फिल्म में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और सीमा पार हथियार तस्करी जैसे मुद्दों को खुलकर दिखाया गया था। बताया जाता है कि सेंसर बोर्ड ने कुछ शब्दों और संवादों पर आपत्ति भी जताई थी, लेकिन मेकर्स अपने फैसले पर कायम रहे। यही वजह रही कि फिल्म रिलीज के बाद चर्चा में आ गई। कुछ महीनों बाद ही भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध शुरू हो गया, जिसे ऑपरेशन विजय के नाम से जाना गया। उस दौर में फिल्म के कई डायलॉग और सीन लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुए थे। खासकर फिल्म का क्लाइमेक्स और विलेन का किरदार आज भी याद किया जाता है।
Aamir Khan ने फिल्म में आईपीएस अधिकारी अजय सिंह राठौड़ का किरदार निभाया था। कहानी एक ऐसे पुलिस अफसर की थी, जो अपने परिवार पर हुए आतंकी हमले के बाद आतंकवादियों और हथियार तस्करों के नेटवर्क को खत्म करने में जुट जाता है। वहीं Naseeruddin Shah ने पाकिस्तानी गजल गायक गलफाम हसन का रोल निभाया था, जो बाद में आईएसआई से जुड़ा निकलता है। Sonali Bendre और Mukesh Rishi भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म की कहानी के साथ इसके गानों को भी काफी पसंद किया गया। उस दौर में रिलीज हुए “होश वालों को खबर क्या” और “जो हाल दिल का” जैसे गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा बने हुए हैं।
फिल्म का निर्देशन John Matthew Matthan ने किया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इसकी स्क्रिप्ट पर काम 1992 में ही शुरू हो गया था। मेकर्स ने रिसर्च आधारित कहानी तैयार करने का फैसला लिया और इसी वजह से फिल्म बनने में करीब 7 साल का समय लग गया। उस समय करीब 8 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 33 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जो उस दौर के हिसाब से बड़ी सफलता मानी गई। फिल्म को नेशनल अवॉर्ड समेत कई पुरस्कार भी मिले। आज भी Sarfarosh को हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली देशभक्ति फिल्मों में गिना जाता है। आईएमडीबी पर फिल्म की 8.1 रेटिंग इसकी लोकप्रियता को दिखाती है।
