शहनाज़ गिल की ‘इश्कनामा’ के ट्रेलर ने बढ़ाई हलचल: पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर से जुड़े वायरल प्रदर्शनों को मेकर्स ने बताया बेबुनियाद

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भारत-पाक सीमा पर सच्ची प्रेम कहानी से प्रेरित फिल्म 24 जुलाई को होगी रिलीज, शहनाज गिल और जय रंधावा मुख्य भूमिका में

शहनाज गिल और जय रंधावा की पंजाबी फिल्म ‘इश्कनामा’ रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई है। फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद इसकी भावुक प्रेम कहानी और भारत-पाकिस्तान की सीमा से जुड़ी पृष्ठभूमि ने दर्शकों का ध्यान खींचा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर फिल्म के प्रमोशन को लेकर कुछ ऐसे दावे वायरल होने लगे, जिनमें एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का जिक्र किया गया। इन दावों को फिल्म से जुड़े लोगों ने खारिज करते हुए कहा है कि वायरल हो रही कहानी का फिल्म की आधिकारिक प्रमोशनल रणनीति से कोई संबंध नहीं है। फिल्म को 24 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है।

ट्रेलर रिलीज होने के कुछ समय बाद सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर पोस्ट वायरल होने लगीं। इनमें दावा किया गया कि फिल्म को चर्चा में लाने के लिए जानबूझकर एक पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर से जुड़ी कहानी तैयार की गई। देखते ही देखते इन पोस्ट को बड़ी संख्या में शेयर किया जाने लगा और फिल्म के प्रमोशन को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है।

फिल्म से जुड़े लोगों ने इस तरह की चर्चाओं से दूरी बनाई है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर जिस कथित प्रमोशनल कहानी को फिल्म से जोड़ा जा रहा है, वह आधिकारिक प्रचार अभियान का हिस्सा नहीं है। मेकर्स की ओर से संबंधित पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर के साथ किसी आधिकारिक सहयोग या प्रमोशनल कैंपेन की घोषणा भी नहीं की गई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे दावों और फिल्म के वास्तविक प्रचार अभियान के बीच कोई प्रमाणित संबंध सामने नहीं आया है।

‘इश्कनामा’ का निर्देशन अरविंदर एस. खैरा ने किया है। पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में कई चर्चित म्यूजिक वीडियो से पहचान बनाने वाले खैरा ने इस बार एक पीरियड रोमांटिक ड्रामा को बड़े पर्दे पर उतारा है। फिल्म की कहानी भारत और पाकिस्तान के बीच बंटी पंजाब की जमीन पर विकसित होने वाली एक प्रेम कहानी के इर्द-गिर्द घूमती है।

फिल्म को निम्मा और नसीमा की वास्तविक जिंदगी से प्रेरित कहानी बताया गया है। इसकी कथा ‘हिंद पाक बॉर्डरनामा’ नाम की किताब से रूपांतरित की गई है। कहानी का समय 1981 से 1988 के बीच रखा गया है। यह वह दौर था जब विभाजन को कई दशक गुजर चुके थे, लेकिन दोनों तरफ रहने वाले परिवारों और समुदायों के जीवन पर उसकी यादों और राजनीतिक तनाव का प्रभाव अब भी गहरा था।

फिल्म में जय रंधावा निम्मा का किरदार निभा रहे हैं। निम्मा भारतीय पंजाब का एक युवा सिख कवि है, जिसकी जिंदगी सीमा के दूसरी तरफ रहने वाली नसीमा से जुड़ जाती है। शहनाज गिल नसीमा की भूमिका में हैं, जो पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली एक मुस्लिम युवती है। दोनों के बीच पनपने वाला रिश्ता केवल दो लोगों की प्रेम कहानी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनके सामने सरहद, धर्म, परिवार और राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़ी कई मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं।

ट्रेलर में कहानी के रोमांटिक हिस्से के साथ उसके संघर्ष को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। निम्मा और नसीमा एक-दूसरे के करीब आते हैं, लेकिन उनके बीच मौजूद अंतरराष्ट्रीय सीमा उनके रिश्ते की सबसे बड़ी बाधाओं में बदल जाती है। पारिवारिक दबाव और सामाजिक परिस्थितियां भी उनकी कहानी को मुश्किल बनाती दिखाई देती हैं। ट्रेलर में प्रेम के साथ बिछड़ने का डर और सरहद की मजबूरियों को भावनात्मक तरीके से पेश करने की कोशिश की गई है।

शहनाज गिल के लिए ‘इश्कनामा’ उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल मानी जा रही है। पंजाब के मनोरंजन जगत से अपने करियर की शुरुआत करने वाली शहनाज ने रियलिटी टेलीविजन से राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी काम किया। अब वह एक बार फिर बड़े स्तर की पंजाबी फिल्म के जरिए दर्शकों के बीच पहुंच रही हैं।

फिल्म में उनका नसीमा का किरदार उनकी पिछली भूमिकाओं से अलग बताया जा रहा है। यहां वह एक ऐसी महिला की भूमिका में हैं, जिसकी व्यक्तिगत इच्छाएं उस समय की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों से टकराती हैं। ट्रेलर लॉन्च के दौरान शहनाज ने भी इस भूमिका को अपने लिए खास और भावनात्मक अनुभव बताया। पीरियड सेटिंग के कारण उनके किरदार के लुक, कॉस्ट्यूम और संवादों में भी उस दौर की झलक देने की कोशिश की गई है।

जय रंधावा के किरदार निम्मा को एक संवेदनशील कवि के रूप में पेश किया गया है। उसकी जिंदगी में प्रेम आने के बाद कहानी व्यक्तिगत भावनाओं से निकलकर भारत-पाकिस्तान के रिश्तों और सीमा पर रहने वाले लोगों की परिस्थितियों से जुड़ती जाती है। जय और शहनाज की जोड़ी पहली बार इस तरह की ऐतिहासिक और भावनात्मक पृष्ठभूमि वाली कहानी में साथ दिखाई दे रही है।

फिल्म में अभिनेता सौरभ सचदेवा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गंभीर और प्रभावशाली किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले सौरभ की मौजूदगी कहानी के संघर्ष वाले हिस्से को मजबूत करती दिखाई देती है। हालांकि ट्रेलर में उनके किरदार से जुड़ी पूरी जानकारी सामने नहीं रखी गई है, जिससे फिल्म में उनकी भूमिका को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बनी हुई है।

निर्देशक अरविंदर एस. खैरा के मुताबिक, इस कहानी का दायरा इतना बड़ा था कि इसे केवल एक म्यूजिक वीडियो या छोटी प्रस्तुति में समेटना संभव नहीं था। पंजाबी संगीत जगत में लंबे समय तक काम करने के बाद उन्होंने इस कहानी को फीचर फिल्म के रूप में प्रस्तुत करने का फैसला किया। फिल्म में रोमांस के साथ उस दौर की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को भी कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

‘इश्कनामा’ की खासियत इसकी 1980 के दशक की पृष्ठभूमि भी है। मेकर्स ने उस समय के पंजाब का माहौल पर्दे पर तैयार करने के लिए लोकेशन, वेशभूषा और प्रोडक्शन डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया है। कहानी भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़ी होने के कारण सरहद केवल बैकग्राउंड नहीं, बल्कि कथानक का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती दिखाई देती है।

भारत और पाकिस्तान के विभाजन तथा उसके बाद सरहद के दोनों तरफ रह गए लोगों की कहानियां पहले भी भारतीय सिनेमा का हिस्सा रही हैं। ‘इश्कनामा’ इसी विषय को 1980 के दशक की एक प्रेम कहानी के जरिए देखने की कोशिश करती है। इसमें विभाजन के दशकों बाद भी दोनों देशों के लोगों के निजी रिश्तों पर राजनीतिक सीमाओं के असर को दिखाया गया है।

फिल्म के ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ दर्शकों ने शहनाज और जय की जोड़ी को पसंद किया है, जबकि कई लोगों का ध्यान फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और पीरियड लुक ने खींचा। भावनात्मक संगीत और सीमा के दोनों तरफ विकसित होती प्रेम कहानी को भी ट्रेलर के प्रमुख आकर्षणों में गिना जा रहा है।

इसी चर्चा के बीच पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर से जुड़ी कथित कहानी ने फिल्म को अलग कारणों से सुर्खियों में ला दिया। वायरल पोस्ट में जिस तरह फिल्म के प्रचार को एक सोशल मीडिया नैरेटिव से जोड़ने की कोशिश की गई, उससे दर्शकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी। फिल्म से जुड़े पक्ष ने स्पष्ट किया कि आधिकारिक प्रचार केवल घोषित प्लेटफॉर्म और अधिकृत सामग्री के जरिए किया जा रहा है।

यह मामला सोशल मीडिया के दौर में फिल्म प्रमोशन से जुड़ी एक बड़ी चुनौती को भी सामने लाता है। किसी बड़ी फिल्म के ट्रेलर या गाने के रिलीज होते ही उससे जुड़े अनौपचारिक दावे तेजी से वायरल हो सकते हैं। कई बार दर्शकों के लिए यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि कौन-सी सामग्री निर्माताओं के आधिकारिक अभियान का हिस्सा है और कौन-सी किसी स्वतंत्र सोशल मीडिया अकाउंट की ओर से फैलाई गई जानकारी है।

फिलहाल ‘इश्कनामा’ की टीम फिल्म के आधिकारिक ट्रेलर, गानों और कलाकारों से जुड़े प्रमोशनल कार्यक्रमों के जरिए दर्शकों तक पहुंच रही है। रिलीज की तारीख नजदीक आने के साथ शहनाज गिल और जय रंधावा के प्रमोशनल कार्यक्रम भी फिल्म की चर्चा को आगे बढ़ा रहे हैं।

शहनाज के लिए यह फिल्म पंजाबी सिनेमा में उनकी मौजूदगी को नए स्तर पर ले जाने वाला प्रोजेक्ट हो सकती है। हिंदी फिल्मों और मनोरंजन जगत में पहचान बनाने के बाद उनका इस तरह के गंभीर पीरियड रोमांस में दिखाई देना उनके अभिनय करियर के लिए एक अलग प्रयोग है। नसीमा के किरदार में उन्हें रोमांस के साथ भावनात्मक संघर्ष को भी पर्दे पर उतारना है।

फिल्म को भारत के साथ विदेशी बाजारों में भी रिलीज करने की तैयारी है। पंजाबी फिल्मों के लिए कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में बड़ा दर्शक वर्ग मौजूद है। शहनाज गिल की अंतरराष्ट्रीय फैन फॉलोइंग को देखते हुए फिल्म से ओवरसीज मार्केट में भी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। 24 जुलाई को सिनेमाघरों में आने वाली ‘इश्कनामा’ की कहानी का केंद्र निम्मा और नसीमा का वह रिश्ता होगा, जिसके बीच प्यार के साथ धर्म, परिवार, इतिहास और भारत-पाकिस्तान की सरहद खड़ी दिखाई देगी।

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19 Jul 2026 By Priyanka

शहनाज़ गिल की ‘इश्कनामा’ के ट्रेलर ने बढ़ाई हलचल: पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर से जुड़े वायरल प्रदर्शनों को मेकर्स ने बताया बेबुनियाद

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शहनाज गिल और जय रंधावा की पंजाबी फिल्म ‘इश्कनामा’ रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई है। फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद इसकी भावुक प्रेम कहानी और भारत-पाकिस्तान की सीमा से जुड़ी पृष्ठभूमि ने दर्शकों का ध्यान खींचा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर फिल्म के प्रमोशन को लेकर कुछ ऐसे दावे वायरल होने लगे, जिनमें एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का जिक्र किया गया। इन दावों को फिल्म से जुड़े लोगों ने खारिज करते हुए कहा है कि वायरल हो रही कहानी का फिल्म की आधिकारिक प्रमोशनल रणनीति से कोई संबंध नहीं है। फिल्म को 24 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है।

ट्रेलर रिलीज होने के कुछ समय बाद सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर पोस्ट वायरल होने लगीं। इनमें दावा किया गया कि फिल्म को चर्चा में लाने के लिए जानबूझकर एक पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर से जुड़ी कहानी तैयार की गई। देखते ही देखते इन पोस्ट को बड़ी संख्या में शेयर किया जाने लगा और फिल्म के प्रमोशन को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है।

फिल्म से जुड़े लोगों ने इस तरह की चर्चाओं से दूरी बनाई है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर जिस कथित प्रमोशनल कहानी को फिल्म से जोड़ा जा रहा है, वह आधिकारिक प्रचार अभियान का हिस्सा नहीं है। मेकर्स की ओर से संबंधित पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर के साथ किसी आधिकारिक सहयोग या प्रमोशनल कैंपेन की घोषणा भी नहीं की गई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे दावों और फिल्म के वास्तविक प्रचार अभियान के बीच कोई प्रमाणित संबंध सामने नहीं आया है।

‘इश्कनामा’ का निर्देशन अरविंदर एस. खैरा ने किया है। पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में कई चर्चित म्यूजिक वीडियो से पहचान बनाने वाले खैरा ने इस बार एक पीरियड रोमांटिक ड्रामा को बड़े पर्दे पर उतारा है। फिल्म की कहानी भारत और पाकिस्तान के बीच बंटी पंजाब की जमीन पर विकसित होने वाली एक प्रेम कहानी के इर्द-गिर्द घूमती है।

फिल्म को निम्मा और नसीमा की वास्तविक जिंदगी से प्रेरित कहानी बताया गया है। इसकी कथा ‘हिंद पाक बॉर्डरनामा’ नाम की किताब से रूपांतरित की गई है। कहानी का समय 1981 से 1988 के बीच रखा गया है। यह वह दौर था जब विभाजन को कई दशक गुजर चुके थे, लेकिन दोनों तरफ रहने वाले परिवारों और समुदायों के जीवन पर उसकी यादों और राजनीतिक तनाव का प्रभाव अब भी गहरा था।

फिल्म में जय रंधावा निम्मा का किरदार निभा रहे हैं। निम्मा भारतीय पंजाब का एक युवा सिख कवि है, जिसकी जिंदगी सीमा के दूसरी तरफ रहने वाली नसीमा से जुड़ जाती है। शहनाज गिल नसीमा की भूमिका में हैं, जो पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली एक मुस्लिम युवती है। दोनों के बीच पनपने वाला रिश्ता केवल दो लोगों की प्रेम कहानी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनके सामने सरहद, धर्म, परिवार और राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़ी कई मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं।

ट्रेलर में कहानी के रोमांटिक हिस्से के साथ उसके संघर्ष को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। निम्मा और नसीमा एक-दूसरे के करीब आते हैं, लेकिन उनके बीच मौजूद अंतरराष्ट्रीय सीमा उनके रिश्ते की सबसे बड़ी बाधाओं में बदल जाती है। पारिवारिक दबाव और सामाजिक परिस्थितियां भी उनकी कहानी को मुश्किल बनाती दिखाई देती हैं। ट्रेलर में प्रेम के साथ बिछड़ने का डर और सरहद की मजबूरियों को भावनात्मक तरीके से पेश करने की कोशिश की गई है।

शहनाज गिल के लिए ‘इश्कनामा’ उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल मानी जा रही है। पंजाब के मनोरंजन जगत से अपने करियर की शुरुआत करने वाली शहनाज ने रियलिटी टेलीविजन से राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी काम किया। अब वह एक बार फिर बड़े स्तर की पंजाबी फिल्म के जरिए दर्शकों के बीच पहुंच रही हैं।

फिल्म में उनका नसीमा का किरदार उनकी पिछली भूमिकाओं से अलग बताया जा रहा है। यहां वह एक ऐसी महिला की भूमिका में हैं, जिसकी व्यक्तिगत इच्छाएं उस समय की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों से टकराती हैं। ट्रेलर लॉन्च के दौरान शहनाज ने भी इस भूमिका को अपने लिए खास और भावनात्मक अनुभव बताया। पीरियड सेटिंग के कारण उनके किरदार के लुक, कॉस्ट्यूम और संवादों में भी उस दौर की झलक देने की कोशिश की गई है।

जय रंधावा के किरदार निम्मा को एक संवेदनशील कवि के रूप में पेश किया गया है। उसकी जिंदगी में प्रेम आने के बाद कहानी व्यक्तिगत भावनाओं से निकलकर भारत-पाकिस्तान के रिश्तों और सीमा पर रहने वाले लोगों की परिस्थितियों से जुड़ती जाती है। जय और शहनाज की जोड़ी पहली बार इस तरह की ऐतिहासिक और भावनात्मक पृष्ठभूमि वाली कहानी में साथ दिखाई दे रही है।

फिल्म में अभिनेता सौरभ सचदेवा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गंभीर और प्रभावशाली किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले सौरभ की मौजूदगी कहानी के संघर्ष वाले हिस्से को मजबूत करती दिखाई देती है। हालांकि ट्रेलर में उनके किरदार से जुड़ी पूरी जानकारी सामने नहीं रखी गई है, जिससे फिल्म में उनकी भूमिका को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बनी हुई है।

निर्देशक अरविंदर एस. खैरा के मुताबिक, इस कहानी का दायरा इतना बड़ा था कि इसे केवल एक म्यूजिक वीडियो या छोटी प्रस्तुति में समेटना संभव नहीं था। पंजाबी संगीत जगत में लंबे समय तक काम करने के बाद उन्होंने इस कहानी को फीचर फिल्म के रूप में प्रस्तुत करने का फैसला किया। फिल्म में रोमांस के साथ उस दौर की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को भी कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

‘इश्कनामा’ की खासियत इसकी 1980 के दशक की पृष्ठभूमि भी है। मेकर्स ने उस समय के पंजाब का माहौल पर्दे पर तैयार करने के लिए लोकेशन, वेशभूषा और प्रोडक्शन डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया है। कहानी भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़ी होने के कारण सरहद केवल बैकग्राउंड नहीं, बल्कि कथानक का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती दिखाई देती है।

भारत और पाकिस्तान के विभाजन तथा उसके बाद सरहद के दोनों तरफ रह गए लोगों की कहानियां पहले भी भारतीय सिनेमा का हिस्सा रही हैं। ‘इश्कनामा’ इसी विषय को 1980 के दशक की एक प्रेम कहानी के जरिए देखने की कोशिश करती है। इसमें विभाजन के दशकों बाद भी दोनों देशों के लोगों के निजी रिश्तों पर राजनीतिक सीमाओं के असर को दिखाया गया है।

फिल्म के ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ दर्शकों ने शहनाज और जय की जोड़ी को पसंद किया है, जबकि कई लोगों का ध्यान फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और पीरियड लुक ने खींचा। भावनात्मक संगीत और सीमा के दोनों तरफ विकसित होती प्रेम कहानी को भी ट्रेलर के प्रमुख आकर्षणों में गिना जा रहा है।

इसी चर्चा के बीच पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर से जुड़ी कथित कहानी ने फिल्म को अलग कारणों से सुर्खियों में ला दिया। वायरल पोस्ट में जिस तरह फिल्म के प्रचार को एक सोशल मीडिया नैरेटिव से जोड़ने की कोशिश की गई, उससे दर्शकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी। फिल्म से जुड़े पक्ष ने स्पष्ट किया कि आधिकारिक प्रचार केवल घोषित प्लेटफॉर्म और अधिकृत सामग्री के जरिए किया जा रहा है।

यह मामला सोशल मीडिया के दौर में फिल्म प्रमोशन से जुड़ी एक बड़ी चुनौती को भी सामने लाता है। किसी बड़ी फिल्म के ट्रेलर या गाने के रिलीज होते ही उससे जुड़े अनौपचारिक दावे तेजी से वायरल हो सकते हैं। कई बार दर्शकों के लिए यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि कौन-सी सामग्री निर्माताओं के आधिकारिक अभियान का हिस्सा है और कौन-सी किसी स्वतंत्र सोशल मीडिया अकाउंट की ओर से फैलाई गई जानकारी है।

फिलहाल ‘इश्कनामा’ की टीम फिल्म के आधिकारिक ट्रेलर, गानों और कलाकारों से जुड़े प्रमोशनल कार्यक्रमों के जरिए दर्शकों तक पहुंच रही है। रिलीज की तारीख नजदीक आने के साथ शहनाज गिल और जय रंधावा के प्रमोशनल कार्यक्रम भी फिल्म की चर्चा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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