IND vs ENG 3rd ODI: लॉर्ड्स में इंग्लैंड का आक्रामक आगाज, 15 ओवर में बिना विकेट 96 रन; डकेट-बेथेल ने बढ़ाई भारत की मुश्किल

स्पोर्ट्स डेस्क

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सीरीज के निर्णायक वनडे में इंग्लैंड ने चुनी पहले बल्लेबाजी, बेथेल अर्धशतक के करीब; भारत की प्लेइंग-11 में अहम बदलाव

भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और उसके सलामी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया। करीब 15 ओवर के खेल तक मेजबान टीम ने बिना विकेट गंवाए 96 रन बना लिए थे। बेन डकेट और जैकब बेथेल ने पहले विकेट के लिए मजबूत साझेदारी करते हुए इंग्लैंड को बड़े स्कोर की तरफ बढ़ाया। इस समय बेथेल 48 और डकेट 34 रन के आसपास बल्लेबाजी कर रहे थे। दोनों के बीच 90 से ज्यादा रन की साझेदारी हो चुकी थी।

लॉर्ड्स में इंग्लैंड के कप्तान ने टॉस जीतते ही बल्लेबाजी चुनी। शुरुआत में भारतीय तेज गेंदबाजों के पास नई गेंद से विकेट निकालने का मौका था, लेकिन डकेट और बेथेल ने संभलकर शुरुआत करने के बाद तेजी से रन जुटाए। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को शुरुआती सफलता से दूर रखा और खराब गेंदों पर लगातार बाउंड्री लगाईं। शुरुआती 15 ओवर में इंग्लैंड का रनरेट छह रन प्रति ओवर से ऊपर रहा, जिससे भारतीय टीम पर जल्दी ही दबाव बन गया।

जैकब बेथेल शुरुआत से अधिक आक्रामक दिखाई दिए। उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ ड्राइव और कट शॉट का इस्तेमाल किया और स्पिन के खिलाफ भी रन बनाने के मौके तलाशे। 15वें ओवर के करीब वे 47 गेंदों में 48 रन तक पहुंच चुके थे। उनकी पारी में सात चौके और एक छक्का शामिल था। बेथेल केवल दो रन दूर अपने अर्धशतक से खड़े थे और भारतीय गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुके थे।

दूसरे छोर पर बेन डकेट ने अपेक्षाकृत नियंत्रित बल्लेबाजी की। उन्होंने शुरुआत में जोखिम कम लिया और क्रीज पर जमने के बाद अपने शॉट खेलने शुरू किए। डकेट ने ऑफ साइड में मिले मौकों का फायदा उठाया और भारतीय तेज गेंदबाजों की लाइन बिगड़ने पर बाउंड्री निकाली। दोनों ओपनरों के बीच तालमेल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भारत पहले 15 ओवर के करीब तक इस साझेदारी को तोड़ने में सफल नहीं हो पाया।

इंग्लैंड की इस ओपनिंग जोड़ी ने पावरप्ले में विकेट बचाने के साथ स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाया। भारतीय गेंदबाजों ने बीच-बीच में दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन विकेट नहीं मिलने के कारण मेजबान बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिलता गया। इंग्लैंड की यह शुरुआत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मुकाबला सीरीज का फैसला करने वाला है और दोनों टीमें 1-1 की बराबरी के साथ मैदान पर उतरी हैं।

भारतीय गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने शुरुआती स्पेल में गेंद को स्विंग कराने की कोशिश की, लेकिन इंग्लिश ओपनरों ने उन्हें विकेट नहीं दिया। पांच ओवर के स्पेल तक अर्शदीप ने 31 रन खर्च किए थे। दूसरे तेज गेंदबाजों को भी शुरुआती सफलता नहीं मिल सकी। कुछ अतिरिक्त रन और ढीली गेंदों ने भी इंग्लैंड को तेजी से स्कोर बढ़ाने में मदद की। शुरुआती चरण में भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकेट निकालकर इस साझेदारी को तोड़ने की रही।

इस निर्णायक मुकाबले के लिए भारतीय टीम में अहम बदलाव किए गए हैं। जसप्रीत बुमराह चोट के कारण मुकाबले में उपलब्ध नहीं हैं। उनकी गैरमौजूदगी में तेज गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव देखने को मिला है। अर्शदीप सिंह को मौका दिया गया है, जबकि टीम संयोजन में अन्य बदलाव भी किए गए हैं। बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज का न होना नई गेंद से भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था और शुरुआती ओवरों में इंग्लैंड की मजबूत साझेदारी ने इस कमी को और महत्वपूर्ण बना दिया।

भारत के लिए यह मुकाबला केवल सीरीज जीतने के लिहाज से नहीं, बल्कि इंग्लैंड दौरे को सकारात्मक नतीजे के साथ खत्म करने के लिए भी बेहद अहम है। तीन मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। ऐसे में लॉर्ड्स का मुकाबला जीतने वाली टीम ट्रॉफी अपने नाम करेगी। इंग्लैंड को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिल रहा है, जबकि भारतीय टीम के सामने मेजबान बल्लेबाजों को बड़े स्कोर से रोकने की चुनौती है।

लॉर्ड्स की परिस्थितियां आमतौर पर नई गेंद के गेंदबाजों को मदद दे सकती हैं, लेकिन डकेट और बेथेल ने शुरुआती चुनौती को अच्छी तरह संभाला। जैसे-जैसे गेंद पुरानी हुई, दोनों बल्लेबाजों ने रन बनाने की गति बढ़ाई। भारतीय गेंदबाजों के लिए अब बीच के ओवर बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं। अगर भारत जल्द विकेट निकालता है तो वह इंग्लैंड के रनरेट को नियंत्रित कर सकता है, लेकिन ओपनिंग साझेदारी लंबी चलने पर मेजबान टीम बड़े स्कोर की मजबूत नींव तैयार कर सकती है।

इस मैच पर रोहित शर्मा को लेकर भी खास नजरें हैं। हाल के दिनों में उनके वनडे भविष्य को लेकर चर्चाएं हुई थीं, हालांकि BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इन अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि लॉर्ड्स वनडे को रोहित का आखिरी मैच मानने जैसी कोई चर्चा नहीं हुई है और वे टीम की वनडे योजनाओं का हिस्सा हैं। ऐसे में अगर इंग्लैंड बड़ा लक्ष्य देता है तो भारतीय रनचेज में रोहित की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।

मैच में रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भी एक खास उपलब्धि अपने नाम की। दोनों दिग्गज एक साथ 400 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का हिस्सा बनने वाली पहली भारतीय जोड़ी बने। लंबे समय से भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ रहे दोनों खिलाड़ियों के लिए लॉर्ड्स का यह निर्णायक वनडे व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ टीम के लिहाज से भी अहम है।

इंग्लैंड की रणनीति शुरुआती साझेदारी को ज्यादा से ज्यादा लंबा खींचकर अंतिम 20 ओवरों के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिखाई दी। डकेट और बेथेल ने पहले विकेट के लिए 90 से ज्यादा रन जोड़कर इस योजना को सफल शुरुआत दी। भारत को मुकाबले में वापसी करने के लिए बीच के ओवरों में लगातार विकेट निकालने होंगे, क्योंकि इंग्लैंड के पास मध्यक्रम में भी अनुभवी और आक्रामक बल्लेबाज मौजूद हैं।

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19 Jul 2026 By Priyanka

IND vs ENG 3rd ODI: लॉर्ड्स में इंग्लैंड का आक्रामक आगाज, 15 ओवर में बिना विकेट 96 रन; डकेट-बेथेल ने बढ़ाई भारत की मुश्किल

स्पोर्ट्स डेस्क

भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और उसके सलामी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया। करीब 15 ओवर के खेल तक मेजबान टीम ने बिना विकेट गंवाए 96 रन बना लिए थे। बेन डकेट और जैकब बेथेल ने पहले विकेट के लिए मजबूत साझेदारी करते हुए इंग्लैंड को बड़े स्कोर की तरफ बढ़ाया। इस समय बेथेल 48 और डकेट 34 रन के आसपास बल्लेबाजी कर रहे थे। दोनों के बीच 90 से ज्यादा रन की साझेदारी हो चुकी थी।

लॉर्ड्स में इंग्लैंड के कप्तान ने टॉस जीतते ही बल्लेबाजी चुनी। शुरुआत में भारतीय तेज गेंदबाजों के पास नई गेंद से विकेट निकालने का मौका था, लेकिन डकेट और बेथेल ने संभलकर शुरुआत करने के बाद तेजी से रन जुटाए। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को शुरुआती सफलता से दूर रखा और खराब गेंदों पर लगातार बाउंड्री लगाईं। शुरुआती 15 ओवर में इंग्लैंड का रनरेट छह रन प्रति ओवर से ऊपर रहा, जिससे भारतीय टीम पर जल्दी ही दबाव बन गया।

जैकब बेथेल शुरुआत से अधिक आक्रामक दिखाई दिए। उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ ड्राइव और कट शॉट का इस्तेमाल किया और स्पिन के खिलाफ भी रन बनाने के मौके तलाशे। 15वें ओवर के करीब वे 47 गेंदों में 48 रन तक पहुंच चुके थे। उनकी पारी में सात चौके और एक छक्का शामिल था। बेथेल केवल दो रन दूर अपने अर्धशतक से खड़े थे और भारतीय गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुके थे।

दूसरे छोर पर बेन डकेट ने अपेक्षाकृत नियंत्रित बल्लेबाजी की। उन्होंने शुरुआत में जोखिम कम लिया और क्रीज पर जमने के बाद अपने शॉट खेलने शुरू किए। डकेट ने ऑफ साइड में मिले मौकों का फायदा उठाया और भारतीय तेज गेंदबाजों की लाइन बिगड़ने पर बाउंड्री निकाली। दोनों ओपनरों के बीच तालमेल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भारत पहले 15 ओवर के करीब तक इस साझेदारी को तोड़ने में सफल नहीं हो पाया।

इंग्लैंड की इस ओपनिंग जोड़ी ने पावरप्ले में विकेट बचाने के साथ स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाया। भारतीय गेंदबाजों ने बीच-बीच में दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन विकेट नहीं मिलने के कारण मेजबान बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिलता गया। इंग्लैंड की यह शुरुआत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मुकाबला सीरीज का फैसला करने वाला है और दोनों टीमें 1-1 की बराबरी के साथ मैदान पर उतरी हैं।

भारतीय गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने शुरुआती स्पेल में गेंद को स्विंग कराने की कोशिश की, लेकिन इंग्लिश ओपनरों ने उन्हें विकेट नहीं दिया। पांच ओवर के स्पेल तक अर्शदीप ने 31 रन खर्च किए थे। दूसरे तेज गेंदबाजों को भी शुरुआती सफलता नहीं मिल सकी। कुछ अतिरिक्त रन और ढीली गेंदों ने भी इंग्लैंड को तेजी से स्कोर बढ़ाने में मदद की। शुरुआती चरण में भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकेट निकालकर इस साझेदारी को तोड़ने की रही।

इस निर्णायक मुकाबले के लिए भारतीय टीम में अहम बदलाव किए गए हैं। जसप्रीत बुमराह चोट के कारण मुकाबले में उपलब्ध नहीं हैं। उनकी गैरमौजूदगी में तेज गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव देखने को मिला है। अर्शदीप सिंह को मौका दिया गया है, जबकि टीम संयोजन में अन्य बदलाव भी किए गए हैं। बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज का न होना नई गेंद से भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था और शुरुआती ओवरों में इंग्लैंड की मजबूत साझेदारी ने इस कमी को और महत्वपूर्ण बना दिया।

भारत के लिए यह मुकाबला केवल सीरीज जीतने के लिहाज से नहीं, बल्कि इंग्लैंड दौरे को सकारात्मक नतीजे के साथ खत्म करने के लिए भी बेहद अहम है। तीन मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। ऐसे में लॉर्ड्स का मुकाबला जीतने वाली टीम ट्रॉफी अपने नाम करेगी। इंग्लैंड को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिल रहा है, जबकि भारतीय टीम के सामने मेजबान बल्लेबाजों को बड़े स्कोर से रोकने की चुनौती है।

लॉर्ड्स की परिस्थितियां आमतौर पर नई गेंद के गेंदबाजों को मदद दे सकती हैं, लेकिन डकेट और बेथेल ने शुरुआती चुनौती को अच्छी तरह संभाला। जैसे-जैसे गेंद पुरानी हुई, दोनों बल्लेबाजों ने रन बनाने की गति बढ़ाई। भारतीय गेंदबाजों के लिए अब बीच के ओवर बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं। अगर भारत जल्द विकेट निकालता है तो वह इंग्लैंड के रनरेट को नियंत्रित कर सकता है, लेकिन ओपनिंग साझेदारी लंबी चलने पर मेजबान टीम बड़े स्कोर की मजबूत नींव तैयार कर सकती है।

इस मैच पर रोहित शर्मा को लेकर भी खास नजरें हैं। हाल के दिनों में उनके वनडे भविष्य को लेकर चर्चाएं हुई थीं, हालांकि BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इन अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि लॉर्ड्स वनडे को रोहित का आखिरी मैच मानने जैसी कोई चर्चा नहीं हुई है और वे टीम की वनडे योजनाओं का हिस्सा हैं। ऐसे में अगर इंग्लैंड बड़ा लक्ष्य देता है तो भारतीय रनचेज में रोहित की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।

मैच में रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भी एक खास उपलब्धि अपने नाम की। दोनों दिग्गज एक साथ 400 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का हिस्सा बनने वाली पहली भारतीय जोड़ी बने। लंबे समय से भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ रहे दोनों खिलाड़ियों के लिए लॉर्ड्स का यह निर्णायक वनडे व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ टीम के लिहाज से भी अहम है।

इंग्लैंड की रणनीति शुरुआती साझेदारी को ज्यादा से ज्यादा लंबा खींचकर अंतिम 20 ओवरों के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिखाई दी। डकेट और बेथेल ने पहले विकेट के लिए 90 से ज्यादा रन जोड़कर इस योजना को सफल शुरुआत दी। भारत को मुकाबले में वापसी करने के लिए बीच के ओवरों में लगातार विकेट निकालने होंगे, क्योंकि इंग्लैंड के पास मध्यक्रम में भी अनुभवी और आक्रामक बल्लेबाज मौजूद हैं।

https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/ind-vs-eng-3rd-odi-englands-aggressive-start-at-lords/article-59191

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