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कोरबा में कंप्यूटर दुकान में घुसकर तोड़फोड़ का आरोप: दो लैपटॉप पटके, संचालक को धमकाने की शिकायत; SP से मांगी कार्रवाई
कोरबा (छ.ग.)
बुधवारी बाजार की घटना, दुकानदार ने पुराने विवाद और चेक बाउंस केस को लेकर दबाव बनाने का लगाया आरोप; पुलिस बोली-दोनों पक्षों की शिकायत की जांच जारी
शहर के बुधवारी बाजार इलाके में एक कंप्यूटर दुकान में कथित तौर पर जबरन घुसकर तोड़फोड़, गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। एम. जीनियस कंप्यूटर सेंटर के संचालक अमन सोनी ने आरोप लगाया है कि पुराने विवाद के चलते एक व्यक्ति ने उनकी दुकान में पहुंचकर हंगामा किया और वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचाया। दुकान में रिपेयरिंग के लिए आए दो लैपटॉप को भी कथित तौर पर जमीन पर पटककर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि घटना की शिकायत स्थानीय पुलिस चौकी में की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि इस विवाद में दोनों पक्षों से शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है।
राम जानकी मंदिर क्षेत्र, बुधवारी निवासी अमन सोनी ने अपनी शिकायत में बताया कि वे बुधवारी बाजार में एम. जीनियस कंप्यूटर सेंटर संचालित करते हैं। 15 जुलाई 2026 की शाम करीब 8 से 9 बजे के बीच दुकान पर सामान्य रूप से काम चल रहा था। इसी दौरान बुधवारी बाजार निवासी कैलाश अग्रवाल कथित तौर पर दुकान में पहुंचा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से चले आ रहे विवाद को लेकर वहां बहस शुरू हुई और कुछ ही देर में मामला हंगामे में बदल गया।
अमन सोनी के मुताबिक, विवाद के दौरान दुकान के अंदर रखे डेस्क का कांच तोड़ दिया गया। इसके बाद दुकान में ग्राहकों द्वारा रिपेयरिंग के लिए दिए गए दो लैपटॉप को भी कथित तौर पर उठाकर जमीन पर पटक दिया गया, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा। दुकानदार का कहना है कि लैपटॉप ग्राहकों के थे और मरम्मत के लिए दुकान में जमा किए गए थे। ऐसे में इस नुकसान के कारण उनके सामने ग्राहकों के सामान की जिम्मेदारी से जुड़ी अलग परेशानी भी खड़ी हो गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना केवल तोड़फोड़ तक सीमित नहीं रही। अमन सोनी का दावा है कि उनके साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई तथा मारपीट भी हुई। इसके अलावा उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के समय दुकान में कर्मचारी और कुछ ग्राहक भी मौजूद बताए गए हैं। अचानक हुए विवाद के कारण दुकान में मौजूद लोग घबरा गए। शिकायतकर्ता ने पुलिस से घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ कर वास्तविक घटनाक्रम की जांच करने की मांग की है।
दुकान संचालक ने पूरे विवाद के पीछे पुरानी रंजिश होने का आरोप लगाया है। अमन सोनी के अनुसार, कैलाश अग्रवाल के बेटे अक्षत अग्रवाल से संबंधित एक चेक बाउंस प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। उनका दावा है कि इसी मामले को वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था और दुकान में हुई कथित तोड़फोड़ भी इसी विवाद से जुड़ी हो सकती है। हालांकि यह शिकायतकर्ता की ओर से लगाया गया आरोप है और इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पीड़ित ने पुलिस से यह भी जांच करने की मांग की है कि क्या दुकान में हुए विवाद का संबंध वास्तव में न्यायालय में लंबित बताए जा रहे चेक बाउंस केस से है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि घटना के पीछे कानूनी मामला वापस लेने का दबाव बनाने की मंशा थी तो इस पहलू की भी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। पुलिस के सामने अब दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे विवाद की परिस्थितियां स्पष्ट करने की चुनौती है।
अमन सोनी के अनुसार, घटना के तुरंत बाद उन्होंने सीएसईबी चौकी पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत की थी। उनका आरोप है कि शिकायत देने के बाद उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा गया। जब वे दोबारा पुलिस चौकी पहुंचे तो उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिली और वापस भेज दिया गया। पीड़ित का यह भी दावा है कि उन्हें अपनी शिकायत की पावती तक नहीं दी गई। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने का फैसला किया।
इसके बाद अमन सोनी ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। आवेदन में दुकान में कथित रूप से जबरन प्रवेश करने, सामान में तोड़फोड़, दो लैपटॉप क्षतिग्रस्त करने, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
दुकानदार ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि कथित धमकी मिलने के बाद उन्हें आशंका है कि विवाद आगे भी बढ़ सकता है। ऐसे में उन्होंने पुलिस से सुरक्षा के पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना के समय दुकान में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों के बयान दर्ज किए जाएं, ताकि घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
इस मामले में सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी का कहना है कि विवाद से जुड़े दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी एक पक्ष के आरोपों को अंतिम रूप से सही नहीं माना गया है। पुलिस उपलब्ध तथ्यों, शिकायतों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।
जांच के दौरान दुकान या आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यदि घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है तो उससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि दुकान में विवाद कैसे शुरू हुआ, कौन-कौन लोग वहां मौजूद थे और तोड़फोड़ या मारपीट से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त लैपटॉप और दुकान के अन्य सामान का निरीक्षण भी जांच का हिस्सा बन सकता है।
पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच जारी है। बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल के बाद ही यह तय होगा कि मामले में किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जानी है। फिलहाल दुकानदार की ओर से लगाए गए तोड़फोड़, मारपीट, धमकी और पुराने कानूनी विवाद को लेकर दबाव बनाने के आरोप जांच के दायरे में हैं।
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कोरबा (छ.ग.)
शहर के बुधवारी बाजार इलाके में एक कंप्यूटर दुकान में कथित तौर पर जबरन घुसकर तोड़फोड़, गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। एम. जीनियस कंप्यूटर सेंटर के संचालक अमन सोनी ने आरोप लगाया है कि पुराने विवाद के चलते एक व्यक्ति ने उनकी दुकान में पहुंचकर हंगामा किया और वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचाया। दुकान में रिपेयरिंग के लिए आए दो लैपटॉप को भी कथित तौर पर जमीन पर पटककर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि घटना की शिकायत स्थानीय पुलिस चौकी में की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि इस विवाद में दोनों पक्षों से शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है।
राम जानकी मंदिर क्षेत्र, बुधवारी निवासी अमन सोनी ने अपनी शिकायत में बताया कि वे बुधवारी बाजार में एम. जीनियस कंप्यूटर सेंटर संचालित करते हैं। 15 जुलाई 2026 की शाम करीब 8 से 9 बजे के बीच दुकान पर सामान्य रूप से काम चल रहा था। इसी दौरान बुधवारी बाजार निवासी कैलाश अग्रवाल कथित तौर पर दुकान में पहुंचा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से चले आ रहे विवाद को लेकर वहां बहस शुरू हुई और कुछ ही देर में मामला हंगामे में बदल गया।
अमन सोनी के मुताबिक, विवाद के दौरान दुकान के अंदर रखे डेस्क का कांच तोड़ दिया गया। इसके बाद दुकान में ग्राहकों द्वारा रिपेयरिंग के लिए दिए गए दो लैपटॉप को भी कथित तौर पर उठाकर जमीन पर पटक दिया गया, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा। दुकानदार का कहना है कि लैपटॉप ग्राहकों के थे और मरम्मत के लिए दुकान में जमा किए गए थे। ऐसे में इस नुकसान के कारण उनके सामने ग्राहकों के सामान की जिम्मेदारी से जुड़ी अलग परेशानी भी खड़ी हो गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना केवल तोड़फोड़ तक सीमित नहीं रही। अमन सोनी का दावा है कि उनके साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई तथा मारपीट भी हुई। इसके अलावा उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के समय दुकान में कर्मचारी और कुछ ग्राहक भी मौजूद बताए गए हैं। अचानक हुए विवाद के कारण दुकान में मौजूद लोग घबरा गए। शिकायतकर्ता ने पुलिस से घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ कर वास्तविक घटनाक्रम की जांच करने की मांग की है।
दुकान संचालक ने पूरे विवाद के पीछे पुरानी रंजिश होने का आरोप लगाया है। अमन सोनी के अनुसार, कैलाश अग्रवाल के बेटे अक्षत अग्रवाल से संबंधित एक चेक बाउंस प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। उनका दावा है कि इसी मामले को वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था और दुकान में हुई कथित तोड़फोड़ भी इसी विवाद से जुड़ी हो सकती है। हालांकि यह शिकायतकर्ता की ओर से लगाया गया आरोप है और इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पीड़ित ने पुलिस से यह भी जांच करने की मांग की है कि क्या दुकान में हुए विवाद का संबंध वास्तव में न्यायालय में लंबित बताए जा रहे चेक बाउंस केस से है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि घटना के पीछे कानूनी मामला वापस लेने का दबाव बनाने की मंशा थी तो इस पहलू की भी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। पुलिस के सामने अब दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे विवाद की परिस्थितियां स्पष्ट करने की चुनौती है।
अमन सोनी के अनुसार, घटना के तुरंत बाद उन्होंने सीएसईबी चौकी पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत की थी। उनका आरोप है कि शिकायत देने के बाद उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा गया। जब वे दोबारा पुलिस चौकी पहुंचे तो उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिली और वापस भेज दिया गया। पीड़ित का यह भी दावा है कि उन्हें अपनी शिकायत की पावती तक नहीं दी गई। स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने का फैसला किया।
इसके बाद अमन सोनी ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। आवेदन में दुकान में कथित रूप से जबरन प्रवेश करने, सामान में तोड़फोड़, दो लैपटॉप क्षतिग्रस्त करने, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
दुकानदार ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि कथित धमकी मिलने के बाद उन्हें आशंका है कि विवाद आगे भी बढ़ सकता है। ऐसे में उन्होंने पुलिस से सुरक्षा के पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना के समय दुकान में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों के बयान दर्ज किए जाएं, ताकि घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
इस मामले में सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी का कहना है कि विवाद से जुड़े दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी एक पक्ष के आरोपों को अंतिम रूप से सही नहीं माना गया है। पुलिस उपलब्ध तथ्यों, शिकायतों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।
जांच के दौरान दुकान या आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यदि घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है तो उससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि दुकान में विवाद कैसे शुरू हुआ, कौन-कौन लोग वहां मौजूद थे और तोड़फोड़ या मारपीट से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त लैपटॉप और दुकान के अन्य सामान का निरीक्षण भी जांच का हिस्सा बन सकता है।
पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच जारी है। बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल के बाद ही यह तय होगा कि मामले में किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जानी है। फिलहाल दुकानदार की ओर से लगाए गए तोड़फोड़, मारपीट, धमकी और पुराने कानूनी विवाद को लेकर दबाव बनाने के आरोप जांच के दायरे में हैं।
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