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सोना फिर चढ़ा, 10 ग्राम का भाव ₹1.53 लाख के पार
Digital Desk
12 अगस्त को सोने में ₹158 की तेजी, चांदी भी बढ़ी; अगस्त के 12 दिनों में दोनों की कीमतों में तेज उछाल
सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार, 12 अगस्त को फिर तेजी देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 24 कैरेट यानी 999 शुद्धता वाले सोने का भाव 10 ग्राम पर ₹158 बढ़कर करीब ₹1.53 लाख पहुंच गया। चांदी की कीमत भी ऊपर गई और 1 किलो का भाव करीब ₹2.35 लाख हो गया। कीमती धातुओं के बाजार में पिछले कुछ दिनों से लगातार हलचल बनी हुई है। अगस्त की शुरुआत से ही सोने के भाव में तेजी का रुख रहा है और सिर्फ 12 दिनों के भीतर इसकी कीमत करीब ₹10 हजार तक बढ़ चुकी है। चांदी की चाल भी कम तेज नहीं रही। इस अवधि में इसके भाव में करीब ₹16 हजार प्रति किलो की बढ़ोतरी बताई जा रही है। यानी जिन लोगों ने महीने की शुरुआत में सोने या चांदी के भाव पर नजर डाली थी, उन्हें अब काफी बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। IBJA के भाव देशभर में बुलियन बाजार के लिए एक प्रमुख संदर्भ माने जाते हैं, हालांकि ज्वेलरी खरीदते समय दुकान के स्तर पर मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागत जुड़ने के कारण ग्राहक को मिलने वाला अंतिम भाव अलग हो सकता है।
बुधवार की तेजी ऐसे समय आई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारणों से सुरक्षित निवेश की मांग को समर्थन मिल रहा है। बाजार पर अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और वहां की ब्याज दरों से जुड़े संकेतों की भी नजर है। बुधवार को MCX पर सोने और चांदी में भी तेज गतिविधि दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक सोने के वायदा भाव में करीब ₹1,200 प्रति 10 ग्राम की बढ़त देखी गई, जबकि चांदी करीब ₹2,612 प्रति किलो उछली। ऐसे में घरेलू बाजार में भी निवेशकों और सराफा कारोबारियों की नजर कीमतों की अगली दिशा पर है। सोने को आम तौर पर अनिश्चित परिस्थितियों में सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
जब शेयर बाजार या दूसरी जोखिम वाली परिसंपत्तियों में उतार-चढ़ाव बढ़ता है, तब सोने की मांग बढ़ सकती है। इस बार भी वैश्विक तनाव और मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता ने बुलियन बाजार को प्रभावित किया है। चांदी की कहानी थोड़ी अलग है, क्योंकि इसमें निवेश की मांग के साथ औद्योगिक इस्तेमाल का भी असर पड़ता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और दूसरी इंडस्ट्री में चांदी की जरूरत बढ़ने से लंबे समय में इसकी मांग को सहारा मिलता है। हाल के महीनों में चांदी ने कई मौकों पर सोने के मुकाबले ज्यादा तेज चाल दिखाई है। बाजार में इसे लेकर यह भी चर्चा है कि तेज बढ़त के बाद बीच-बीच में मुनाफावसूली आ सकती है। बुधवार की तेजी के बावजूद आगे की चाल अंतरराष्ट्रीय कीमतों, डॉलर की स्थिति और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर काफी हद तक निर्भर रहेगी।
घरेलू सराफा बाजार के लिए अभी सबसे बड़ा आंकड़ा यह है कि अगस्त शुरू होने के बाद दोनों कीमती धातुओं के भाव तेजी से ऊपर गए हैं। महीने की शुरुआत में जिस स्तर पर सोना था, वहां से अब करीब ₹10 हजार की बढ़त हो चुकी है। चांदी में भी लगभग ₹16 हजार प्रति किलो का अंतर आया है। इस तेजी का असर शादी-ब्याह और त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। आमतौर पर सोने के भाव में छोटी बढ़त भी बड़ी खरीदारी पर काफी अंतर पैदा कर देती है। उदाहरण के लिए 100 ग्राम सोने की खरीद में प्रति 10 ग्राम ₹158 की बढ़ोतरी का सीधा असर हजारों रुपये के अतिरिक्त खर्च के रूप में दिखाई देता है, हालांकि वास्तविक बिल में टैक्स और मेकिंग चार्ज अलग से जुड़ते हैं।
चांदी खरीदने वालों के लिए भी प्रति किलो कीमत में हजारों रुपये का बदलाव महत्वपूर्ण है। फिलहाल IBJA के मुताबिक 24 कैरेट सोना ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर है। बाजार में आगे अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी उम्मीदों और वैश्विक तनाव से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रहेगी। इन संकेतों में बदलाव होने पर अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। घरेलू कीमतों पर डॉलर-रुपये की चाल का असर भी रहता है। इसी वजह से सराफा बाजार में आने वाले दिनों में कीमतों को लेकर कारोबारियों और खरीदारों दोनों की नजर बनी हुई है।
सोना फिर चढ़ा, 10 ग्राम का भाव ₹1.53 लाख के पार
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सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार, 12 अगस्त को फिर तेजी देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 24 कैरेट यानी 999 शुद्धता वाले सोने का भाव 10 ग्राम पर ₹158 बढ़कर करीब ₹1.53 लाख पहुंच गया। चांदी की कीमत भी ऊपर गई और 1 किलो का भाव करीब ₹2.35 लाख हो गया। कीमती धातुओं के बाजार में पिछले कुछ दिनों से लगातार हलचल बनी हुई है। अगस्त की शुरुआत से ही सोने के भाव में तेजी का रुख रहा है और सिर्फ 12 दिनों के भीतर इसकी कीमत करीब ₹10 हजार तक बढ़ चुकी है। चांदी की चाल भी कम तेज नहीं रही। इस अवधि में इसके भाव में करीब ₹16 हजार प्रति किलो की बढ़ोतरी बताई जा रही है। यानी जिन लोगों ने महीने की शुरुआत में सोने या चांदी के भाव पर नजर डाली थी, उन्हें अब काफी बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। IBJA के भाव देशभर में बुलियन बाजार के लिए एक प्रमुख संदर्भ माने जाते हैं, हालांकि ज्वेलरी खरीदते समय दुकान के स्तर पर मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागत जुड़ने के कारण ग्राहक को मिलने वाला अंतिम भाव अलग हो सकता है।
बुधवार की तेजी ऐसे समय आई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारणों से सुरक्षित निवेश की मांग को समर्थन मिल रहा है। बाजार पर अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और वहां की ब्याज दरों से जुड़े संकेतों की भी नजर है। बुधवार को MCX पर सोने और चांदी में भी तेज गतिविधि दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक सोने के वायदा भाव में करीब ₹1,200 प्रति 10 ग्राम की बढ़त देखी गई, जबकि चांदी करीब ₹2,612 प्रति किलो उछली। ऐसे में घरेलू बाजार में भी निवेशकों और सराफा कारोबारियों की नजर कीमतों की अगली दिशा पर है। सोने को आम तौर पर अनिश्चित परिस्थितियों में सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
जब शेयर बाजार या दूसरी जोखिम वाली परिसंपत्तियों में उतार-चढ़ाव बढ़ता है, तब सोने की मांग बढ़ सकती है। इस बार भी वैश्विक तनाव और मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता ने बुलियन बाजार को प्रभावित किया है। चांदी की कहानी थोड़ी अलग है, क्योंकि इसमें निवेश की मांग के साथ औद्योगिक इस्तेमाल का भी असर पड़ता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और दूसरी इंडस्ट्री में चांदी की जरूरत बढ़ने से लंबे समय में इसकी मांग को सहारा मिलता है। हाल के महीनों में चांदी ने कई मौकों पर सोने के मुकाबले ज्यादा तेज चाल दिखाई है। बाजार में इसे लेकर यह भी चर्चा है कि तेज बढ़त के बाद बीच-बीच में मुनाफावसूली आ सकती है। बुधवार की तेजी के बावजूद आगे की चाल अंतरराष्ट्रीय कीमतों, डॉलर की स्थिति और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर काफी हद तक निर्भर रहेगी।
घरेलू सराफा बाजार के लिए अभी सबसे बड़ा आंकड़ा यह है कि अगस्त शुरू होने के बाद दोनों कीमती धातुओं के भाव तेजी से ऊपर गए हैं। महीने की शुरुआत में जिस स्तर पर सोना था, वहां से अब करीब ₹10 हजार की बढ़त हो चुकी है। चांदी में भी लगभग ₹16 हजार प्रति किलो का अंतर आया है। इस तेजी का असर शादी-ब्याह और त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। आमतौर पर सोने के भाव में छोटी बढ़त भी बड़ी खरीदारी पर काफी अंतर पैदा कर देती है। उदाहरण के लिए 100 ग्राम सोने की खरीद में प्रति 10 ग्राम ₹158 की बढ़ोतरी का सीधा असर हजारों रुपये के अतिरिक्त खर्च के रूप में दिखाई देता है, हालांकि वास्तविक बिल में टैक्स और मेकिंग चार्ज अलग से जुड़ते हैं।
चांदी खरीदने वालों के लिए भी प्रति किलो कीमत में हजारों रुपये का बदलाव महत्वपूर्ण है। फिलहाल IBJA के मुताबिक 24 कैरेट सोना ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर है। बाजार में आगे अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी उम्मीदों और वैश्विक तनाव से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रहेगी। इन संकेतों में बदलाव होने पर अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। घरेलू कीमतों पर डॉलर-रुपये की चाल का असर भी रहता है। इसी वजह से सराफा बाजार में आने वाले दिनों में कीमतों को लेकर कारोबारियों और खरीदारों दोनों की नजर बनी हुई है।
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