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सोना आज 1,283 बढ़कर 1.48 लाख पर, चांदी 3,215 महंगी होकर 2.31 लाख/किलो हुई
बिजनेस न्यूज
2026 में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव, DGFT का नया नियम प्रभावित कर रहा बाजार
आज 6 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी के दामों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,283 बढ़कर ₹1.48 लाख पर पहुंच गया। वहीं, एक किलो चांदी ₹3,215 बढ़कर ₹2.31 लाख हो गई। इससे पहले 3 अप्रैल को सोने की कीमत ₹1.47 लाख और चांदी ₹2.28 लाख थी।
इस साल अब तक सोने की कीमत में कुल ₹14,696 और चांदी में ₹608 का इजाफा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को सोना 10 ग्राम के हिसाब से ₹1.33 लाख और चांदी प्रति किलो ₹2.30 लाख पर थी। जनवरी में सोने ने ₹1.76 लाख और चांदी ने ₹3.86 लाख का ऑलटाइम हाई भी बनाया था, लेकिन फरवरी के अंत में अमेरिका और इज़राइल तथा ईरान के बीच तनाव के चलते कीमतों में गिरावट देखी गई।
मूल्य अंतर मुख्य रूप से ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा खर्च, स्थानीय मांग और खरीदारी की मात्रा, ज्वेलरी एसोसिएशन द्वारा तय रेट, और पुराने स्टॉक की लागत जैसे कारणों से शहरों के बीच अलग-अलग हो रहे हैं। दक्षिण भारत में खपत अधिक होने के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, जिससे स्थानीय कीमतें प्रभावित होती हैं।
सरकार ने हाल ही में सोने-चांदी और प्लैटिनम ज्वेलरी को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाला है। अब इन धातुओं से बनी ज्वेलरी आयात के लिए विशेष लाइसेंस लेना अनिवार्य है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) का यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ज्वेलरी खरीदते समय BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें और कीमत को विभिन्न स्रोतों से क्रॉस-चेक करें। चांदी की असली पहचान के लिए मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट, स्मेल टेस्ट और क्लॉथ टेस्ट किए जा सकते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक घटनाओं, अंतरराष्ट्रीय तनाव और सरकारी नीतियों के कारण सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। निवेशकों और ज्वेलर्स के लिए इस समय बाजार की सतर्क निगरानी आवश्यक है।
भारत में सोने की मांग लगातार बढ़ रही है। मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है, जिसकी कुल वैल्यू ₹450 लाख करोड़ (5 ट्रिलियन डॉलर) से अधिक है, जो देश की GDP ₹370 लाख करोड़ से भी अधिक है।
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आज 6 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी के दामों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,283 बढ़कर ₹1.48 लाख पर पहुंच गया। वहीं, एक किलो चांदी ₹3,215 बढ़कर ₹2.31 लाख हो गई। इससे पहले 3 अप्रैल को सोने की कीमत ₹1.47 लाख और चांदी ₹2.28 लाख थी।
इस साल अब तक सोने की कीमत में कुल ₹14,696 और चांदी में ₹608 का इजाफा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को सोना 10 ग्राम के हिसाब से ₹1.33 लाख और चांदी प्रति किलो ₹2.30 लाख पर थी। जनवरी में सोने ने ₹1.76 लाख और चांदी ने ₹3.86 लाख का ऑलटाइम हाई भी बनाया था, लेकिन फरवरी के अंत में अमेरिका और इज़राइल तथा ईरान के बीच तनाव के चलते कीमतों में गिरावट देखी गई।
मूल्य अंतर मुख्य रूप से ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा खर्च, स्थानीय मांग और खरीदारी की मात्रा, ज्वेलरी एसोसिएशन द्वारा तय रेट, और पुराने स्टॉक की लागत जैसे कारणों से शहरों के बीच अलग-अलग हो रहे हैं। दक्षिण भारत में खपत अधिक होने के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, जिससे स्थानीय कीमतें प्रभावित होती हैं।
सरकार ने हाल ही में सोने-चांदी और प्लैटिनम ज्वेलरी को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाला है। अब इन धातुओं से बनी ज्वेलरी आयात के लिए विशेष लाइसेंस लेना अनिवार्य है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) का यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ज्वेलरी खरीदते समय BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें और कीमत को विभिन्न स्रोतों से क्रॉस-चेक करें। चांदी की असली पहचान के लिए मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट, स्मेल टेस्ट और क्लॉथ टेस्ट किए जा सकते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक घटनाओं, अंतरराष्ट्रीय तनाव और सरकारी नीतियों के कारण सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। निवेशकों और ज्वेलर्स के लिए इस समय बाजार की सतर्क निगरानी आवश्यक है।
भारत में सोने की मांग लगातार बढ़ रही है। मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है, जिसकी कुल वैल्यू ₹450 लाख करोड़ (5 ट्रिलियन डॉलर) से अधिक है, जो देश की GDP ₹370 लाख करोड़ से भी अधिक है।
