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MP में सोना हुआ 35 हजार रुपये सस्ता, तेजी से बढ़ी ज्वेलरी की खरीदारी और मांग
ग्वालियर (म.प्र.)
एमपी में सोना कीमत गिरावट से ज्वेलरी की मांग बढ़ी, अक्षय तृतीया और सहालग में बाजार में लौटी रौनक
मध्यप्रदेश में सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट ने सराफा बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। करीब 35 दिनों के भीतर सोना प्रति दस ग्राम 35 हजार रुपये तक सस्ता हो गया है, जबकि चांदी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव का असर सीधे तौर पर आगामी शादी सीजन और अक्षय तृतीया की खरीदारी पर देखने को मिल रहा है। नौ दिन बाद शुरू होने वाले सहालग के चलते बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद है और व्यापारी भी बेहतर कारोबार की आस लगाए बैठे हैं।
अक्षय तृतीया और सहालग से बढ़ी उम्मीदें
20 अप्रैल को अक्षय तृतीया का अबूझ मुहूर्त है, जिसे सोना खरीदने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग ज्वेलरी खरीदते हैं। इस बार कीमतों में आई गिरावट के कारण खरीदारी में और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। शादी-ब्याह के सीजन की शुरुआत के साथ ही सराफा बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगी है, जिससे कारोबारियों में उत्साह नजर आ रहा है।
ग्वालियर समेत कई शहरों में बढ़ी मांग
प्रदेश के कई शहरों, खासकर ग्वालियर में, ज्वेलरी की मांग में तेजी देखी जा रही है। लोग कीमतों में गिरावट का फायदा उठाकर शादी और अन्य आयोजनों के लिए खरीदारी कर रहे हैं। सराफा व्यापारियों के मुताबिक, पहले के मुकाबले अब ग्राहक ज्यादा पूछताछ कर रहे हैं और बजट के हिसाब से विकल्प तलाश रहे हैं।
खरीदारी का बदला ट्रेंड
इस बार बाजार में एक नया ट्रेंड उभरकर सामने आया है। पहले जहां 22 और 24 कैरेट सोने की ज्यादा मांग रहती थी, वहीं अब 9, 14 और 18 कैरेट ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ी है। इसका कारण कम कीमत और बेहतर टिकाऊपन है। सीमित बजट वाले ग्राहक भी अब भारी डिजाइन के सेट खरीद पा रहे हैं, जिससे बाजार में विविधता आई है।
18 कैरेट ज्वेलरी क्यों बन रही पसंद
व्यापारियों का कहना है कि 18 कैरेट ज्वेलरी इस समय सबसे ज्यादा पसंद की जा रही है। यह 22 कैरेट की तुलना में सस्ती होती है और इसमें धातुओं का मिश्रण होने के कारण यह ज्यादा मजबूत भी होती है। इसके अलावा इसमें हीरे और स्टोन अच्छी तरह फिट हो जाते हैं, जिससे डिजाइन भी आकर्षक बनते हैं। रोजमर्रा के उपयोग के लिए भी यह ज्यादा उपयुक्त मानी जा रही है।
कीमतों में गिरावट का पूरा गणित
जनवरी के अंतिम सप्ताह में सोने की कीमतें अपने उच्च स्तर पर थीं। 29 जनवरी को सोना 1,84,500 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गया था, जो 5 अप्रैल तक घटकर 1,49,500 रुपये रह गया। इसी तरह चांदी 4,05,000 रुपये प्रति किलो से गिरकर 2,39,000 रुपये प्रति किलो पर आ गई। इस तरह महज 35 दिनों में सोना और चांदी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
सराफा बाजार में बढ़ी हलचल
कीमतों में आई इस गिरावट के बाद बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ गई है। लोग अब खरीदारी के लिए अधिक सक्रिय हो रहे हैं और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना है। व्यापारियों का मानना है कि सहालग और अक्षय तृतीया के चलते यह तेजी लंबे समय तक बनी रह सकती है।
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MP में सोना हुआ 35 हजार रुपये सस्ता, तेजी से बढ़ी ज्वेलरी की खरीदारी और मांग
ग्वालियर (म.प्र.)
मध्यप्रदेश में सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट ने सराफा बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। करीब 35 दिनों के भीतर सोना प्रति दस ग्राम 35 हजार रुपये तक सस्ता हो गया है, जबकि चांदी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव का असर सीधे तौर पर आगामी शादी सीजन और अक्षय तृतीया की खरीदारी पर देखने को मिल रहा है। नौ दिन बाद शुरू होने वाले सहालग के चलते बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद है और व्यापारी भी बेहतर कारोबार की आस लगाए बैठे हैं।
अक्षय तृतीया और सहालग से बढ़ी उम्मीदें
20 अप्रैल को अक्षय तृतीया का अबूझ मुहूर्त है, जिसे सोना खरीदने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोग ज्वेलरी खरीदते हैं। इस बार कीमतों में आई गिरावट के कारण खरीदारी में और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। शादी-ब्याह के सीजन की शुरुआत के साथ ही सराफा बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगी है, जिससे कारोबारियों में उत्साह नजर आ रहा है।
ग्वालियर समेत कई शहरों में बढ़ी मांग
प्रदेश के कई शहरों, खासकर ग्वालियर में, ज्वेलरी की मांग में तेजी देखी जा रही है। लोग कीमतों में गिरावट का फायदा उठाकर शादी और अन्य आयोजनों के लिए खरीदारी कर रहे हैं। सराफा व्यापारियों के मुताबिक, पहले के मुकाबले अब ग्राहक ज्यादा पूछताछ कर रहे हैं और बजट के हिसाब से विकल्प तलाश रहे हैं।
खरीदारी का बदला ट्रेंड
इस बार बाजार में एक नया ट्रेंड उभरकर सामने आया है। पहले जहां 22 और 24 कैरेट सोने की ज्यादा मांग रहती थी, वहीं अब 9, 14 और 18 कैरेट ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ी है। इसका कारण कम कीमत और बेहतर टिकाऊपन है। सीमित बजट वाले ग्राहक भी अब भारी डिजाइन के सेट खरीद पा रहे हैं, जिससे बाजार में विविधता आई है।
18 कैरेट ज्वेलरी क्यों बन रही पसंद
व्यापारियों का कहना है कि 18 कैरेट ज्वेलरी इस समय सबसे ज्यादा पसंद की जा रही है। यह 22 कैरेट की तुलना में सस्ती होती है और इसमें धातुओं का मिश्रण होने के कारण यह ज्यादा मजबूत भी होती है। इसके अलावा इसमें हीरे और स्टोन अच्छी तरह फिट हो जाते हैं, जिससे डिजाइन भी आकर्षक बनते हैं। रोजमर्रा के उपयोग के लिए भी यह ज्यादा उपयुक्त मानी जा रही है।
कीमतों में गिरावट का पूरा गणित
जनवरी के अंतिम सप्ताह में सोने की कीमतें अपने उच्च स्तर पर थीं। 29 जनवरी को सोना 1,84,500 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गया था, जो 5 अप्रैल तक घटकर 1,49,500 रुपये रह गया। इसी तरह चांदी 4,05,000 रुपये प्रति किलो से गिरकर 2,39,000 रुपये प्रति किलो पर आ गई। इस तरह महज 35 दिनों में सोना और चांदी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
सराफा बाजार में बढ़ी हलचल
कीमतों में आई इस गिरावट के बाद बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ गई है। लोग अब खरीदारी के लिए अधिक सक्रिय हो रहे हैं और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना है। व्यापारियों का मानना है कि सहालग और अक्षय तृतीया के चलते यह तेजी लंबे समय तक बनी रह सकती है।
