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इंदौर की बड़ी ठगी की कहानी: नकली पुलिस और तांत्रिक की मिलीजुली करतूत
सत्यकथा
स्कूल के दिनों से शुरू हुआ इश्क किशोरावस्था में हुई दोस्ती ने वर्षों बाद प्रेम में तब्दील हो गई।
इंदौर में हाल ही में पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी के जाल का खुलासा किया है, जिसमें नकली पुलिस अफसर और महिला तांत्रिक ने मिलकर लोगों को करोड़ों रुपए का चूना लगाया। मामला तब सामने आया जब सिमरोल निवासी सरिता ने अपने मंगेतर सपन सोलंकी पर शक करना शुरू किया। सपन ने खुद को एएसआई और बाद में एसआई बताकर सरिता से सगाई के समय आठ लाख रुपए ठगे और एक एक्टिवा भी ले लिया। सरिता ने सपन के पुलिस की वर्दी पहनकर हर बार मिलने पर भी ध्यान दिया, और अंततः अपने भाई की मदद से यह पता लगाया कि सपन इंदौर पुलिस में कार्यरत ही नहीं है।

सपन ने धोखे के लिए अपनी पढ़ाई और वास्तविक योग्यता का फायदा उठाते हुए नकली पुलिस आईडी और वर्दी तैयार करवा ली थी। इसके बाद उसने कई लड़कियों और लोगों को नौकरी और प्रमोशन का लालच देकर पैसे वसूलने शुरू कर दिए। शहर और आसपास के गांवों में अपने पुलिस अफसर बनने का दिखावा कर उसने लोगों को भरोसा दिलाया और कई मामलों में उनकी बड़ी रकम ठग ली।
सपन के ठगी के नेटवर्क में शामिल थी छोटू महाराज, जो असल में महिला थी। सीमा नाम की यह महिला पिछले आठ साल से पुरुष बनकर इंदौर और उज्जैन में तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को ठग रही थी। आश्रम में आने वाले भक्तों और युवतियों को नोट बारिश और पूजा के बहाने करोड़ों रुपए देने का लालच देकर ठगी की जाती थी। छोटू महाराज के सहयोगी विष्णु और राहुल शमशान और अंधेरी जगहों पर पूजन कर लोगों को डराते और उनके पैसे वसूलते थे।

सरिता की रिपोर्ट के बाद विजयनगर थाना टीआई तहजीब काजी और उनकी टीम ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने सिमरोल और सुपर कॉरिडोर में सपन और छोटू के ठगी के नेटवर्क को ट्रैक किया। पूछताछ में यह सामने आया कि सपन ने दो अलग-अलग युवतियों के साथ धोखाधड़ी और बलात्कार भी किया। इसके अलावा सपन और छोटू ने नोट बारिश के नाम पर कई लोगों से बड़ी रकम ठग ली थी। आश्रम की तलाशी में पुलिस को तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और रिकॉर्डिंग भी बरामद हुई।
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पूछताछ में यह भी पता चला कि छोटू महाराज ने अपने आश्रम में आने वाली लड़कियों को सपन के बारे में बताया कि वह आईपीएस अधिकारी है और जल्द ही कमिश्नर बनने वाला है। इस झांसे में युवतियों से लाखों रुपए ठगे गए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद यह गिरोह पकड़ में आया और करोड़ों रुपए के इस ठगी के जाल का पर्दाफाश हुआ।

इंदौर पुलिस की सतर्कता और टीमवर्क के कारण नकली पुलिस अफसर और महिला तांत्रिक का यह रहस्य उजागर हुआ। यह मामला समाज के लिए चेतावनी है कि किसी भी दिखावे या लालच में तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए।
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इंदौर की बड़ी ठगी की कहानी: नकली पुलिस और तांत्रिक की मिलीजुली करतूत
सत्यकथा
इंदौर में हाल ही में पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी के जाल का खुलासा किया है, जिसमें नकली पुलिस अफसर और महिला तांत्रिक ने मिलकर लोगों को करोड़ों रुपए का चूना लगाया। मामला तब सामने आया जब सिमरोल निवासी सरिता ने अपने मंगेतर सपन सोलंकी पर शक करना शुरू किया। सपन ने खुद को एएसआई और बाद में एसआई बताकर सरिता से सगाई के समय आठ लाख रुपए ठगे और एक एक्टिवा भी ले लिया। सरिता ने सपन के पुलिस की वर्दी पहनकर हर बार मिलने पर भी ध्यान दिया, और अंततः अपने भाई की मदद से यह पता लगाया कि सपन इंदौर पुलिस में कार्यरत ही नहीं है।

सपन ने धोखे के लिए अपनी पढ़ाई और वास्तविक योग्यता का फायदा उठाते हुए नकली पुलिस आईडी और वर्दी तैयार करवा ली थी। इसके बाद उसने कई लड़कियों और लोगों को नौकरी और प्रमोशन का लालच देकर पैसे वसूलने शुरू कर दिए। शहर और आसपास के गांवों में अपने पुलिस अफसर बनने का दिखावा कर उसने लोगों को भरोसा दिलाया और कई मामलों में उनकी बड़ी रकम ठग ली।
सपन के ठगी के नेटवर्क में शामिल थी छोटू महाराज, जो असल में महिला थी। सीमा नाम की यह महिला पिछले आठ साल से पुरुष बनकर इंदौर और उज्जैन में तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को ठग रही थी। आश्रम में आने वाले भक्तों और युवतियों को नोट बारिश और पूजा के बहाने करोड़ों रुपए देने का लालच देकर ठगी की जाती थी। छोटू महाराज के सहयोगी विष्णु और राहुल शमशान और अंधेरी जगहों पर पूजन कर लोगों को डराते और उनके पैसे वसूलते थे।

सरिता की रिपोर्ट के बाद विजयनगर थाना टीआई तहजीब काजी और उनकी टीम ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने सिमरोल और सुपर कॉरिडोर में सपन और छोटू के ठगी के नेटवर्क को ट्रैक किया। पूछताछ में यह सामने आया कि सपन ने दो अलग-अलग युवतियों के साथ धोखाधड़ी और बलात्कार भी किया। इसके अलावा सपन और छोटू ने नोट बारिश के नाम पर कई लोगों से बड़ी रकम ठग ली थी। आश्रम की तलाशी में पुलिस को तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और रिकॉर्डिंग भी बरामद हुई।
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पूछताछ में यह भी पता चला कि छोटू महाराज ने अपने आश्रम में आने वाली लड़कियों को सपन के बारे में बताया कि वह आईपीएस अधिकारी है और जल्द ही कमिश्नर बनने वाला है। इस झांसे में युवतियों से लाखों रुपए ठगे गए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद यह गिरोह पकड़ में आया और करोड़ों रुपए के इस ठगी के जाल का पर्दाफाश हुआ।

इंदौर पुलिस की सतर्कता और टीमवर्क के कारण नकली पुलिस अफसर और महिला तांत्रिक का यह रहस्य उजागर हुआ। यह मामला समाज के लिए चेतावनी है कि किसी भी दिखावे या लालच में तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए।
