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हवलदारनी का इश्क: मेरठ में पुलिस सिपाही ने शादी से पहले भागकर चुना अपने हिस्ट्रीशीटर आशिक का साथ
सत्यकथा
शादी से ठीक पहले भागी पुलिसकर्मी मेरठ जिले में महिला सिपाही ने हिस्ट्रीशीटर प्रेमी के साथ घर छोड़ा
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक महिला पुलिसकर्मी की शादी से ठीक एक दिन पहले भागने की घटना ने पूरे जिले में सनसनी मचा दी। पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज प्रेमी के साथ भागी दुल्हन की यह कहानी परिवार, समाज और कानून के बीच उलझे प्रेम की मिसाल बन गई है।

7 फरवरी की रात मेरठ जिले के अकबरपुर सादात के बहसूमा इलाके में महिला सिपाही की शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। विवाह अलीगढ़ के थाने में तैनात एक अन्य सिपाही से तय हुआ था। ढोल-नगाड़ों और गीतों के बीच घर में उत्साह का माहौल था, लेकिन 2 बजे के करीब अचानक बाइक की आवाज ने सबको चौका दिया। बाइक पर उसका प्रेमी, जो हिस्ट्रीशीटर था, आया और महिला सिपाही उसके साथ घर से फरार हो गई।
अपहरण या मर्जी?
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सुबह होते ही महिला सिपाही के पिता ने थाने में अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई। हालांकि पुलिस जांच में पाया गया कि महिला सिपाही ने अपने प्रेमी के साथ अपनी मर्जी से घर छोड़ा था। आठ घंटे बाद महिला सिपाही स्वयं मवाना थाने पहुंची और खुलासा किया कि वह अपने प्रेमी के साथ कोर्ट मैरिज करने का इरादा लेकर गई थी।
स्कूल के दिनों से शुरू हुआ इश्क
जानकारी के अनुसार, दोनों की मुलाकात लगभग 12 साल पहले स्कूल के दौरान हुई थी। किशोरावस्था में दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। महिला सिपाही के परिवार को इस रिश्ते का पता था, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
महिला सिपाही पढ़ी-लिखी और योग्य हैं। पुलिस विभाग में शामिल होने से पहले उन्होंने शिक्षक भर्ती परीक्षा, रेलवे और दिल्ली पुलिस की परीक्षा भी पास की थी। उनकी करियर आकांक्षाएं समाज में सम्मान और स्थायित्व की ओर थीं।
प्रेमी के खिलाफ मवाना थाने में नौ और किला परीक्षितगढ़ थाने में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। मई 2025 में उसने शराब की दुकान पर लूट की घटना में भाग लिया था और पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ। वह मेरठ के गोलू गैंग से भी जुड़ा है।
पुलिस ने घटना के तुरंत बाद पूरे जिले में घेराबंदी की और प्रेमी की तलाश की। महिला सिपाही के परिवार ने इसे अपहरण बताया, जबकि महिला सिपाही ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने प्रेमी के साथ जाने का निर्णय स्वयं लिया था। इस बयान के बाद पुलिस ने अपहरण केस को कमजोर मानते हुए रिपोर्ट में बदलाव किया।
यह मामला दर्शाता है कि कभी-कभी प्यार परिवार और कानून की सीमाओं को चुनौती दे सकता है। महिला सिपाही और हिस्ट्रीशीटर प्रेमी की कहानी सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण से चर्चा का विषय बनी हुई है। अभी दोनों की कोर्ट मैरिज की संभावना और कानूनी स्थिति पर निगरानी बनी हुई है।
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हवलदारनी का इश्क: मेरठ में पुलिस सिपाही ने शादी से पहले भागकर चुना अपने हिस्ट्रीशीटर आशिक का साथ
सत्यकथा
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक महिला पुलिसकर्मी की शादी से ठीक एक दिन पहले भागने की घटना ने पूरे जिले में सनसनी मचा दी। पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज प्रेमी के साथ भागी दुल्हन की यह कहानी परिवार, समाज और कानून के बीच उलझे प्रेम की मिसाल बन गई है।

7 फरवरी की रात मेरठ जिले के अकबरपुर सादात के बहसूमा इलाके में महिला सिपाही की शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। विवाह अलीगढ़ के थाने में तैनात एक अन्य सिपाही से तय हुआ था। ढोल-नगाड़ों और गीतों के बीच घर में उत्साह का माहौल था, लेकिन 2 बजे के करीब अचानक बाइक की आवाज ने सबको चौका दिया। बाइक पर उसका प्रेमी, जो हिस्ट्रीशीटर था, आया और महिला सिपाही उसके साथ घर से फरार हो गई।
अपहरण या मर्जी?
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सुबह होते ही महिला सिपाही के पिता ने थाने में अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई। हालांकि पुलिस जांच में पाया गया कि महिला सिपाही ने अपने प्रेमी के साथ अपनी मर्जी से घर छोड़ा था। आठ घंटे बाद महिला सिपाही स्वयं मवाना थाने पहुंची और खुलासा किया कि वह अपने प्रेमी के साथ कोर्ट मैरिज करने का इरादा लेकर गई थी।
स्कूल के दिनों से शुरू हुआ इश्क
जानकारी के अनुसार, दोनों की मुलाकात लगभग 12 साल पहले स्कूल के दौरान हुई थी। किशोरावस्था में दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। महिला सिपाही के परिवार को इस रिश्ते का पता था, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
महिला सिपाही पढ़ी-लिखी और योग्य हैं। पुलिस विभाग में शामिल होने से पहले उन्होंने शिक्षक भर्ती परीक्षा, रेलवे और दिल्ली पुलिस की परीक्षा भी पास की थी। उनकी करियर आकांक्षाएं समाज में सम्मान और स्थायित्व की ओर थीं।
प्रेमी के खिलाफ मवाना थाने में नौ और किला परीक्षितगढ़ थाने में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। मई 2025 में उसने शराब की दुकान पर लूट की घटना में भाग लिया था और पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ। वह मेरठ के गोलू गैंग से भी जुड़ा है।
पुलिस ने घटना के तुरंत बाद पूरे जिले में घेराबंदी की और प्रेमी की तलाश की। महिला सिपाही के परिवार ने इसे अपहरण बताया, जबकि महिला सिपाही ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने प्रेमी के साथ जाने का निर्णय स्वयं लिया था। इस बयान के बाद पुलिस ने अपहरण केस को कमजोर मानते हुए रिपोर्ट में बदलाव किया।
यह मामला दर्शाता है कि कभी-कभी प्यार परिवार और कानून की सीमाओं को चुनौती दे सकता है। महिला सिपाही और हिस्ट्रीशीटर प्रेमी की कहानी सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण से चर्चा का विषय बनी हुई है। अभी दोनों की कोर्ट मैरिज की संभावना और कानूनी स्थिति पर निगरानी बनी हुई है।
