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शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 703 अंक टूटा, निफ्टी फिसला; ऑटो और FMCG सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव
बिजनेस न्यूज
वैश्विक तनाव, कच्चे तेल में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर असर, मेटल सेक्टर में तुलनात्मक स्थिरता
आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 703 अंक या 0.91 प्रतिशत गिरकर 76,848 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 208 अंक यानी 0.86 प्रतिशत टूटकर 23,843 के स्तर पर आ गया। पूरे कारोबारी सत्र में बाजार पर बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसमें ऑटो और FMCG सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित रहे।
बाजार में गिरावट क्यों आई
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा है। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय तक चली वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई, जिसके बाद भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई।
इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अस्थिरता देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो पिछले कुछ महीनों में सबसे ऊंचा स्तर है।
सेक्टरवार प्रदर्शन
कारोबारी दिन के दौरान मेटल सेक्टर में गिरावट सबसे कम रही, जबकि ऑटो और FMCG सेक्टर में निवेशकों ने भारी बिकवाली की। बैंकिंग और आईटी शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती इनपुट कॉस्ट और वैश्विक मांग में अनिश्चितता का असर इन सेक्टरों पर साफ दिख रहा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी चिंता
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अप्रैल महीने में अब तक 48,000 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी बेच चुके हैं। हालांकि कुछ सत्रों में उन्होंने खरीदारी भी की है, लेकिन कुल मिलाकर आउटफ्लो बाजार के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।
रुपये की स्थिति भी दबाव में है और जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपये में और कमजोरी देखी जा सकती है।
तकनीकी स्तर और बाजार संकेत
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,850 का स्तर अहम सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है, जबकि ऊपर की ओर 24,143 के पास रेजिस्टेंस बना हुआ है। बाजार की मौजूदा स्थिति में निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी जा रही है।
हालांकि घरेलू अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है, लेकिन अल्पकालिक दबाव निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकता है।
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शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 703 अंक टूटा, निफ्टी फिसला; ऑटो और FMCG सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव
बिजनेस न्यूज
आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 703 अंक या 0.91 प्रतिशत गिरकर 76,848 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 208 अंक यानी 0.86 प्रतिशत टूटकर 23,843 के स्तर पर आ गया। पूरे कारोबारी सत्र में बाजार पर बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसमें ऑटो और FMCG सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित रहे।
बाजार में गिरावट क्यों आई
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा है। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय तक चली वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई, जिसके बाद भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई।
इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अस्थिरता देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो पिछले कुछ महीनों में सबसे ऊंचा स्तर है।
सेक्टरवार प्रदर्शन
कारोबारी दिन के दौरान मेटल सेक्टर में गिरावट सबसे कम रही, जबकि ऑटो और FMCG सेक्टर में निवेशकों ने भारी बिकवाली की। बैंकिंग और आईटी शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती इनपुट कॉस्ट और वैश्विक मांग में अनिश्चितता का असर इन सेक्टरों पर साफ दिख रहा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी चिंता
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अप्रैल महीने में अब तक 48,000 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी बेच चुके हैं। हालांकि कुछ सत्रों में उन्होंने खरीदारी भी की है, लेकिन कुल मिलाकर आउटफ्लो बाजार के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।
रुपये की स्थिति भी दबाव में है और जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपये में और कमजोरी देखी जा सकती है।
तकनीकी स्तर और बाजार संकेत
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,850 का स्तर अहम सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है, जबकि ऊपर की ओर 24,143 के पास रेजिस्टेंस बना हुआ है। बाजार की मौजूदा स्थिति में निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी जा रही है।
हालांकि घरेलू अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है, लेकिन अल्पकालिक दबाव निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकता है।
