- Hindi News
- बिजनेस
- ओरेकल ने भारत में 12,000 कर्मचारियों को निकाला, दुनियाभर में 30,000 की छंटनी
ओरेकल ने भारत में 12,000 कर्मचारियों को निकाला, दुनियाभर में 30,000 की छंटनी
बिजनेस न्यूज
AI निवेश के चलते बड़े संगठनात्मक बदलाव, कर्मचारियों को बताया “यही आपका आखिरी कार्य दिवस”
अमेरिकी आईटी कंपनी ओरेकल ने दुनियाभर में लगभग 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया, जिनमें से अकेले भारत में 12,000 कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों को सुबह 5 बजे से 6 बजे के बीच ईमेल के माध्यम से नोटिस मिला और कुछ ही मिनटों में उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया गया। कंपनी अगले महीने छंटनी का दूसरा दौर भी शुरू कर सकती है।
छंटनी में सीनियर इंजीनियर्स, आर्किटेक्ट्स, ऑपरेशंस लीडर्स, प्रोग्राम मैनेजर्स और टेक्निकल स्पेशलिस्ट्स शामिल हैं। कर्मचारियों के मुताबिक यह कदम परफॉर्मेंस के आधार पर नहीं लिया गया। ईमेल में उन्हें बताया गया कि “बड़े संगठनात्मक बदलाव” के तहत उनकी भूमिका समाप्त की गई है और जिस दिन वे यह संदेश पढ़ रहे हैं, वही उनका अंतिम कार्य दिवस है।
भारत में पूरी टीमों को रातों-रात समाप्त कर दिया गया, जिससे कर्मचारी हैरान रह गए। पूर्व कर्मचारी मेरुगु श्रीधर ने कहा कि 16 घंटे की शिफ्ट कल्चर का विरोध करने वाले कर्मचारियों को अधिक प्रभावित किया गया। अमेरिका में काम कर रहे भारतीय मूल कर्मचारियों पर भी इसका विशेष असर पड़ा।
AI निवेश कारण
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने AI टूल्स में भारी निवेश किया है। इन टूल्स की मदद से कम कर्मचारी ज्यादा काम कर पा रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर छंटनी हुई। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम स्वचालन और AI के कारण उठाया गया, कर्मचारी प्रदर्शन से इसका कोई संबंध नहीं।
ओरेकल की स्थापना और चेयरमैनशिप लैरी एलिसन के नेतृत्व में है, जिनकी नेटवर्थ ₹17.15 लाख करोड़ है। कंपनी सॉफ्टवेयर और क्लाउड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करती है। विशेषज्ञ इसे “इनविजिबल लेऑफ” कहते हैं, जहां कर्मचारियों को धीरे-धीरे और बिना किसी बड़े एलान के निकाला जाता है। पिछले तीन महीनों में अमेज़न, मेटा और डेल समेत कंपनियों ने लगभग 94,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है।
प्रतिक्रिया और विश्लेषण
कर्मचारियों ने अचानक नोटिस मिलने पर संताप और आश्चर्य व्यक्त किया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की AI-आधारित छंटनी कर्मचारी मनोबल और IT सेक्टर की स्थिति पर प्रभाव डाल सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि AI आधारित पुनर्गठन तकनीकी कंपनियों में जारी रहेगा। ओरेकल ने इस छंटनी और अगले दौर पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। उद्योग विश्लेषक चेतावनी दे रहे हैं कि आने वाले महीनों में AI और ऑटोमेशन के कारण और भी बदलाव संभव हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
ओरेकल ने भारत में 12,000 कर्मचारियों को निकाला, दुनियाभर में 30,000 की छंटनी
बिजनेस न्यूज
अमेरिकी आईटी कंपनी ओरेकल ने दुनियाभर में लगभग 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया, जिनमें से अकेले भारत में 12,000 कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों को सुबह 5 बजे से 6 बजे के बीच ईमेल के माध्यम से नोटिस मिला और कुछ ही मिनटों में उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया गया। कंपनी अगले महीने छंटनी का दूसरा दौर भी शुरू कर सकती है।
छंटनी में सीनियर इंजीनियर्स, आर्किटेक्ट्स, ऑपरेशंस लीडर्स, प्रोग्राम मैनेजर्स और टेक्निकल स्पेशलिस्ट्स शामिल हैं। कर्मचारियों के मुताबिक यह कदम परफॉर्मेंस के आधार पर नहीं लिया गया। ईमेल में उन्हें बताया गया कि “बड़े संगठनात्मक बदलाव” के तहत उनकी भूमिका समाप्त की गई है और जिस दिन वे यह संदेश पढ़ रहे हैं, वही उनका अंतिम कार्य दिवस है।
भारत में पूरी टीमों को रातों-रात समाप्त कर दिया गया, जिससे कर्मचारी हैरान रह गए। पूर्व कर्मचारी मेरुगु श्रीधर ने कहा कि 16 घंटे की शिफ्ट कल्चर का विरोध करने वाले कर्मचारियों को अधिक प्रभावित किया गया। अमेरिका में काम कर रहे भारतीय मूल कर्मचारियों पर भी इसका विशेष असर पड़ा।
AI निवेश कारण
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने AI टूल्स में भारी निवेश किया है। इन टूल्स की मदद से कम कर्मचारी ज्यादा काम कर पा रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर छंटनी हुई। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम स्वचालन और AI के कारण उठाया गया, कर्मचारी प्रदर्शन से इसका कोई संबंध नहीं।
ओरेकल की स्थापना और चेयरमैनशिप लैरी एलिसन के नेतृत्व में है, जिनकी नेटवर्थ ₹17.15 लाख करोड़ है। कंपनी सॉफ्टवेयर और क्लाउड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करती है। विशेषज्ञ इसे “इनविजिबल लेऑफ” कहते हैं, जहां कर्मचारियों को धीरे-धीरे और बिना किसी बड़े एलान के निकाला जाता है। पिछले तीन महीनों में अमेज़न, मेटा और डेल समेत कंपनियों ने लगभग 94,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है।
प्रतिक्रिया और विश्लेषण
कर्मचारियों ने अचानक नोटिस मिलने पर संताप और आश्चर्य व्यक्त किया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की AI-आधारित छंटनी कर्मचारी मनोबल और IT सेक्टर की स्थिति पर प्रभाव डाल सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि AI आधारित पुनर्गठन तकनीकी कंपनियों में जारी रहेगा। ओरेकल ने इस छंटनी और अगले दौर पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। उद्योग विश्लेषक चेतावनी दे रहे हैं कि आने वाले महीनों में AI और ऑटोमेशन के कारण और भी बदलाव संभव हैं।
