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रायसेन में 50 एकड़ गेहूं की फसल में लगी आग, 11 किसानों की फसल जलकर खाक, 25 ट्रैक्टर भी नहीं रोक पाए लपटें
रायसेन (म.प्र.)
रायसेन जिले में बुधवार को भीषण आग लगने से लगभग 50 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को संभलने का मौका नहीं मिला।
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब खेतों में खड़ी गेहूं की फसल अचानक भीषण आग की चपेट में आ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को अपनी फसल बचाने का कोई मौका नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में लगभग 50 एकड़ में फैली फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई।
आग फैलने की भयावह रफ्तार और किसानों की कोशिश
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के खेत भी इसकी चपेट में आने लगे। स्थिति को काबू करने के लिए स्थानीय किसानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टरों और पेड़ों की टहनियों की मदद से आग को रोकने का प्रयास किया। करीब 25 से अधिक ट्रैक्टरों को मौके पर आग पर काबू पाने के लिए लगाया गया, लेकिन तेज हवाओं और सूखी फसल के कारण आग लगातार फैलती रही।
दमकल विभाग की चुनौती और पानी की कमी
सूचना मिलते ही सांची नगर पालिका सहित दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। लेकिन आग की भयावहता के बीच सबसे बड़ी समस्या तब सामने आई जब फायर ब्रिगेड के वाहनों में पानी खत्म हो गया। इसके बाद आग पर काबू पाने के प्रयास और कठिन हो गए।
आग लगने के संभावित कारण
प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों को लेकर अलग-अलग संभावनाएं सामने आ रही हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट या खेतों में पड़ी नरवाई (फसल अवशेष) इसके पीछे वजह हो सकती है। हालांकि कुछ किसानों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
किसानों को भारी नुकसान
इस घटना में दीवान सिंह, अवतार सिंह, बदन सिंह, सुरेंद्र पटेल, रामबाबू पटेल, बहादुर सिंह, संदीप ठाकुर, अतर ठाकुर, गोलू ठाकुर, संजू ठाकुर और ओंकार सिंह सहित कई किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। कटाई के ठीक पहले हुई इस घटना ने किसानों की महीनों की मेहनत को पल भर में खत्म कर दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है।
प्रशासन की कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रभावित किसानों को सहायता और मुआवजे को लेकर भी प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
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रायसेन में 50 एकड़ गेहूं की फसल में लगी आग, 11 किसानों की फसल जलकर खाक, 25 ट्रैक्टर भी नहीं रोक पाए लपटें
रायसेन (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब खेतों में खड़ी गेहूं की फसल अचानक भीषण आग की चपेट में आ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को अपनी फसल बचाने का कोई मौका नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में लगभग 50 एकड़ में फैली फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई।
आग फैलने की भयावह रफ्तार और किसानों की कोशिश
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के खेत भी इसकी चपेट में आने लगे। स्थिति को काबू करने के लिए स्थानीय किसानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टरों और पेड़ों की टहनियों की मदद से आग को रोकने का प्रयास किया। करीब 25 से अधिक ट्रैक्टरों को मौके पर आग पर काबू पाने के लिए लगाया गया, लेकिन तेज हवाओं और सूखी फसल के कारण आग लगातार फैलती रही।
दमकल विभाग की चुनौती और पानी की कमी
सूचना मिलते ही सांची नगर पालिका सहित दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। लेकिन आग की भयावहता के बीच सबसे बड़ी समस्या तब सामने आई जब फायर ब्रिगेड के वाहनों में पानी खत्म हो गया। इसके बाद आग पर काबू पाने के प्रयास और कठिन हो गए।
आग लगने के संभावित कारण
प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों को लेकर अलग-अलग संभावनाएं सामने आ रही हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट या खेतों में पड़ी नरवाई (फसल अवशेष) इसके पीछे वजह हो सकती है। हालांकि कुछ किसानों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
किसानों को भारी नुकसान
इस घटना में दीवान सिंह, अवतार सिंह, बदन सिंह, सुरेंद्र पटेल, रामबाबू पटेल, बहादुर सिंह, संदीप ठाकुर, अतर ठाकुर, गोलू ठाकुर, संजू ठाकुर और ओंकार सिंह सहित कई किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। कटाई के ठीक पहले हुई इस घटना ने किसानों की महीनों की मेहनत को पल भर में खत्म कर दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है।
प्रशासन की कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रभावित किसानों को सहायता और मुआवजे को लेकर भी प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
