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एमपी में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान शुरू, सीएम मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान, 4 लाख साइकिल वितरण की तैयारी
भोपाल (म.प्र.)
मध्यप्रदेश में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत के साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी पहल की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में राज्य स्तरीय प्रवेश उत्सव का शुभारंभ किया।
मध्यप्रदेश सरकार ने शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से चार दिवसीय ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। यह आयोजन भोपाल स्थित सांदीपनि विद्यालय टीटीनगर में राज्य स्तरीय प्रवेश उत्सव के रूप में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। सरकार का दावा है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के चलते अब अभिभावकों का रुझान निजी स्कूलों की बजाय सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ा है।
नामांकन में बढ़ोतरी और ड्रॉपआउट में कमी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नए नामांकन में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि केवल सरकारी स्कूलों में यह आंकड़ा 36 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रॉपआउट दर को लगभग समाप्त कर दिया गया है, जो शिक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस बदलाव को सरकार ने शिक्षा सुधारों और सुविधाओं के विस्तार का परिणाम बताया है।
4 लाख साइकिल वितरण और छात्र कल्याण योजनाएं
अभियान के तहत अगले दिन लगभग 4 लाख साइकिलों का वितरण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने छात्राओं के लिए स्कूटी योजना, लैपटॉप वितरण और छात्रावास सुविधाओं जैसे कई कार्यक्रमों को भी विस्तार दिया है। सरकार का कहना है कि बच्चों की शिक्षा को आसान और आधुनिक बनाना प्राथमिक लक्ष्य है।
सीएम ने किया बच्चों का उत्साहवर्धन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों पर पुष्प वर्षा की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने सपनों को खुलकर पूरा करें और शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ें। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने अभियान को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी योजना
राज्य सरकार के अनुसार करीब 92 हजार सरकारी स्कूलों और 85 लाख से अधिक विद्यार्थियों वाले शिक्षा तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट रोकने और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए लगभग 76 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई है और शिक्षा बजट में भी वृद्धि की गई है।
चार दिवसीय अभियान की रूपरेखा
इस अभियान के पहले दिन बालसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित की गईं। दूसरे दिन विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उन्हें प्रेरित करेंगे।
तीसरे दिन सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के माध्यम से अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। चौथे दिन उन छात्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जो पढ़ाई में पीछे रह गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की पहचान का अभियान
शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि गांवों और बस्तियों में ऐसे बच्चों की पहचान की जाए जो अभी स्कूल से बाहर हैं। अधिकारियों और शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास करें। इसके लिए अभिभावकों से संपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि वे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित हों।
स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल
राज्य के कई स्कूलों में प्रवेश उत्सव को उत्साहपूर्ण तरीके से मनाया गया। सांदीपनि विद्यालय सिस्टम के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं जैसे लाइब्रेरी, लैब और खेल मैदानों का प्रदर्शन किया गया। कुछ स्कूलों में बच्चों को किताबों के साथ-साथ प्रेजेंटेशन के माध्यम से पूरे शैक्षणिक सत्र की गतिविधियों की जानकारी दी गई।
बैरागढ़ चिचली स्कूल में विशेष पहल
भोपाल के पास स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल बैरागढ़ चिचली में भी कार्यक्रम को खास तरीके से आयोजित किया गया। यहां विद्यार्थियों की उपस्थिति पहले दिन 50 प्रतिशत से अधिक रही। स्कूल प्रशासन ने प्रोजेक्टर के माध्यम से स्थानीय बस्तियों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए और सर्वे कर नए बच्चों को स्कूल से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की।
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एमपी में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान शुरू, सीएम मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान, 4 लाख साइकिल वितरण की तैयारी
भोपाल (म.प्र.)
मध्यप्रदेश सरकार ने शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से चार दिवसीय ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। यह आयोजन भोपाल स्थित सांदीपनि विद्यालय टीटीनगर में राज्य स्तरीय प्रवेश उत्सव के रूप में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। सरकार का दावा है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के चलते अब अभिभावकों का रुझान निजी स्कूलों की बजाय सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ा है।
नामांकन में बढ़ोतरी और ड्रॉपआउट में कमी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नए नामांकन में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि केवल सरकारी स्कूलों में यह आंकड़ा 36 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रॉपआउट दर को लगभग समाप्त कर दिया गया है, जो शिक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस बदलाव को सरकार ने शिक्षा सुधारों और सुविधाओं के विस्तार का परिणाम बताया है।
4 लाख साइकिल वितरण और छात्र कल्याण योजनाएं
अभियान के तहत अगले दिन लगभग 4 लाख साइकिलों का वितरण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने छात्राओं के लिए स्कूटी योजना, लैपटॉप वितरण और छात्रावास सुविधाओं जैसे कई कार्यक्रमों को भी विस्तार दिया है। सरकार का कहना है कि बच्चों की शिक्षा को आसान और आधुनिक बनाना प्राथमिक लक्ष्य है।
सीएम ने किया बच्चों का उत्साहवर्धन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों पर पुष्प वर्षा की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने सपनों को खुलकर पूरा करें और शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ें। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने अभियान को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी योजना
राज्य सरकार के अनुसार करीब 92 हजार सरकारी स्कूलों और 85 लाख से अधिक विद्यार्थियों वाले शिक्षा तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट रोकने और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए लगभग 76 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई है और शिक्षा बजट में भी वृद्धि की गई है।
चार दिवसीय अभियान की रूपरेखा
इस अभियान के पहले दिन बालसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित की गईं। दूसरे दिन विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उन्हें प्रेरित करेंगे।
तीसरे दिन सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के माध्यम से अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। चौथे दिन उन छात्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जो पढ़ाई में पीछे रह गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की पहचान का अभियान
शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि गांवों और बस्तियों में ऐसे बच्चों की पहचान की जाए जो अभी स्कूल से बाहर हैं। अधिकारियों और शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास करें। इसके लिए अभिभावकों से संपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि वे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित हों।
स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल
राज्य के कई स्कूलों में प्रवेश उत्सव को उत्साहपूर्ण तरीके से मनाया गया। सांदीपनि विद्यालय सिस्टम के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं जैसे लाइब्रेरी, लैब और खेल मैदानों का प्रदर्शन किया गया। कुछ स्कूलों में बच्चों को किताबों के साथ-साथ प्रेजेंटेशन के माध्यम से पूरे शैक्षणिक सत्र की गतिविधियों की जानकारी दी गई।
बैरागढ़ चिचली स्कूल में विशेष पहल
भोपाल के पास स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल बैरागढ़ चिचली में भी कार्यक्रम को खास तरीके से आयोजित किया गया। यहां विद्यार्थियों की उपस्थिति पहले दिन 50 प्रतिशत से अधिक रही। स्कूल प्रशासन ने प्रोजेक्टर के माध्यम से स्थानीय बस्तियों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए और सर्वे कर नए बच्चों को स्कूल से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की।
