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सेंसेक्स 383 अंक चढ़कर बंद, IT-ऑटो शेयरों में तेजी
बिजनेस डेस्क
निफ्टी में भी मजबूती, विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच बाजार में रिकवरी; दक्षिण कोरिया ने मार्केट कैप में भारत को पीछे छोड़ा
शेयर बाजार में आज यानी 2 जून को लगातार उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार मजबूती देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 383 अंक की बढ़त के साथ 74,650 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 101 अंक की तेजी दर्ज की गई और यह 23,484 के स्तर पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में IT, FMCG और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला। शुरुआती सत्र में हल्की कमजोरी के बाद दोपहर के बाद बाजार में खरीदारी तेज हुई और अंत में इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए।
IT और ऑटो सेक्टर में आई खरीदारी ने पूरे बाजार को संभालने का काम किया। निवेशकों की नजरें ग्लोबल संकेतों पर भी बनी रहीं, जहां अमेरिकी बाजारों में पहले से ही मजबूती का रुख देखने को मिला था। वहीं एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा, जिससे घरेलू निवेशकों के सेंटीमेंट पर भी असर पड़ा। हालांकि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिल रहा है।
इस बीच एक बड़ी वैश्विक आर्थिक खबर सामने आई है, जिसमें दक्षिण कोरिया ने मार्केट कैप के मामले में भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है। यह बदलाव मुख्य रूप से दक्षिण कोरिया की टेक और चिप निर्माण कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन की वजह से हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को नई ऊंचाई दी है, जिससे वहां की कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला है।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल दक्षिण कोरिया की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 86 प्रतिशत बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 475 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके मुकाबले भारतीय शेयर बाजार की मार्केट कैप घटकर लगभग 4.8 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 456 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई है। यह अंतर निवेशकों के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है कि वैश्विक पूंजी प्रवाह फिलहाल टेक-ड्रिवन बाजारों की ओर झुक रहा है।
दूसरी तरफ, एशियाई बाजारों में आज मिश्रित रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई इंडेक्स गिरावट में रहा। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स मजबूत तेजी के साथ बंद हुआ, जो क्षेत्रीय निवेशकों के सकारात्मक सेंटीमेंट को दर्शाता है। वैश्विक बाजारों में यह उतार-चढ़ाव संकेत देता है कि निवेशक अभी भी अलग-अलग आर्थिक संकेतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में तेजी देखी गई थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और S&P 500 सभी इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुए थे। टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी का असर अमेरिकी बाजारों पर साफ दिखाई दिया। इसका सकारात्मक प्रभाव एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी पड़ा, जिससे घरेलू बाजार में रिकवरी देखने को मिली।
हालांकि चिंता की बात यह है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। पिछले 30 दिनों में उन्होंने लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं और भारी खरीदारी कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक सप्ताह और महीने में DII की नेट खरीदारी काफी मजबूत रही है, जिससे बाजार में गिरावट सीमित रही है। बाजार की मौजूदा स्थिति में दो विपरीत ताकतें काम कर रही हैं। एक तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली दबाव बना रही है, तो दूसरी तरफ घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार को स्थिर रखने की कोशिश कर रही है। इसी वजह से बाजार में तेज गिरावट की जगह सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
इससे पहले 1 जून को बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 508 अंक टूटकर 74,267 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 165 अंक गिरकर 23,382 पर आ गया था। लेकिन अगले ही कारोबारी सत्र में बाजार ने रिकवरी दिखाई और निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला।
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सेंसेक्स 383 अंक चढ़कर बंद, IT-ऑटो शेयरों में तेजी
बिजनेस डेस्क
शेयर बाजार में आज यानी 2 जून को लगातार उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार मजबूती देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 383 अंक की बढ़त के साथ 74,650 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 101 अंक की तेजी दर्ज की गई और यह 23,484 के स्तर पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में IT, FMCG और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला। शुरुआती सत्र में हल्की कमजोरी के बाद दोपहर के बाद बाजार में खरीदारी तेज हुई और अंत में इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए।
IT और ऑटो सेक्टर में आई खरीदारी ने पूरे बाजार को संभालने का काम किया। निवेशकों की नजरें ग्लोबल संकेतों पर भी बनी रहीं, जहां अमेरिकी बाजारों में पहले से ही मजबूती का रुख देखने को मिला था। वहीं एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा, जिससे घरेलू निवेशकों के सेंटीमेंट पर भी असर पड़ा। हालांकि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिल रहा है।
इस बीच एक बड़ी वैश्विक आर्थिक खबर सामने आई है, जिसमें दक्षिण कोरिया ने मार्केट कैप के मामले में भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है। यह बदलाव मुख्य रूप से दक्षिण कोरिया की टेक और चिप निर्माण कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन की वजह से हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को नई ऊंचाई दी है, जिससे वहां की कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला है।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल दक्षिण कोरिया की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 86 प्रतिशत बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 475 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके मुकाबले भारतीय शेयर बाजार की मार्केट कैप घटकर लगभग 4.8 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 456 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई है। यह अंतर निवेशकों के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है कि वैश्विक पूंजी प्रवाह फिलहाल टेक-ड्रिवन बाजारों की ओर झुक रहा है।
दूसरी तरफ, एशियाई बाजारों में आज मिश्रित रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई इंडेक्स गिरावट में रहा। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स मजबूत तेजी के साथ बंद हुआ, जो क्षेत्रीय निवेशकों के सकारात्मक सेंटीमेंट को दर्शाता है। वैश्विक बाजारों में यह उतार-चढ़ाव संकेत देता है कि निवेशक अभी भी अलग-अलग आर्थिक संकेतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में तेजी देखी गई थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और S&P 500 सभी इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुए थे। टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी का असर अमेरिकी बाजारों पर साफ दिखाई दिया। इसका सकारात्मक प्रभाव एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी पड़ा, जिससे घरेलू बाजार में रिकवरी देखने को मिली।
हालांकि चिंता की बात यह है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। पिछले 30 दिनों में उन्होंने लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं और भारी खरीदारी कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक सप्ताह और महीने में DII की नेट खरीदारी काफी मजबूत रही है, जिससे बाजार में गिरावट सीमित रही है। बाजार की मौजूदा स्थिति में दो विपरीत ताकतें काम कर रही हैं। एक तरफ विदेशी निवेशकों की बिकवाली दबाव बना रही है, तो दूसरी तरफ घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार को स्थिर रखने की कोशिश कर रही है। इसी वजह से बाजार में तेज गिरावट की जगह सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
इससे पहले 1 जून को बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 508 अंक टूटकर 74,267 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 165 अंक गिरकर 23,382 पर आ गया था। लेकिन अगले ही कारोबारी सत्र में बाजार ने रिकवरी दिखाई और निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला।
