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सोना-चांदी में जोरदार उछाल, चांदी ₹2.66 लाख किलो पहुंची
बिजनेस डेस्क
बाजार में लगातार तेजी, इस साल अब तक चांदी ₹36 हजार और सोना ₹23 हजार महंगा
सोने और चांदी के दामों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिला है। 25 मई के ताजा कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 760 रुपये बढ़कर 1.56 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी में भी तेज बढ़त देखने को मिली है और 1 किलो चांदी की कीमत 2,950 रुपये बढ़कर 2.66 लाख रुपये हो गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मांग में बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण है।
इस साल की शुरुआत से अब तक सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपये पर था, जो अब बढ़कर 1.56 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। इसी अवधि में चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.66 लाख रुपये पर पहुंच गई है। यानी इस साल सोना लगभग 23 हजार रुपये और चांदी करीब 36 हजार रुपये महंगी हो चुकी है। वहीं कुछ समय पहले 29 जनवरी को दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था, जब सोना 1.76 लाख रुपये और चांदी 3.86 लाख रुपये के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी।
बाजार में लगातार हो रही इस तेजी ने निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ा दी है। ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबे समय में सोना और चांदी सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। खासकर शादी और त्योहारों के सीजन में इनकी मांग और बढ़ जाती है, जिससे कीमतों पर भी असर पड़ता है। हालांकि मौजूदा स्तर पर आम खरीदारों के लिए ज्वेलरी खरीदना महंगा साबित हो रहा है।
इसी बीच विशेषज्ञों ने सोना खरीदने वाले ग्राहकों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। ज्वेलर्स का कहना है कि सोना खरीदते समय सबसे पहले BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क से यह सुनिश्चित होता है कि सोना कितने कैरेट का है और उसकी शुद्धता कितनी है। आमतौर पर यह अल्फान्यूमेरिक कोड के रूप में होता है, जिससे उसकी प्रमाणिकता की पहचान की जा सकती है।
इसके अलावा दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात है कीमत की क्रॉस चेकिंग। विशेषज्ञों के अनुसार ग्राहकों को खरीदारी से पहले सोने के ताजा दाम कई स्रोतों से जांच लेने चाहिए, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या अधिक कीमत वसूली से बचा जा सके। इसके लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन जैसे मान्यता प्राप्त स्रोतों की दरों को आधार माना जाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर सोने-चांदी पर पड़ रहा है। निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी मांग लगातार बनी हुई है। वहीं चांदी की औद्योगिक मांग भी कीमतों को ऊपर ले जा रही है।
स्थानीय बाजारों में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। कई ज्वेलरी शोरूम में ग्राहकों की संख्या में हल्की कमी देखी गई है, लेकिन निवेश के उद्देश्य से खरीदारी जारी है। व्यापारियों का कहना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतें और नए रिकॉर्ड बना सकती हैं।
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सोना-चांदी में जोरदार उछाल, चांदी ₹2.66 लाख किलो पहुंची
बिजनेस डेस्क
सोने और चांदी के दामों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिला है। 25 मई के ताजा कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 760 रुपये बढ़कर 1.56 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी में भी तेज बढ़त देखने को मिली है और 1 किलो चांदी की कीमत 2,950 रुपये बढ़कर 2.66 लाख रुपये हो गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मांग में बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण है।
इस साल की शुरुआत से अब तक सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपये पर था, जो अब बढ़कर 1.56 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। इसी अवधि में चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.66 लाख रुपये पर पहुंच गई है। यानी इस साल सोना लगभग 23 हजार रुपये और चांदी करीब 36 हजार रुपये महंगी हो चुकी है। वहीं कुछ समय पहले 29 जनवरी को दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था, जब सोना 1.76 लाख रुपये और चांदी 3.86 लाख रुपये के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी।
बाजार में लगातार हो रही इस तेजी ने निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ा दी है। ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबे समय में सोना और चांदी सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। खासकर शादी और त्योहारों के सीजन में इनकी मांग और बढ़ जाती है, जिससे कीमतों पर भी असर पड़ता है। हालांकि मौजूदा स्तर पर आम खरीदारों के लिए ज्वेलरी खरीदना महंगा साबित हो रहा है।
इसी बीच विशेषज्ञों ने सोना खरीदने वाले ग्राहकों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। ज्वेलर्स का कहना है कि सोना खरीदते समय सबसे पहले BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क से यह सुनिश्चित होता है कि सोना कितने कैरेट का है और उसकी शुद्धता कितनी है। आमतौर पर यह अल्फान्यूमेरिक कोड के रूप में होता है, जिससे उसकी प्रमाणिकता की पहचान की जा सकती है।
इसके अलावा दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात है कीमत की क्रॉस चेकिंग। विशेषज्ञों के अनुसार ग्राहकों को खरीदारी से पहले सोने के ताजा दाम कई स्रोतों से जांच लेने चाहिए, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या अधिक कीमत वसूली से बचा जा सके। इसके लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन जैसे मान्यता प्राप्त स्रोतों की दरों को आधार माना जाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर सोने-चांदी पर पड़ रहा है। निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी मांग लगातार बनी हुई है। वहीं चांदी की औद्योगिक मांग भी कीमतों को ऊपर ले जा रही है।
स्थानीय बाजारों में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। कई ज्वेलरी शोरूम में ग्राहकों की संख्या में हल्की कमी देखी गई है, लेकिन निवेश के उद्देश्य से खरीदारी जारी है। व्यापारियों का कहना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतें और नए रिकॉर्ड बना सकती हैं।
