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दिल्ली में 8 जून को INDIA ब्लॉक की बैठक संभव, विपक्षी रणनीति पर मंथन
Digital Desk
राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना, भाजपा के खिलाफ साझा रणनीति पर हो सकती है चर्चा
राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर विपक्षी एकजुटता की चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के वरिष्ठ नेताओं की 8 जून को नई दिल्ली में बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित करीब 15 विपक्षी दलों के नेता शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करना और विपक्षी दलों के बीच समन्वय को मजबूत करना होगा।
बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में कई राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों और आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए विपक्षी दल एक बार फिर साझा मंच को सक्रिय करने की कोशिश में जुटे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों की आवाज कई बार एकजुट दिखाई दी, लेकिन कई मामलों में मतभेद भी सामने आए। ऐसे में यह बैठक INDIA ब्लॉक के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि प्रमुख विपक्षी दल एक साथ बैठकर भविष्य की रणनीति तय करते हैं तो इसका असर आने वाले चुनावों और संसद के भीतर विपक्ष की भूमिका पर भी पड़ सकता है।
बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, संसद के आगामी सत्र, राज्यों में संगठनात्मक मजबूती और जनता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि विपक्षी दल बेरोजगारी, महंगाई, किसानों से जुड़े मुद्दों और संघीय ढांचे से संबंधित विषयों को लेकर साझा अभियान की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में भाजपा के खिलाफ प्रभावी चुनावी रणनीति बनाने पर भी विचार किया जा सकता है।
हालांकि इस प्रस्तावित बैठक को लेकर कुछ दलों की भागीदारी को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के इस बैठक में शामिल होने की संभावना कम बताई जा रही है। इसके पीछे तमिलनाडु की राजनीति और कांग्रेस द्वारा तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को समर्थन दिए जाने को कारण माना जा रहा है। हालांकि गठबंधन के कुछ नेता टीवीके को भी बैठक में शामिल कराने के प्रयास कर रहे हैं ताकि विपक्षी एकता का दायरा और व्यापक हो सके।
वहीं आम आदमी पार्टी पहले ही सार्वजनिक तौर पर INDIA गठबंधन से दूरी बना चुकी है। ऐसे में पार्टी के इस बैठक में शामिल होने की संभावना लगभग नहीं के बराबर मानी जा रही है। दिल्ली और पंजाब की राजनीति को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच बढ़ी दूरी भी इसकी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। इसके बावजूद विपक्षी खेमे की कोशिश है कि अधिक से अधिक दल साझा मंच पर बने रहें।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकीं ममता बनर्जी इस बैठक में अपने राज्य से जुड़े कुछ राजनीतिक मुद्दे उठा सकती हैं। बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों का मामला बैठक में रख सकती है और इस पर अन्य विपक्षी दलों का समर्थन मांग सकती है। यदि ऐसा होता है तो बैठक में क्षेत्रीय दलों की चिंताओं और राज्य-स्तरीय राजनीतिक मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा देखने को मिल सकती है।
INDIA गठबंधन की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। इसकी पहली बैठक 23 जून 2023 को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित की गई थी। उस समय बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक की मेजबानी की थी। इस बैठक में देश के प्रमुख विपक्षी दल शामिल हुए थे और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ संयुक्त रूप से मुकाबला करने की रणनीति बनाई गई थी। बाद में बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली समेत कई शहरों में गठबंधन की बैठकों का आयोजन किया गया, जहां सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई।
लोकसभा चुनाव 2024 में INDIA गठबंधन को कुल 234 सीटें मिली थीं। इनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस का महत्वपूर्ण योगदान रहा था। हालांकि गठबंधन बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया, लेकिन उसने भाजपा के सामने मजबूत चुनौती पेश की थी। इसके बाद विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में गठबंधन को मिले-जुले परिणाम देखने को मिले। महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, जबकि कुछ अन्य राज्यों में विपक्षी दलों का प्रदर्शन बेहतर रहा।
सितंबर 2025 में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने सरकारी आवास पर INDIA ब्लॉक के नेताओं के लिए डिनर मीटिंग आयोजित की थी। उस बैठक को विपक्षी एकजुटता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया था। कांग्रेस नेताओं ने तब दावा किया था कि बैठक सकारात्मक रही और सभी दलों ने मिलकर आगे बढ़ने पर सहमति जताई थी। अब जून में प्रस्तावित बैठक को उसी प्रक्रिया का अगला चरण माना जा रहा है।
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दिल्ली में 8 जून को INDIA ब्लॉक की बैठक संभव, विपक्षी रणनीति पर मंथन
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राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर विपक्षी एकजुटता की चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के वरिष्ठ नेताओं की 8 जून को नई दिल्ली में बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित करीब 15 विपक्षी दलों के नेता शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करना और विपक्षी दलों के बीच समन्वय को मजबूत करना होगा।
बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में कई राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों और आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए विपक्षी दल एक बार फिर साझा मंच को सक्रिय करने की कोशिश में जुटे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों की आवाज कई बार एकजुट दिखाई दी, लेकिन कई मामलों में मतभेद भी सामने आए। ऐसे में यह बैठक INDIA ब्लॉक के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि प्रमुख विपक्षी दल एक साथ बैठकर भविष्य की रणनीति तय करते हैं तो इसका असर आने वाले चुनावों और संसद के भीतर विपक्ष की भूमिका पर भी पड़ सकता है।
बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, संसद के आगामी सत्र, राज्यों में संगठनात्मक मजबूती और जनता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि विपक्षी दल बेरोजगारी, महंगाई, किसानों से जुड़े मुद्दों और संघीय ढांचे से संबंधित विषयों को लेकर साझा अभियान की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में भाजपा के खिलाफ प्रभावी चुनावी रणनीति बनाने पर भी विचार किया जा सकता है।
हालांकि इस प्रस्तावित बैठक को लेकर कुछ दलों की भागीदारी को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के इस बैठक में शामिल होने की संभावना कम बताई जा रही है। इसके पीछे तमिलनाडु की राजनीति और कांग्रेस द्वारा तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को समर्थन दिए जाने को कारण माना जा रहा है। हालांकि गठबंधन के कुछ नेता टीवीके को भी बैठक में शामिल कराने के प्रयास कर रहे हैं ताकि विपक्षी एकता का दायरा और व्यापक हो सके।
वहीं आम आदमी पार्टी पहले ही सार्वजनिक तौर पर INDIA गठबंधन से दूरी बना चुकी है। ऐसे में पार्टी के इस बैठक में शामिल होने की संभावना लगभग नहीं के बराबर मानी जा रही है। दिल्ली और पंजाब की राजनीति को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच बढ़ी दूरी भी इसकी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। इसके बावजूद विपक्षी खेमे की कोशिश है कि अधिक से अधिक दल साझा मंच पर बने रहें।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकीं ममता बनर्जी इस बैठक में अपने राज्य से जुड़े कुछ राजनीतिक मुद्दे उठा सकती हैं। बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों का मामला बैठक में रख सकती है और इस पर अन्य विपक्षी दलों का समर्थन मांग सकती है। यदि ऐसा होता है तो बैठक में क्षेत्रीय दलों की चिंताओं और राज्य-स्तरीय राजनीतिक मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा देखने को मिल सकती है।
INDIA गठबंधन की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। इसकी पहली बैठक 23 जून 2023 को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित की गई थी। उस समय बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक की मेजबानी की थी। इस बैठक में देश के प्रमुख विपक्षी दल शामिल हुए थे और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ संयुक्त रूप से मुकाबला करने की रणनीति बनाई गई थी। बाद में बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली समेत कई शहरों में गठबंधन की बैठकों का आयोजन किया गया, जहां सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई।
लोकसभा चुनाव 2024 में INDIA गठबंधन को कुल 234 सीटें मिली थीं। इनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस का महत्वपूर्ण योगदान रहा था। हालांकि गठबंधन बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया, लेकिन उसने भाजपा के सामने मजबूत चुनौती पेश की थी। इसके बाद विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में गठबंधन को मिले-जुले परिणाम देखने को मिले। महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, जबकि कुछ अन्य राज्यों में विपक्षी दलों का प्रदर्शन बेहतर रहा।
सितंबर 2025 में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने सरकारी आवास पर INDIA ब्लॉक के नेताओं के लिए डिनर मीटिंग आयोजित की थी। उस बैठक को विपक्षी एकजुटता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया था। कांग्रेस नेताओं ने तब दावा किया था कि बैठक सकारात्मक रही और सभी दलों ने मिलकर आगे बढ़ने पर सहमति जताई थी। अब जून में प्रस्तावित बैठक को उसी प्रक्रिया का अगला चरण माना जा रहा है।
