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अमित शाह से मिले एकनाथ शिंदे, छह सांसदों के साथ दिल्ली बैठक से कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज
Digital Desk
शिवसेना के नए सांसदों के साथ केंद्रीय गृह मंत्री से करीब 50 मिनट चर्चा, संसदीय रणनीति, विकास कार्यों और संगठनात्मक मुद्दों पर हुई बातचीत; मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी को लेकर भी बढ़ी चर्चाएं
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक में उनके साथ वे छह लोकसभा सांसद भी मौजूद रहे, जिन्होंने हाल ही में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर शिंदे गुट का दामन थामा है। करीब 50 मिनट तक चली इस बैठक को आगामी मानसून सत्र और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा विकास कार्यों और संगठनात्मक विषयों को बताया गया, लेकिन इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब हाल ही में छह सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने से लोकसभा में उनकी ताकत बढ़ी है। इसी वजह से यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में शिवसेना के लोकसभा नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे भी शामिल रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, संसद के मानसून सत्र से पहले संसदीय रणनीति, संगठन को मजबूत करने और विभिन्न संसदीय क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सांसदों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में लंबित परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मामलों को भी केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखा। बताया गया कि कई परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनके लिए केंद्र सरकार के सहयोग की आवश्यकता है। पार्टी नेताओं के मुताबिक अमित शाह ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं के लिए केंद्र की ओर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। नेताओं का कहना है कि इससे विभिन्न क्षेत्रों में रुकी हुई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार बैठक में एनडीए के भीतर शिवसेना (शिंदे गुट) की भूमिका पर भी चर्चा हुई। संसद के आगामी मानसून सत्र में विभिन्न विधेयकों, राजनीतिक मुद्दों और गठबंधन के समन्वय को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा में बढ़ती संख्या के बाद शिंदे गुट गठबंधन के भीतर अपनी भूमिका और प्रभाव को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
छह सांसदों के पार्टी में शामिल होने के बाद अब उनसे जुड़ी संसदीय औपचारिकताओं पर भी काम चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि लोकसभा सचिवालय मानसून सत्र शुरू होने से पहले इन सांसदों के शिंदे गुट में विलय को औपचारिक मान्यता दे सकता है। यदि ऐसा होता है तो लोकसभा में शिंदे गुट की स्थिति और अधिक मजबूत होगी तथा संसदीय स्तर पर पार्टी को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इस बैठक के बाद सबसे अधिक चर्चा केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि लोकसभा में संख्या बढ़ने के बाद शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना को केंद्र सरकार में अतिरिक्त प्रतिनिधित्व मिल सकता है। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि भविष्य में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में पार्टी को एक कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री का पद मिल सकता है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी या केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राजनीतिक हलकों में डॉ. श्रीकांत शिंदे के नाम को भी संभावित केंद्रीय मंत्री के तौर पर जोड़ा जा रहा है। पार्टी के भीतर उनकी सक्रिय भूमिका और लोकसभा में नेतृत्व को देखते हुए उनके नाम की चर्चा तेज है। हालांकि यह पूरी तरह राजनीतिक अटकलों के दायरे में है और अंतिम निर्णय भाजपा नेतृत्व तथा केंद्र सरकार द्वारा ही लिया जाएगा। फिलहाल इस संबंध में किसी भी स्तर पर आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली में हुई यह बैठक भाजपा और शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच लगातार बढ़ते समन्वय का संकेत देती है। आगामी मानसून सत्र, संगठनात्मक विस्तार, संसदीय रणनीति और गठबंधन की राजनीतिक दिशा जैसे कई मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच संवाद जारी है। वहीं सांसदों के औपचारिक विलय और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अब राजनीतिक निगाहें आने वाले दिनों की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।
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अमित शाह से मिले एकनाथ शिंदे, छह सांसदों के साथ दिल्ली बैठक से कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज
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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक में उनके साथ वे छह लोकसभा सांसद भी मौजूद रहे, जिन्होंने हाल ही में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर शिंदे गुट का दामन थामा है। करीब 50 मिनट तक चली इस बैठक को आगामी मानसून सत्र और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा विकास कार्यों और संगठनात्मक विषयों को बताया गया, लेकिन इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब हाल ही में छह सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने से लोकसभा में उनकी ताकत बढ़ी है। इसी वजह से यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में शिवसेना के लोकसभा नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे भी शामिल रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, संसद के मानसून सत्र से पहले संसदीय रणनीति, संगठन को मजबूत करने और विभिन्न संसदीय क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सांसदों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में लंबित परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मामलों को भी केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखा। बताया गया कि कई परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनके लिए केंद्र सरकार के सहयोग की आवश्यकता है। पार्टी नेताओं के मुताबिक अमित शाह ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं के लिए केंद्र की ओर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। नेताओं का कहना है कि इससे विभिन्न क्षेत्रों में रुकी हुई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार बैठक में एनडीए के भीतर शिवसेना (शिंदे गुट) की भूमिका पर भी चर्चा हुई। संसद के आगामी मानसून सत्र में विभिन्न विधेयकों, राजनीतिक मुद्दों और गठबंधन के समन्वय को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा में बढ़ती संख्या के बाद शिंदे गुट गठबंधन के भीतर अपनी भूमिका और प्रभाव को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
छह सांसदों के पार्टी में शामिल होने के बाद अब उनसे जुड़ी संसदीय औपचारिकताओं पर भी काम चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि लोकसभा सचिवालय मानसून सत्र शुरू होने से पहले इन सांसदों के शिंदे गुट में विलय को औपचारिक मान्यता दे सकता है। यदि ऐसा होता है तो लोकसभा में शिंदे गुट की स्थिति और अधिक मजबूत होगी तथा संसदीय स्तर पर पार्टी को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इस बैठक के बाद सबसे अधिक चर्चा केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि लोकसभा में संख्या बढ़ने के बाद शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना को केंद्र सरकार में अतिरिक्त प्रतिनिधित्व मिल सकता है। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि भविष्य में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में पार्टी को एक कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री का पद मिल सकता है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी या केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राजनीतिक हलकों में डॉ. श्रीकांत शिंदे के नाम को भी संभावित केंद्रीय मंत्री के तौर पर जोड़ा जा रहा है। पार्टी के भीतर उनकी सक्रिय भूमिका और लोकसभा में नेतृत्व को देखते हुए उनके नाम की चर्चा तेज है। हालांकि यह पूरी तरह राजनीतिक अटकलों के दायरे में है और अंतिम निर्णय भाजपा नेतृत्व तथा केंद्र सरकार द्वारा ही लिया जाएगा। फिलहाल इस संबंध में किसी भी स्तर पर आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली में हुई यह बैठक भाजपा और शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच लगातार बढ़ते समन्वय का संकेत देती है। आगामी मानसून सत्र, संगठनात्मक विस्तार, संसदीय रणनीति और गठबंधन की राजनीतिक दिशा जैसे कई मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच संवाद जारी है। वहीं सांसदों के औपचारिक विलय और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अब राजनीतिक निगाहें आने वाले दिनों की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।
