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केंद्रीय कैबिनेट के बड़े फैसले: पीएम किसान सम्मान निधि योजना 5 साल बढ़ी, तेल-गैस खोज के लिए 84 हजार करोड़ मंजूर
Digital Desk
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पीएम किसान, समुद्र मंथन, सूर्य सरोवर और खेलो इंडिया समेत कई अहम योजनाओं को मिली मंजूरी, ऊर्जा, कृषि और खेल क्षेत्र को मिलेगा नया बल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट और कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में कृषि, ऊर्जा, खेल, अक्षय ऊर्जा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही देश में तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से "समुद्र मंथन" योजना के लिए 84,084 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का उद्देश्य कृषि, ऊर्जा और खेल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को नई गति देना है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से देश के विकास को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का विस्तार शामिल है। सरकार ने इस योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने का निर्णय लिया है। इस अवधि के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस योजना के माध्यम से पात्र किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता मिलती रहेगी, जिससे खेती-किसानी से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने "समुद्र मंथन" योजना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य देश में तेल और प्राकृतिक गैस के नए भंडारों की खोज को बढ़ावा देना है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 84,084 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। सरकार का मानना है कि घरेलू उत्पादन बढ़ने से आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत देशभर के तालाबों, झीलों और अन्य जलाशयों की सतह पर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। सरकार के अनुसार भारत में जलाशयों पर लगभग 102 गीगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता मौजूद है। योजना के पहले चरण में 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना के अंतर्गत पांच वर्षों तक प्रति मेगावाट एक करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में भी यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कैबिनेट ने खेल क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से खेलो इंडिया योजना का भी विस्तार किया है। अगले पांच वर्षों के लिए इस योजना के तहत 29 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। सरकार का लक्ष्य देशभर में खेल प्रतिभाओं की पहचान, आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि पिछले वर्षों में खेल क्षेत्र में किए गए निवेश का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। भारतीय खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और वर्ष 2030 में प्रस्तावित राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए इस बजट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक के दौरान कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर भी चर्चा की। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात की समीक्षा की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों, विशेषकर भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरकार ने कहा कि यदि किसी भी भारतीय नाविक के साथ विदेश में कोई अप्रिय घटना होती है तो भारत उसका मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पूरी गंभीरता से उठाएगा। संबंधित एजेंसियों को लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
खेलो इंडिया योजना के लिए बड़े बजट का प्रावधान युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगा। आधुनिक खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास से भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और मजबूत होने की उम्मीद है। केंद्रीय कैबिनेट के इन निर्णयों का उद्देश्य कृषि, ऊर्जा, खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को सशक्त बनाना है। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देश के समग्र विकास को गति मिलने और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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केंद्रीय कैबिनेट के बड़े फैसले: पीएम किसान सम्मान निधि योजना 5 साल बढ़ी, तेल-गैस खोज के लिए 84 हजार करोड़ मंजूर
Digital Desk
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट और कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में कृषि, ऊर्जा, खेल, अक्षय ऊर्जा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही देश में तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से "समुद्र मंथन" योजना के लिए 84,084 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का उद्देश्य कृषि, ऊर्जा और खेल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को नई गति देना है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से देश के विकास को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का विस्तार शामिल है। सरकार ने इस योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने का निर्णय लिया है। इस अवधि के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस योजना के माध्यम से पात्र किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता मिलती रहेगी, जिससे खेती-किसानी से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने "समुद्र मंथन" योजना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य देश में तेल और प्राकृतिक गैस के नए भंडारों की खोज को बढ़ावा देना है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 84,084 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। सरकार का मानना है कि घरेलू उत्पादन बढ़ने से आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत देशभर के तालाबों, झीलों और अन्य जलाशयों की सतह पर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। सरकार के अनुसार भारत में जलाशयों पर लगभग 102 गीगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता मौजूद है। योजना के पहले चरण में 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना के अंतर्गत पांच वर्षों तक प्रति मेगावाट एक करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में भी यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कैबिनेट ने खेल क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से खेलो इंडिया योजना का भी विस्तार किया है। अगले पांच वर्षों के लिए इस योजना के तहत 29 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। सरकार का लक्ष्य देशभर में खेल प्रतिभाओं की पहचान, आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि पिछले वर्षों में खेल क्षेत्र में किए गए निवेश का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। भारतीय खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और वर्ष 2030 में प्रस्तावित राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए इस बजट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक के दौरान कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर भी चर्चा की। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात की समीक्षा की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों, विशेषकर भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरकार ने कहा कि यदि किसी भी भारतीय नाविक के साथ विदेश में कोई अप्रिय घटना होती है तो भारत उसका मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पूरी गंभीरता से उठाएगा। संबंधित एजेंसियों को लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
खेलो इंडिया योजना के लिए बड़े बजट का प्रावधान युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगा। आधुनिक खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास से भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और मजबूत होने की उम्मीद है। केंद्रीय कैबिनेट के इन निर्णयों का उद्देश्य कृषि, ऊर्जा, खेल और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को सशक्त बनाना है। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देश के समग्र विकास को गति मिलने और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
