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उत्तर भारत में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात; लखनऊ में जलभराव, चित्रकूट में पुल डूबा और ओडिशा में 95,000 लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
Digital desk
उत्तर भारत में भारी मानसून बारिश के कारण व्यापक जलभराव, नदियों के उफान और भूस्खलन की स्थितियां बनी हैं। लखनऊ में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर है और ओडिशा में प्रशासन ने 95,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है।
देश के कई हिस्सों में मानसून की चाल तेज हो गई है। मुसलाधार बारिश के चलते उत्तर प्रदेश, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है।
लखनऊ में जलभराव से जनजीवन प्रभावित
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में करीब तीन घंटे की तेज बारिश के कारण सड़कें और आवासीय इलाके जलमग्न हो गए। निचली बस्तियों और प्रमुख मार्गों पर लगभग दो फीट तक पानी भर जाने से यातायात ठप्प हो गया और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल गई।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर
चित्रकूट में तेज बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे तटीय कॉलोनियों और घरों में पानी घुस गया है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला एक प्रमुख पुल जलमग्न होने से यातायात प्रभावित हुआ है। इसके अलावा गंगा, यमुना और शारदा जैसी नदियां भी उफान पर हैं।
ओडिशा में 95,000 से अधिक लोग निकाले गए
ओडिशा में बारिश और बाढ़ से स्थिति गंभीर बनी हुई है। छह जिलों में बाढ़ का प्रभाव देखने को मिला है, जहां निचले इलाकों से 95,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया गया है। जाजपुर जिले में काणी नदी का जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन पुल बह गया, जिससे कई गांवों का संपर्क कट गया। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में हादसों में 183 की जान गई
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के चलते भारी तबाही हुई है। 30 जून से 15 अगस्त के बीच मानसून से जुड़ी घटनाओं में 183 लोगों की जान जा चुकी है। लैंडस्लाइड और सड़कों के धंसने के कारण 100 से अधिक मुख्य मार्ग यातायात के लिए बंद हैं।
अरुणाचल में बादल फटा, सैनिक लापता
अरुणाचल प्रदेश के दिबांग घाटी में बादल फटने से आई फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन की चपेट में आने से सेना के पांच जवान लापता हो गए, जिनमें से दो को सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं अपर सुबनसिरी जिले में भूस्खलन की एक घटना में चार लोगों की मृत्यु की खबर है।
उत्तराखंड में खतरे के निशान पर टिहरी बांध
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। टिहरी बांध में पानी खतरे के निशान के पास पहुंच गया है, जिसके चलते जल संस्थान और जिला प्रशासन अलर्ट पर हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी है।
उत्तर भारत में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात; लखनऊ में जलभराव, चित्रकूट में पुल डूबा और ओडिशा में 95,000 लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
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देश के कई हिस्सों में मानसून की चाल तेज हो गई है। मुसलाधार बारिश के चलते उत्तर प्रदेश, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है।
लखनऊ में जलभराव से जनजीवन प्रभावित
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में करीब तीन घंटे की तेज बारिश के कारण सड़कें और आवासीय इलाके जलमग्न हो गए। निचली बस्तियों और प्रमुख मार्गों पर लगभग दो फीट तक पानी भर जाने से यातायात ठप्प हो गया और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल गई।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर
चित्रकूट में तेज बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे तटीय कॉलोनियों और घरों में पानी घुस गया है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला एक प्रमुख पुल जलमग्न होने से यातायात प्रभावित हुआ है। इसके अलावा गंगा, यमुना और शारदा जैसी नदियां भी उफान पर हैं।
ओडिशा में 95,000 से अधिक लोग निकाले गए
ओडिशा में बारिश और बाढ़ से स्थिति गंभीर बनी हुई है। छह जिलों में बाढ़ का प्रभाव देखने को मिला है, जहां निचले इलाकों से 95,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया गया है। जाजपुर जिले में काणी नदी का जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन पुल बह गया, जिससे कई गांवों का संपर्क कट गया। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में हादसों में 183 की जान गई
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के चलते भारी तबाही हुई है। 30 जून से 15 अगस्त के बीच मानसून से जुड़ी घटनाओं में 183 लोगों की जान जा चुकी है। लैंडस्लाइड और सड़कों के धंसने के कारण 100 से अधिक मुख्य मार्ग यातायात के लिए बंद हैं।
अरुणाचल में बादल फटा, सैनिक लापता
अरुणाचल प्रदेश के दिबांग घाटी में बादल फटने से आई फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन की चपेट में आने से सेना के पांच जवान लापता हो गए, जिनमें से दो को सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं अपर सुबनसिरी जिले में भूस्खलन की एक घटना में चार लोगों की मृत्यु की खबर है।
उत्तराखंड में खतरे के निशान पर टिहरी बांध
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। टिहरी बांध में पानी खतरे के निशान के पास पहुंच गया है, जिसके चलते जल संस्थान और जिला प्रशासन अलर्ट पर हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी है।
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