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लखनऊ में भीषण अग्निकांड: 250 से ज्यादा झोपड़ियां जलीं, सिलेंडर ब्लास्ट से मचा हड़कंप
नेशनल न्यूज
विकासनगर इलाके में आग से भारी तबाही, कई सिलेंडर फटने से बढ़ी आग की तीव्रता; राहत-बचाव में जुटी टीमें
Lucknow के विकासनगर इलाके में बुधवार शाम भीषण आग लगने से भारी तबाही मच गई। आग की चपेट में आकर 250 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं, जबकि कई गैस सिलेंडरों में विस्फोट होने से स्थिति और भयावह हो गई। आग की लपटें करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दीं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना शाम करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। आग लगने के बाद तेजी से फैलती लपटों के बीच एक-एक कर सिलेंडर फटने लगे, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के करीब 20 मकानों को खाली कराया।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 20 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत और बचाव कार्य के दौरान इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससे शुरुआत में अंधेरा छा गया, बाद में जनरेटर की मदद से रोशनी की व्यवस्था कर अभियान जारी रखा गया।
इस हादसे में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। कई परिवारों का घर और सामान पूरी तरह जल गया। कुछ स्थानीय लोगों ने जनहानि की भी आशंका जताई है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। कई लोग अपने परिजनों की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए, जबकि कुछ लोग सदमे में बेहोश हो गए।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। नाराज लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और आग लगने के कारणों की जांच की मांग की। कुछ लोगों ने आग लगने के पीछे साजिश की आशंका भी जताई है, हालांकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
राहत कार्य में विभिन्न एजेंसियों के साथ बचाव दल भी जुटे रहे और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।
घनी आबादी वाली झुग्गी बस्तियों में गैस सिलेंडरों और ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैलने का खतरा अधिक रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे इलाकों में सुरक्षा मानकों की कमी से हादसे गंभीर रूप ले लेते हैं।
कुल मिलाकर, यह हादसा शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। फिलहाल प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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लखनऊ में भीषण अग्निकांड: 250 से ज्यादा झोपड़ियां जलीं, सिलेंडर ब्लास्ट से मचा हड़कंप
नेशनल न्यूज
Lucknow के विकासनगर इलाके में बुधवार शाम भीषण आग लगने से भारी तबाही मच गई। आग की चपेट में आकर 250 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं, जबकि कई गैस सिलेंडरों में विस्फोट होने से स्थिति और भयावह हो गई। आग की लपटें करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दीं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना शाम करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। आग लगने के बाद तेजी से फैलती लपटों के बीच एक-एक कर सिलेंडर फटने लगे, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के करीब 20 मकानों को खाली कराया।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 20 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत और बचाव कार्य के दौरान इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससे शुरुआत में अंधेरा छा गया, बाद में जनरेटर की मदद से रोशनी की व्यवस्था कर अभियान जारी रखा गया।
इस हादसे में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। कई परिवारों का घर और सामान पूरी तरह जल गया। कुछ स्थानीय लोगों ने जनहानि की भी आशंका जताई है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। कई लोग अपने परिजनों की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए, जबकि कुछ लोग सदमे में बेहोश हो गए।
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। नाराज लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और आग लगने के कारणों की जांच की मांग की। कुछ लोगों ने आग लगने के पीछे साजिश की आशंका भी जताई है, हालांकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
राहत कार्य में विभिन्न एजेंसियों के साथ बचाव दल भी जुटे रहे और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।
घनी आबादी वाली झुग्गी बस्तियों में गैस सिलेंडरों और ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैलने का खतरा अधिक रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे इलाकों में सुरक्षा मानकों की कमी से हादसे गंभीर रूप ले लेते हैं।
कुल मिलाकर, यह हादसा शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। फिलहाल प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
