- Hindi News
- देश विदेश
- छत्तीसगढ़ पुलिस का राष्ट्रीय रिकॉर्ड: 141 वीरता पदक, कुल 152 पुलिसकर्मी सम्मानित
छत्तीसगढ़ पुलिस का राष्ट्रीय रिकॉर्ड: 141 वीरता पदक, कुल 152 पुलिसकर्मी सम्मानित
Digital Desk
स्वतंत्रता दिवस 2026 की सम्मान सूची में छत्तीसगढ़ पुलिस ने देशभर में सबसे बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की सूची के अनुसार राज्य पुलिस को 141 वीरता पदक मिले हैं, जो किसी भी राज्य पुलिस बल या केंद्रीय सुरक्षा संगठन से अधिक हैं।
कुल 152 छत्तीसगढ़ पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया है। इनमें 141 वीरता पदक, विशिष्ट सेवा के लिए एक राष्ट्रपति पदक और सराहनीय सेवा के लिए 10 पदक शामिल हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय से कठिन अभियानों पर तैनात बल के लिए यह राष्ट्रीय स्तर की बड़ी मान्यता है।
वीरता पदकों में छत्तीसगढ़ सबसे आगे
पुलिस सेवा श्रेणी में कुल 272 वीरता पदक घोषित किए गए, जिनमें 141 अकेले छत्तीसगढ़ पुलिस को मिले। तुलना में जम्मू-कश्मीर पुलिस को 38, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को 24, सीमा सुरक्षा बल को 20, महाराष्ट्र पुलिस को 20 और उत्तर प्रदेश पुलिस को 12 वीरता पदक मिले।
पुलिस, फायर सर्विस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और सुधारात्मक सेवाओं को मिलाकर कुल 1,057 पदकों की घोषणा हुई है। इनमें 301 वीरता पदक, 92 विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 664 सराहनीय सेवा पदक हैं। केंद्र के अनुसार 301 वीरता पदकों में से 197 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में किए गए अभियानों से जुड़े हैं।
वरिष्ठ अधिकारी और फ्रंटलाइन जवान दोनों सूची में
छत्तीसगढ़ से वीरता पदक पाने वालों में अलग-अलग रैंक के अधिकारी और जवान शामिल हैं। सूची में इंस्पेक्टर जनरल सुंदरराज पट्टिलिंगम, एडिशनल एसपी रॉबिन्सन गुरिया, एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला और एडिशनल एसपी स्मृतिक राजनाला जैसे नाम शामिल हैं।
आरक्षक स्वर्गीय नितेश एक्का और स्वर्गीय रमेश कोरेटी को मरणोपरांत वीरता पदक दिया गया है। उनके नाम इस उपलब्धि के पीछे मौजूद जोखिम, शहादत और परिवारों के बलिदान की याद दिलाते हैं।
DIG मोती लाल कोटवानी को राष्ट्रपति पदक
डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल मोती लाल कोटवानी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक के लिए चुना गया है। यह पदक लंबे समय तक असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।
इन 10 पुलिसकर्मियों को सराहनीय सेवा पदक
कमांडेंट गायत्री सिंह
कमांडेंट ओम प्रकाश शर्मा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपमाला कश्यप
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. अर्चना झा
डिप्टी कमांडेंट रमा पटेल
इंस्पेक्टर पिनाकी
उप पुलिस अधीक्षक सविता सिंह परिहार
असिस्टेंट कमांडेंट ब्रजेश कुमार तिवारी
कंपनी कमांडर राकेश कुमार सिंह
प्लाटून कमांडर नेहरू लाल
बस्तर के कठिन मोर्चे को राष्ट्रीय सलाम
छत्तीसगढ़ में पुलिसकर्मी घने जंगलों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, बारूदी सुरंगों और घात लगाकर किए जाने वाले हमलों के खतरे के बीच काम करते हैं। बड़ी संख्या में वीरता पदक मिलना अभियानों की तीव्रता के साथ-साथ स्थानीय पुलिस की भूमिका को भी सामने लाता है।
यह उपलब्धि उन जवानों और अधिकारियों की बहादुरी की राष्ट्रीय स्वीकृति है जिन्होंने हिंसा प्रभावित दूरदराज के क्षेत्रों में सुरक्षा, सड़क संपर्क और सामान्य जीवन बहाल करने के लिए कठिन जिम्मेदारी उठाई। पदक समारोह में सम्मानित कर्मियों और शहीदों के परिवारों पर अलग मानव-केंद्रित फॉलो-अप स्टोरी भी तैयार की जा सकती है।
छत्तीसगढ़ पुलिस का राष्ट्रीय रिकॉर्ड: 141 वीरता पदक, कुल 152 पुलिसकर्मी सम्मानित
Digital Desk
कुल 152 छत्तीसगढ़ पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया है। इनमें 141 वीरता पदक, विशिष्ट सेवा के लिए एक राष्ट्रपति पदक और सराहनीय सेवा के लिए 10 पदक शामिल हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय से कठिन अभियानों पर तैनात बल के लिए यह राष्ट्रीय स्तर की बड़ी मान्यता है।
वीरता पदकों में छत्तीसगढ़ सबसे आगे
पुलिस सेवा श्रेणी में कुल 272 वीरता पदक घोषित किए गए, जिनमें 141 अकेले छत्तीसगढ़ पुलिस को मिले। तुलना में जम्मू-कश्मीर पुलिस को 38, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को 24, सीमा सुरक्षा बल को 20, महाराष्ट्र पुलिस को 20 और उत्तर प्रदेश पुलिस को 12 वीरता पदक मिले।
पुलिस, फायर सर्विस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और सुधारात्मक सेवाओं को मिलाकर कुल 1,057 पदकों की घोषणा हुई है। इनमें 301 वीरता पदक, 92 विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 664 सराहनीय सेवा पदक हैं। केंद्र के अनुसार 301 वीरता पदकों में से 197 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में किए गए अभियानों से जुड़े हैं।
वरिष्ठ अधिकारी और फ्रंटलाइन जवान दोनों सूची में
छत्तीसगढ़ से वीरता पदक पाने वालों में अलग-अलग रैंक के अधिकारी और जवान शामिल हैं। सूची में इंस्पेक्टर जनरल सुंदरराज पट्टिलिंगम, एडिशनल एसपी रॉबिन्सन गुरिया, एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला और एडिशनल एसपी स्मृतिक राजनाला जैसे नाम शामिल हैं।
आरक्षक स्वर्गीय नितेश एक्का और स्वर्गीय रमेश कोरेटी को मरणोपरांत वीरता पदक दिया गया है। उनके नाम इस उपलब्धि के पीछे मौजूद जोखिम, शहादत और परिवारों के बलिदान की याद दिलाते हैं।
DIG मोती लाल कोटवानी को राष्ट्रपति पदक
डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल मोती लाल कोटवानी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक के लिए चुना गया है। यह पदक लंबे समय तक असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।
इन 10 पुलिसकर्मियों को सराहनीय सेवा पदक
कमांडेंट गायत्री सिंह
कमांडेंट ओम प्रकाश शर्मा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपमाला कश्यप
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. अर्चना झा
डिप्टी कमांडेंट रमा पटेल
इंस्पेक्टर पिनाकी
उप पुलिस अधीक्षक सविता सिंह परिहार
असिस्टेंट कमांडेंट ब्रजेश कुमार तिवारी
कंपनी कमांडर राकेश कुमार सिंह
प्लाटून कमांडर नेहरू लाल
बस्तर के कठिन मोर्चे को राष्ट्रीय सलाम
छत्तीसगढ़ में पुलिसकर्मी घने जंगलों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, बारूदी सुरंगों और घात लगाकर किए जाने वाले हमलों के खतरे के बीच काम करते हैं। बड़ी संख्या में वीरता पदक मिलना अभियानों की तीव्रता के साथ-साथ स्थानीय पुलिस की भूमिका को भी सामने लाता है।
यह उपलब्धि उन जवानों और अधिकारियों की बहादुरी की राष्ट्रीय स्वीकृति है जिन्होंने हिंसा प्रभावित दूरदराज के क्षेत्रों में सुरक्षा, सड़क संपर्क और सामान्य जीवन बहाल करने के लिए कठिन जिम्मेदारी उठाई। पदक समारोह में सम्मानित कर्मियों और शहीदों के परिवारों पर अलग मानव-केंद्रित फॉलो-अप स्टोरी भी तैयार की जा सकती है।
Recommended for You
दैनिक जागरण से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
