अमेरिका में ट्रम्प की तस्वीर वाले 250 डॉलर नोट की तैयारी शुरू

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150 साल पुराने नियम में बदलाव की कोशिश, कांग्रेस की मंजूरी मिलने पर बनेगा नया इतिहास

अमेरिका में एक बार फिर डोनाल्ड ट्रम्प को लेकर बड़ी राजनीतिक और कानूनी बहस शुरू हो गई है। ट्रम्प प्रशासन अब 250 डॉलर का नया नोट जारी करने की तैयारी कर रहा है, जिस पर डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर छापी जा सकती है। हालांकि इसके लिए अमेरिका के 150 साल पुराने कानून में बदलाव करना होगा। फिलहाल अमेरिका में ऐसा नियम लागू है जिसके तहत किसी जीवित व्यक्ति की तस्वीर अमेरिकी करेंसी पर नहीं छापी जा सकती। ट्रम्प सरकार अब इसी नियम को बदलने की कोशिश में जुटी हुई है।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने व्हाइट हाउस ब्रीफिंग के दौरान इस प्रस्ताव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2026 में अमेरिका अपनी स्थापना के 250 साल पूरे करेगा और इस मौके पर विशेष स्मारक नोट जारी करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। बेसेंट के मुताबिक अगर कांग्रेस इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है तो ट्रम्प अमेरिकी इतिहास में 150 साल से ज्यादा समय बाद ऐसे पहले जीवित व्यक्ति बन जाएंगे जिनकी तस्वीर अमेरिकी नोट पर दिखाई देगी।

बताया जा रहा है कि अमेरिकी करेंसी छापने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंग्रेविंग एंड प्रिंटिंग यानी BEP को शुरुआती डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित डिजाइन में ट्रम्प की तस्वीर नोट के बीच में रखी गई है। साथ ही अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ का लोगो और अमेरिकी झंडे के रंग भी शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि अभी यह सिर्फ शुरुआती तैयारी मानी जा रही है।

इस प्रस्ताव की शुरुआत पिछले साल रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन ने की थी। साउथ कैरोलिना से सांसद विल्सन ने फरवरी 2025 में इस संबंध में एक बिल पेश किया था। इसके बाद बिल को हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के पास भेजा गया। अब इसे कानून बनने के लिए अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट से मंजूरी लेनी होगी। उसके बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद ही यह प्रस्ताव लागू हो सकेगा।

ट्रम्प समर्थक इस कदम को अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रम्प ने अपने कार्यकाल में अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक राजनीति में अहम भूमिका निभाई, इसलिए उन्हें इस तरह सम्मान देना गलत नहीं है। दूसरी तरफ विरोधी दल और कुछ कानूनी विशेषज्ञ इसे परंपरा तोड़ने वाला फैसला बता रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी करेंसी पर जीवित व्यक्ति की तस्वीर छापने की अनुमति देना भविष्य में व्यक्तिपूजा और राजनीतिक दुरुपयोग का रास्ता खोल सकता है।

दरअसल अमेरिका में 1866 से ऐसा कानून लागू है, जो किसी जीवित व्यक्ति की तस्वीर करेंसी पर छापने की अनुमति नहीं देता। यह नियम उस समय सत्ता के दुरुपयोग को रोकने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए बनाया गया था। अमेरिकी नोटों पर आमतौर पर पूर्व राष्ट्रपति या ऐतिहासिक हस्तियों की तस्वीरें ही होती हैं। यही वजह है कि ट्रम्प की तस्वीर वाला नोट प्रस्तावित होने के बाद यह मामला केवल आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक बहस का भी विषय बन गया है।

सूत्रों के मुताबिक ट्रम्प ने खुद भी नोट के डिजाइन में रुचि दिखाई है। शुरुआती डिजाइन तैयार करने वाले ब्रिटिश कलाकार इयान एलेक्जेंडर ने दावा किया है कि ट्रम्प ने डिजाइन देखकर कुछ बदलाव सुझाए थे। ट्रम्प चाहते थे कि नोट में अमेरिकी राष्ट्रवाद और 250वीं वर्षगांठ का संदेश साफ दिखाई दे। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस बीच अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मार्च में यह भी घोषणा की थी कि अमेरिकी नोटों पर ट्रम्प के हस्ताक्षर जोड़े जा सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो अमेरिकी इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर करेंसी पर होंगे। हालांकि इस फैसले को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इससे अमेरिकी करेंसी की पारंपरिक निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है।

नया नोट जारी करने की प्रक्रिया भी आसान नहीं मानी जा रही। ब्यूरो ऑफ इंग्रेविंग एंड प्रिंटिंग के अधिकारियों के मुताबिक किसी नए हाई-वैल्यू नोट को डिजाइन करने, सुरक्षा फीचर तैयार करने, कानूनी मंजूरी लेने और प्रिंटिंग शुरू करने में 6 से 8 साल तक लग सकते हैं। एजेंसी की पूर्व डायरेक्टर पैटी सोलिमेन ने पहले भी कहा था कि अमेरिकी करेंसी से जुड़ा कोई भी बदलाव लंबी तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया से गुजरता है।

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29 May 2026 By Vaishnavi.J

अमेरिका में ट्रम्प की तस्वीर वाले 250 डॉलर नोट की तैयारी शुरू

Digital Desk

अमेरिका में एक बार फिर डोनाल्ड ट्रम्प को लेकर बड़ी राजनीतिक और कानूनी बहस शुरू हो गई है। ट्रम्प प्रशासन अब 250 डॉलर का नया नोट जारी करने की तैयारी कर रहा है, जिस पर डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर छापी जा सकती है। हालांकि इसके लिए अमेरिका के 150 साल पुराने कानून में बदलाव करना होगा। फिलहाल अमेरिका में ऐसा नियम लागू है जिसके तहत किसी जीवित व्यक्ति की तस्वीर अमेरिकी करेंसी पर नहीं छापी जा सकती। ट्रम्प सरकार अब इसी नियम को बदलने की कोशिश में जुटी हुई है।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने व्हाइट हाउस ब्रीफिंग के दौरान इस प्रस्ताव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2026 में अमेरिका अपनी स्थापना के 250 साल पूरे करेगा और इस मौके पर विशेष स्मारक नोट जारी करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। बेसेंट के मुताबिक अगर कांग्रेस इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है तो ट्रम्प अमेरिकी इतिहास में 150 साल से ज्यादा समय बाद ऐसे पहले जीवित व्यक्ति बन जाएंगे जिनकी तस्वीर अमेरिकी नोट पर दिखाई देगी।

बताया जा रहा है कि अमेरिकी करेंसी छापने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंग्रेविंग एंड प्रिंटिंग यानी BEP को शुरुआती डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित डिजाइन में ट्रम्प की तस्वीर नोट के बीच में रखी गई है। साथ ही अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ का लोगो और अमेरिकी झंडे के रंग भी शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि अभी यह सिर्फ शुरुआती तैयारी मानी जा रही है।

इस प्रस्ताव की शुरुआत पिछले साल रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन ने की थी। साउथ कैरोलिना से सांसद विल्सन ने फरवरी 2025 में इस संबंध में एक बिल पेश किया था। इसके बाद बिल को हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के पास भेजा गया। अब इसे कानून बनने के लिए अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट से मंजूरी लेनी होगी। उसके बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद ही यह प्रस्ताव लागू हो सकेगा।

ट्रम्प समर्थक इस कदम को अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रम्प ने अपने कार्यकाल में अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक राजनीति में अहम भूमिका निभाई, इसलिए उन्हें इस तरह सम्मान देना गलत नहीं है। दूसरी तरफ विरोधी दल और कुछ कानूनी विशेषज्ञ इसे परंपरा तोड़ने वाला फैसला बता रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी करेंसी पर जीवित व्यक्ति की तस्वीर छापने की अनुमति देना भविष्य में व्यक्तिपूजा और राजनीतिक दुरुपयोग का रास्ता खोल सकता है।

दरअसल अमेरिका में 1866 से ऐसा कानून लागू है, जो किसी जीवित व्यक्ति की तस्वीर करेंसी पर छापने की अनुमति नहीं देता। यह नियम उस समय सत्ता के दुरुपयोग को रोकने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए बनाया गया था। अमेरिकी नोटों पर आमतौर पर पूर्व राष्ट्रपति या ऐतिहासिक हस्तियों की तस्वीरें ही होती हैं। यही वजह है कि ट्रम्प की तस्वीर वाला नोट प्रस्तावित होने के बाद यह मामला केवल आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक बहस का भी विषय बन गया है।

सूत्रों के मुताबिक ट्रम्प ने खुद भी नोट के डिजाइन में रुचि दिखाई है। शुरुआती डिजाइन तैयार करने वाले ब्रिटिश कलाकार इयान एलेक्जेंडर ने दावा किया है कि ट्रम्प ने डिजाइन देखकर कुछ बदलाव सुझाए थे। ट्रम्प चाहते थे कि नोट में अमेरिकी राष्ट्रवाद और 250वीं वर्षगांठ का संदेश साफ दिखाई दे। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस बीच अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मार्च में यह भी घोषणा की थी कि अमेरिकी नोटों पर ट्रम्प के हस्ताक्षर जोड़े जा सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो अमेरिकी इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर करेंसी पर होंगे। हालांकि इस फैसले को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इससे अमेरिकी करेंसी की पारंपरिक निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है।

नया नोट जारी करने की प्रक्रिया भी आसान नहीं मानी जा रही। ब्यूरो ऑफ इंग्रेविंग एंड प्रिंटिंग के अधिकारियों के मुताबिक किसी नए हाई-वैल्यू नोट को डिजाइन करने, सुरक्षा फीचर तैयार करने, कानूनी मंजूरी लेने और प्रिंटिंग शुरू करने में 6 से 8 साल तक लग सकते हैं। एजेंसी की पूर्व डायरेक्टर पैटी सोलिमेन ने पहले भी कहा था कि अमेरिकी करेंसी से जुड़ा कोई भी बदलाव लंबी तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया से गुजरता है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/preparation-of-250-dollar-note-with-trumps-picture-begins-in/article-54506

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