शिक्षारतन इंडिया फाउंडेशन ने छात्रवृत्ति को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया

Digital Desk

20 राज्यों के प्रशिक्षणार्थियों ने लिया हिस्सा; फाउंडेशन की 16,000 छात्रवृत्तियों और स्किल डेवलपमेंट पहल पर हुई चर्चा

शिक्षारतन इंडिया फाउंडेशन, गुड़गांव की ओर से शिक्षा और छात्रवृत्ति के मुद्दे पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम दिल्ली के एच.के.एस. सभागार, इंद्रजीत गुप्ता मार्ग में हुआ, जिसमें करीब 20 राज्यों से आए प्रशिक्षणार्थियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. फग्गन सिंह कुलस्ते, चेयरमैन, पार्लियामेंट्री कमिटी ऑन वेलफेयर ऑफ SC/ST ने किया। प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अच्छी शिक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति उनकी आगे की पढ़ाई में महत्वपूर्ण मदद कर सकती है।

डॉ. कुलस्ते ने शिक्षारतन इंडिया फाउंडेशन की ओर से 16,000 छात्रवृत्तियां देने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का अवसर देती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार, उद्योग जगत, दानदाताओं और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से छात्रवृत्ति उपलब्ध कराकर अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ा जा सकता है।

कार्यक्रम में फाउंडेशन के फाउंडिंग मेंबर श्री सतीश कुमार ने संस्था के काम और छात्रवृत्ति अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा आयोजित कर रहा है। परीक्षा में टॉप रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 16,000 छात्रवृत्तियां देने की दिशा में फाउंडेशन काम कर रहा है।

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उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति के साथ फाउंडेशन विद्यार्थियों के स्किल डेवलपमेंट और मेंटरशिप पर भी काम कर रहा है। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले स्कूलों, संस्थानों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने की पहल भी की जा रही है। फाउंडेशन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए विद्यार्थियों के माता-पिता, शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी को जरूरी बताया।

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कार्यक्रम में श्री सोमजीभाई डामोर, पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद और श्रीमती मायाताई ईवनाते, राज्य सभा सांसद ने भी प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया।

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इस दौरान श्री शंकर लाल बोड़ात, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, परिषद ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था के तहत चार कॉलेज और 38 सेकेंडरी व हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्था अब तक 16 राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन आयोजित कर चुकी है। इन सम्मेलनों में आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई है।

श्री के.सी. घुमरिया, प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान शाखा और श्री लुक्कीभाऊ जाधव, राष्ट्रीय अध्यक्ष (युवा शाखा) ने भी प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया। दोनों ने शिक्षारतन इंडिया फाउंडेशन की छात्रवृत्ति मुहिम की सराहना की और इसे अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने की जरूरत बताई।

 

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कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सुझाव दिया कि छात्रवृत्ति के लिए शहरी और ग्रामीण विद्यार्थियों के अलग-अलग समूह बनाए जाएं। उनका कहना था कि इससे दोनों क्षेत्रों के अधिक विद्यार्थियों को अभियान का लाभ मिल सकेगा।

कार्यक्रम के समापन पर श्री सतीश कुमार ने डॉ. फग्गन सिंह कुलस्ते सहित सभी अतिथियों, प्रशिक्षणार्थियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए मीडियाकर्मियों को भी धन्यवाद दिया।

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