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मोहन भागवत के अमेरिकी दौरे से पहले USCIRF ने RSS सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
Digital desk
संघ प्रमुख मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा से पहले USCIRF ने अमेरिकी सरकार से RSS सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने और कूटनीतिक बैठकों से बचने का आग्रह किया है।
मोहन भागवत के अमेरिकी दौरे से पहले अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने RSS पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (USCIRF) के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। आयोग ने अमेरिकी सरकार से आग्रह किया है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा से पहले RSS नेताओं को कोई कूटनीतिक शिष्टाचार न दिया जाए और न ही उनके साथ कोई उच्चस्तरीय बैठकें की जाएं।
मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में 'अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग' (AHEAD) द्वारा आयोजित 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन्स' में भाग लेने वाले हैं। उनका उत्तरी अमेरिका दौरा 25 अगस्त से शुरू हो रहा है।
USCIRF ने धार्मिक स्वतंत्रता पर जताई चिंता
USCIRF के अधिकारियों ने अमेरिकी सरकार से यह अपील करते हुए भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों पर कथित हमलों से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है।
USCIRF के अध्यक्ष आसिफ महमूद ने RSS को एक व्यापक संगठन बताया और आरोप लगाया कि इससे जुड़े समूह धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
उच्चस्तरीय बैठकों से परहेज की अपील
USCIRF आयुक्त जीन मिल्स ने कहा कि RSS नेताओं को कूटनीतिक सम्मान या उच्चस्तरीय पहुंच नहीं मिलनी चाहिए। इसके बजाय, उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले RSS सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि USCIRF केवल एक सलाहकार निकाय है; प्रतिबंधों या राजनयिक जुड़ाव पर अंतिम निर्णय अमेरिकी सरकार का ही होता है।
मोहन भागवत का न्यूयॉर्क कार्यक्रम
भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में AHEAD द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय दौरे में अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में विभिन्न कार्यक्रम शामिल हैं।
आगे क्या?
भागवत की यह यात्रा और सार्वजनिक कार्यक्रम तय शेड्यूल के अनुसार आगे बढ़ेंगे, जब तक कि अमेरिकी सरकार की ओर से कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं की जाती। USCIRF की यह टिप्पणी केवल एक सिफारिश है और इसका अर्थ यह नहीं है कि यात्रा रद्द या बाधित हुई है।
मोहन भागवत के अमेरिकी दौरे से पहले USCIRF ने RSS सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
Digital desk
मोहन भागवत के अमेरिकी दौरे से पहले अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने RSS पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (USCIRF) के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। आयोग ने अमेरिकी सरकार से आग्रह किया है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा से पहले RSS नेताओं को कोई कूटनीतिक शिष्टाचार न दिया जाए और न ही उनके साथ कोई उच्चस्तरीय बैठकें की जाएं।
मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में 'अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग' (AHEAD) द्वारा आयोजित 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन्स' में भाग लेने वाले हैं। उनका उत्तरी अमेरिका दौरा 25 अगस्त से शुरू हो रहा है।
USCIRF ने धार्मिक स्वतंत्रता पर जताई चिंता
USCIRF के अधिकारियों ने अमेरिकी सरकार से यह अपील करते हुए भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों पर कथित हमलों से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है।
USCIRF के अध्यक्ष आसिफ महमूद ने RSS को एक व्यापक संगठन बताया और आरोप लगाया कि इससे जुड़े समूह धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
उच्चस्तरीय बैठकों से परहेज की अपील
USCIRF आयुक्त जीन मिल्स ने कहा कि RSS नेताओं को कूटनीतिक सम्मान या उच्चस्तरीय पहुंच नहीं मिलनी चाहिए। इसके बजाय, उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले RSS सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि USCIRF केवल एक सलाहकार निकाय है; प्रतिबंधों या राजनयिक जुड़ाव पर अंतिम निर्णय अमेरिकी सरकार का ही होता है।
मोहन भागवत का न्यूयॉर्क कार्यक्रम
भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में AHEAD द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय दौरे में अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में विभिन्न कार्यक्रम शामिल हैं।
आगे क्या?
भागवत की यह यात्रा और सार्वजनिक कार्यक्रम तय शेड्यूल के अनुसार आगे बढ़ेंगे, जब तक कि अमेरिकी सरकार की ओर से कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं की जाती। USCIRF की यह टिप्पणी केवल एक सिफारिश है और इसका अर्थ यह नहीं है कि यात्रा रद्द या बाधित हुई है।
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