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फ्रेंच ओपन में बड़ा उलटफेर, जोकोविच को 19 वर्षीय फोन्सेका ने हराया
स्पोर्ट्स डेस्क
दो सेट की बढ़त गंवाकर बाहर हुए 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन, पांच घंटे तक चला रोमांचक मुकाबला
फ्रेंच ओपन 2026 में शुक्रवार रात ऐसा नतीजा देखने को मिला जिसने टेनिस जगत को हैरान कर दिया। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच टूर्नामेंट के तीसरे दौर में ही बाहर हो गए। उन्हें ब्राजील के 19 वर्षीय युवा खिलाड़ी जोआओ फोन्सेका ने पांच सेटों तक चले बेहद रोमांचक मुकाबले में 4-6, 4-6, 6-3, 7-5, 7-5 से हराया। लगभग पांच घंटे तक चले इस मैच में फोन्सेका ने दो सेट से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
मैच की शुरुआत में अनुभवी जोकोविच पूरी तरह नियंत्रण में दिखाई दिए। पहले दो सेटों में उन्होंने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए फोन्सेका को ज्यादा मौके नहीं दिए। शुरुआती दौर में ऐसा लग रहा था कि सर्बियाई स्टार आसानी से अगले दौर में पहुंच जाएंगे। लेकिन तीसरे सेट के बाद मुकाबले का रंग बदलने लगा। युवा खिलाड़ी ने आक्रामक खेल दिखाया और लगातार दबाव बनाकर जोकोविच को बैकफुट पर धकेल दिया।
रोलां गैरो के सेंटर कोर्ट पर मौजूद हजारों दर्शकों ने मुकाबले के दौरान कई उतार-चढ़ाव देखे। तीसरे सेट में फोन्सेका ने अपनी सर्विस और ग्राउंड स्ट्रोक्स से मैच में वापसी की। इसके बाद चौथे सेट में भी उन्होंने शानदार संयम दिखाया। कई मौकों पर ऐसा लगा कि जोकोविच मैच खत्म कर देंगे, लेकिन ब्राजील के खिलाड़ी ने हार नहीं मानी। निर्णायक सेट में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
39 वर्षीय जोकोविच पूरे मैच के दौरान शारीरिक संघर्ष करते नजर आए। पेरिस में गर्म मौसम का असर उनके खेल पर साफ दिखाई दिया। कई बार उन्हें बेंच पर बैठकर आइस पैक का सहारा लेना पड़ा। मैच के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब वे टेलीविजन कैमरा क्रू से नाराज हो गए। बताया गया कि कैमरा उनकी तैयारी के दौरान काफी करीब आ गया था, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए उसे पीछे हटाने का इशारा किया।
गर्मी और लंबे मुकाबले का असर जोकोविच की फिटनेस पर भी दिखाई दिया। तीसरे सेट के बाद उनकी मूवमेंट पहले जैसी तेज नहीं रही। दूसरी तरफ फोन्सेका लगातार ऊर्जा से भरपूर नजर आए। युवा खिलाड़ी ने हर अंक के लिए संघर्ष किया और कोर्ट के हर कोने तक दौड़ लगाई। यही वजह रही कि मैच आगे बढ़ने के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता गया।
फोन्सेका के लिए यह जीत सिर्फ एक मैच जीतने से कहीं ज्यादा अहम मानी जा रही है। टेनिस इतिहास में बहुत कम खिलाड़ियों को इतनी कम उम्र में जोकोविच जैसे दिग्गज को ग्रैंड स्लैम मंच पर हराने का मौका मिला है। इस जीत के साथ वह ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में जोकोविच को हराने वाले पहले किशोर खिलाड़ी बन गए हैं। यह उपलब्धि उनके करियर को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
मुकाबले के आखिरी क्षण बेहद रोमांचक रहे। पांचवें सेट में दोनों खिलाड़ियों ने अपनी सर्विस बचाने के लिए पूरा जोर लगाया। लेकिन निर्णायक समय पर फोन्सेका ने शानदार खेल दिखाया। मैच के अंतिम गेम में उन्होंने लगातार तीन ऐस लगाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। जैसे ही आखिरी अंक मिला, स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। युवा खिलाड़ी भावुक नजर आए और उन्होंने कोर्ट पर ही अपनी खुशी जाहिर की।
मैच के बाद फोन्सेका ने कहा कि नोवाक जोकोविच उनके आदर्श रहे हैं और बचपन से वह उन्हें खेलते हुए देखते आए हैं। उनके खिलाफ खेलना ही एक सपना था, लेकिन जीत हासिल करना उनके जीवन का सबसे खास पल बन गया। उन्होंने कहा कि वह इस पल को कभी नहीं भूल पाएंगे और यह जीत उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
दूसरी ओर जोकोविच के लिए यह हार निराशाजनक रही। टेनिस इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल जोकोविच फ्रेंच ओपन में एक और खिताब जीतने की उम्मीद के साथ उतरे थे। हालांकि खेल में यही अनिश्चितता इसे खास बनाती है। एक युवा खिलाड़ी ने अनुभव और उपलब्धियों से भरे दिग्गज को चुनौती दी और अंततः जीत भी हासिल की।
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फ्रेंच ओपन में बड़ा उलटफेर, जोकोविच को 19 वर्षीय फोन्सेका ने हराया
स्पोर्ट्स डेस्क
फ्रेंच ओपन 2026 में शुक्रवार रात ऐसा नतीजा देखने को मिला जिसने टेनिस जगत को हैरान कर दिया। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच टूर्नामेंट के तीसरे दौर में ही बाहर हो गए। उन्हें ब्राजील के 19 वर्षीय युवा खिलाड़ी जोआओ फोन्सेका ने पांच सेटों तक चले बेहद रोमांचक मुकाबले में 4-6, 4-6, 6-3, 7-5, 7-5 से हराया। लगभग पांच घंटे तक चले इस मैच में फोन्सेका ने दो सेट से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
मैच की शुरुआत में अनुभवी जोकोविच पूरी तरह नियंत्रण में दिखाई दिए। पहले दो सेटों में उन्होंने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए फोन्सेका को ज्यादा मौके नहीं दिए। शुरुआती दौर में ऐसा लग रहा था कि सर्बियाई स्टार आसानी से अगले दौर में पहुंच जाएंगे। लेकिन तीसरे सेट के बाद मुकाबले का रंग बदलने लगा। युवा खिलाड़ी ने आक्रामक खेल दिखाया और लगातार दबाव बनाकर जोकोविच को बैकफुट पर धकेल दिया।
रोलां गैरो के सेंटर कोर्ट पर मौजूद हजारों दर्शकों ने मुकाबले के दौरान कई उतार-चढ़ाव देखे। तीसरे सेट में फोन्सेका ने अपनी सर्विस और ग्राउंड स्ट्रोक्स से मैच में वापसी की। इसके बाद चौथे सेट में भी उन्होंने शानदार संयम दिखाया। कई मौकों पर ऐसा लगा कि जोकोविच मैच खत्म कर देंगे, लेकिन ब्राजील के खिलाड़ी ने हार नहीं मानी। निर्णायक सेट में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
39 वर्षीय जोकोविच पूरे मैच के दौरान शारीरिक संघर्ष करते नजर आए। पेरिस में गर्म मौसम का असर उनके खेल पर साफ दिखाई दिया। कई बार उन्हें बेंच पर बैठकर आइस पैक का सहारा लेना पड़ा। मैच के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब वे टेलीविजन कैमरा क्रू से नाराज हो गए। बताया गया कि कैमरा उनकी तैयारी के दौरान काफी करीब आ गया था, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए उसे पीछे हटाने का इशारा किया।
गर्मी और लंबे मुकाबले का असर जोकोविच की फिटनेस पर भी दिखाई दिया। तीसरे सेट के बाद उनकी मूवमेंट पहले जैसी तेज नहीं रही। दूसरी तरफ फोन्सेका लगातार ऊर्जा से भरपूर नजर आए। युवा खिलाड़ी ने हर अंक के लिए संघर्ष किया और कोर्ट के हर कोने तक दौड़ लगाई। यही वजह रही कि मैच आगे बढ़ने के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता गया।
फोन्सेका के लिए यह जीत सिर्फ एक मैच जीतने से कहीं ज्यादा अहम मानी जा रही है। टेनिस इतिहास में बहुत कम खिलाड़ियों को इतनी कम उम्र में जोकोविच जैसे दिग्गज को ग्रैंड स्लैम मंच पर हराने का मौका मिला है। इस जीत के साथ वह ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में जोकोविच को हराने वाले पहले किशोर खिलाड़ी बन गए हैं। यह उपलब्धि उनके करियर को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
मुकाबले के आखिरी क्षण बेहद रोमांचक रहे। पांचवें सेट में दोनों खिलाड़ियों ने अपनी सर्विस बचाने के लिए पूरा जोर लगाया। लेकिन निर्णायक समय पर फोन्सेका ने शानदार खेल दिखाया। मैच के अंतिम गेम में उन्होंने लगातार तीन ऐस लगाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। जैसे ही आखिरी अंक मिला, स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। युवा खिलाड़ी भावुक नजर आए और उन्होंने कोर्ट पर ही अपनी खुशी जाहिर की।
मैच के बाद फोन्सेका ने कहा कि नोवाक जोकोविच उनके आदर्श रहे हैं और बचपन से वह उन्हें खेलते हुए देखते आए हैं। उनके खिलाफ खेलना ही एक सपना था, लेकिन जीत हासिल करना उनके जीवन का सबसे खास पल बन गया। उन्होंने कहा कि वह इस पल को कभी नहीं भूल पाएंगे और यह जीत उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
दूसरी ओर जोकोविच के लिए यह हार निराशाजनक रही। टेनिस इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल जोकोविच फ्रेंच ओपन में एक और खिताब जीतने की उम्मीद के साथ उतरे थे। हालांकि खेल में यही अनिश्चितता इसे खास बनाती है। एक युवा खिलाड़ी ने अनुभव और उपलब्धियों से भरे दिग्गज को चुनौती दी और अंततः जीत भी हासिल की।
