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MP ई-स्कूटर योजना: निर्माण श्रमिकों को ₹40,000 की सहायता
Digital desk
मध्य प्रदेश सरकार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने पर ₹40,000 तक की सब्सिडी दे रही है। जानें पात्रता, कोटा और शर्तें।
मध्य प्रदेश में बढ़ई, वेल्डर, प्लंबर और राजमिस्त्री सहित निर्माण क्षेत्र से जुड़े पंजीकृत श्रमिकों को इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के लिए राज्य सरकार की ओर से ₹40,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस पहल का कार्यान्वयन श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में लगभग 17 लाख निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। वर्तमान वर्ष के लिए योजना के तहत 1,000 लाभार्थियों का कोटा तय किया गया है। इसमें 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर पात्र आवेदनों को मंजूरी दी जाएगी।
योजना का नाम और पात्रता
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आधिकारिक नाम: 'भवन एवं अन्य संनिर्माण ई-स्कूटर हेतु अनुदान योजना, 2024'
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पात्रता: कल्याण मंडल के तहत पंजीकृत 49 विभिन्न श्रेणियों के निर्माण श्रमिक (जैसे बढ़ई, प्लंबर, राजमिस्त्री आदि) इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
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शर्तें: आवेदकों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता मापदंडों को पूरा करना अनिवार्य है।
₹40,000 तक का अनुदान
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योजना के तहत ई-स्कूटर की कुल कीमत का 50% या अधिकतम ₹40,000 (जो भी कम हो) की सब्सिडी दी जाएगी।
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उदाहरण: यदि स्कूटर की कीमत ₹70,000 है, तो ₹35,000 का अनुदान मिलेगा। यदि कीमत ₹90,000 है, तो अधिकतम ₹40,000 की सहायता राशि मिलेगी।
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स्वीकृत सब्सिडी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी।
कोटा और दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण
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वार्षिक सीमा: इस वर्ष केवल 1,000 पंजीकृत श्रमिकों को ही लाभ दिया जाएगा।
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विशेष आरक्षण: कुल 1,000 सीटों में से 60 सीटें दिव्यांग श्रमिकों के लिए आरक्षित की गई हैं।
3 साल तक बेचने पर प्रतिबंध
लाभार्थी योजना के तहत खरीदे गए ई-स्कूटर को तुरंत बेच या किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर नहीं कर सकते हैं। शर्तों के अनुसार, वाहन का पंजीकरण लाभार्थी के नाम होना चाहिए और इसे कम से कम 3 साल तक अपने पास रखना अनिवार्य है।
MP ई-स्कूटर योजना: निर्माण श्रमिकों को ₹40,000 की सहायता
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मध्य प्रदेश में बढ़ई, वेल्डर, प्लंबर और राजमिस्त्री सहित निर्माण क्षेत्र से जुड़े पंजीकृत श्रमिकों को इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के लिए राज्य सरकार की ओर से ₹40,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस पहल का कार्यान्वयन श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में लगभग 17 लाख निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। वर्तमान वर्ष के लिए योजना के तहत 1,000 लाभार्थियों का कोटा तय किया गया है। इसमें 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर पात्र आवेदनों को मंजूरी दी जाएगी।
योजना का नाम और पात्रता
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आधिकारिक नाम: 'भवन एवं अन्य संनिर्माण ई-स्कूटर हेतु अनुदान योजना, 2024'
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पात्रता: कल्याण मंडल के तहत पंजीकृत 49 विभिन्न श्रेणियों के निर्माण श्रमिक (जैसे बढ़ई, प्लंबर, राजमिस्त्री आदि) इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
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शर्तें: आवेदकों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता मापदंडों को पूरा करना अनिवार्य है।
₹40,000 तक का अनुदान
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योजना के तहत ई-स्कूटर की कुल कीमत का 50% या अधिकतम ₹40,000 (जो भी कम हो) की सब्सिडी दी जाएगी।
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उदाहरण: यदि स्कूटर की कीमत ₹70,000 है, तो ₹35,000 का अनुदान मिलेगा। यदि कीमत ₹90,000 है, तो अधिकतम ₹40,000 की सहायता राशि मिलेगी।
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स्वीकृत सब्सिडी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी।
कोटा और दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण
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वार्षिक सीमा: इस वर्ष केवल 1,000 पंजीकृत श्रमिकों को ही लाभ दिया जाएगा।
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विशेष आरक्षण: कुल 1,000 सीटों में से 60 सीटें दिव्यांग श्रमिकों के लिए आरक्षित की गई हैं।
3 साल तक बेचने पर प्रतिबंध
लाभार्थी योजना के तहत खरीदे गए ई-स्कूटर को तुरंत बेच या किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर नहीं कर सकते हैं। शर्तों के अनुसार, वाहन का पंजीकरण लाभार्थी के नाम होना चाहिए और इसे कम से कम 3 साल तक अपने पास रखना अनिवार्य है।
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