कौन हैं अनिल मेनन? भारतीय मूल के NASA अंतरिक्ष यात्री का भारत कनेक्शन और 6 घंटे की स्पेसवॉक

Sandeep Patel

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भारतीय मूल के NASA अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन की पढ़ाई, परिवार, भारत में पोलियो कार्य, SpaceX करियर और ISS की दूसरी स्पेसवॉक के बारे में जानिए।

NASA अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने दो सप्ताह से भी कम समय में अपनी दूसरी स्पेसवॉक पूरी की है। 18 अगस्त को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनोट के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर 6 घंटे 23 मिनट काम किया और खराब स्पेस-टू-ग्राउंड एंटीना हटाया।

केबल और बोल्ट खोलने में समय लगने के कारण दोनों अंतरिक्ष यात्री नया एंटीना नहीं लगा सके। NASA ने कहा कि इसका काम भविष्य की स्पेसवॉक में पूरा होगा। इस उपलब्धि के बाद अनिल मेनन के भारत कनेक्शन, पढ़ाई और डॉक्टर से अंतरिक्ष यात्री बनने की यात्रा में लोगों की रुचि बढ़ी है।

अनिल मेनन कौन हैं?

अनिल मेनन NASA अंतरिक्ष यात्री, इमरजेंसी मेडिसिन डॉक्टर, एयरोस्पेस मेडिसिन विशेषज्ञ, इंजीनियर और अमेरिकी स्पेस फोर्स में कर्नल हैं। NASA ने उन्हें 2021 की अंतरिक्ष यात्री उम्मीदवार कक्षा के लिए चुना और जनवरी 2022 में प्रशिक्षण शुरू हुआ।

वे 14 जुलाई 2026 को रूस के सोयुज MS-29 अंतरिक्ष यान से प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना के साथ ISS पहुंचे। NASA ने इसे लगभग आठ महीने का मिशन बताया है।

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भारत से उनका क्या संबंध है?

मेनन का जन्म और पालन-पोषण मिनियापोलिस, मिनेसोटा में भारतीय और यूक्रेनी प्रवासी माता-पिता के घर हुआ। इसलिए उन्हें भारतीय मूल का अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री कहना सही है, भारतीय नागरिक अंतरिक्ष यात्री नहीं।

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उनका भारत से रिश्ता केवल परिवार तक सीमित नहीं है। हार्वर्ड में न्यूरोबायोलॉजी पढ़ने के बाद वे रोटरी एम्बेसडोरियल स्कॉलर के रूप में एक वर्ष भारत में रहे और पोलियो टीकाकरण से जुड़े अध्ययन तथा काम में सहयोग किया।

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उन्होंने क्या पढ़ाई की?

मेनन ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से न्यूरोबायोलॉजी में स्नातक किया। स्टैनफोर्ड से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर और मेडिकल डिग्री ली। इसके बाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास मेडिकल ब्रांच से पब्लिक हेल्थ में मास्टर किया।

उन्होंने इमरजेंसी मेडिसिन, वाइल्डरनेस मेडिसिन और एयरोस्पेस मेडिसिन का प्रशिक्षण लिया। NASA के अनुसार वे एयरोस्पेस और इमरजेंसी मेडिसिन में बोर्ड-प्रमाणित हैं।

डॉक्टर से अंतरिक्ष यात्री कैसे बने?

अंतरिक्ष यात्री बनने से पहले मेनन ने चिकित्सा और विमानन के बीच काम किया। अमेरिकी वायुसेना में फ्लाइट सर्जन रहते हुए उन्होंने F-15 में 100 से अधिक उड़ानें भरीं और क्रिटिकल केयर एयर ट्रांसपोर्ट टीम के साथ 100 से ज्यादा मरीजों को ले जाने में मदद की।

उन्होंने 2010 के हैती भूकंप, 2011 के रेनो एयर शो हादसे और 2015 के नेपाल भूकंप के बाद डॉक्टर के रूप में राहत कार्य किया। हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन के साथ माउंट एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों का उपचार भी किया।

NASA और SpaceX में उनकी भूमिका क्या रही?

मेनन ने 2014 से NASA में फ्लाइट सर्जन के रूप में काम शुरू किया। उन्होंने लंबे ISS मिशन वाले अंतरिक्ष यात्रियों के चिकित्सा समर्थन की जिम्मेदारी संभाली और रूस के स्टार सिटी में छह महीने से अधिक काम किया।

2018 में वे SpaceX के पहले फ्लाइट सर्जन बने। उन्होंने कंपनी का मेडिकल प्रोग्राम बनाने, पहली मानव उड़ान Demo-2 की तैयारी, पांच लॉन्च में प्रमुख फ्लाइट सर्जन की भूमिका और निजी अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रमों में योगदान दिया।

दूसरी स्पेसवॉक में क्या हुआ?

मेनन और एडेनोट ने 18 अगस्त को सुबह 8:29 बजे EDT पर स्पेसवॉक शुरू की और दोपहर 2:52 बजे समाप्त की। खराब एंटीना सामान्य ट्रैकिंग नहीं कर रहा था, हालांकि दूसरा एंटीना मिशन कंट्रोल से महत्वपूर्ण डेटा और संचार बनाए हुए था।

NASA के अनुसार दोनों ने खराब यूनिट हटाकर स्टेशन के ट्रस से सुरक्षित बांध दी। नया एंटीना लगाने का काम टालना पड़ा। यह मेनन की दूसरी स्पेसवॉक थी। 6 अगस्त को जेसिका मीर के साथ उनकी पहली स्पेसवॉक 6 घंटे 27 मिनट चली थी। कुल स्पेसवॉक समय अब 12 घंटे 50 मिनट है।

यह स्पेसवॉक सोफी एडेनोट के लिए भी ऐतिहासिक रही। वे स्पेसवॉक करने वाली पहली फ्रांसीसी महिला बनीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अनिल मेनन भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं?

वे भारतीय और यूक्रेनी प्रवासी विरासत वाले अमेरिकी NASA अंतरिक्ष यात्री हैं। सही वर्णन भारतीय मूल के NASA अंतरिक्ष यात्री है।

क्या उन्होंने नया ISS एंटीना लगा दिया?

नहीं। मेनन और सोफी एडेनोट ने खराब एंटीना हटाकर सुरक्षित किया, लेकिन नया एंटीना भविष्य की स्पेसवॉक में लगाया जाएगा।

क्या यह उनकी पहली स्पेसवॉक थी?

नहीं। यह दूसरी स्पेसवॉक थी। पहली स्पेसवॉक 6 अगस्त 2026 को हुई थी।

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20 Aug 2026 By Sandeep.P

कौन हैं अनिल मेनन? भारतीय मूल के NASA अंतरिक्ष यात्री का भारत कनेक्शन और 6 घंटे की स्पेसवॉक

Sandeep Patel

NASA अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने दो सप्ताह से भी कम समय में अपनी दूसरी स्पेसवॉक पूरी की है। 18 अगस्त को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनोट के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर 6 घंटे 23 मिनट काम किया और खराब स्पेस-टू-ग्राउंड एंटीना हटाया।

केबल और बोल्ट खोलने में समय लगने के कारण दोनों अंतरिक्ष यात्री नया एंटीना नहीं लगा सके। NASA ने कहा कि इसका काम भविष्य की स्पेसवॉक में पूरा होगा। इस उपलब्धि के बाद अनिल मेनन के भारत कनेक्शन, पढ़ाई और डॉक्टर से अंतरिक्ष यात्री बनने की यात्रा में लोगों की रुचि बढ़ी है।

अनिल मेनन कौन हैं?

अनिल मेनन NASA अंतरिक्ष यात्री, इमरजेंसी मेडिसिन डॉक्टर, एयरोस्पेस मेडिसिन विशेषज्ञ, इंजीनियर और अमेरिकी स्पेस फोर्स में कर्नल हैं। NASA ने उन्हें 2021 की अंतरिक्ष यात्री उम्मीदवार कक्षा के लिए चुना और जनवरी 2022 में प्रशिक्षण शुरू हुआ।

वे 14 जुलाई 2026 को रूस के सोयुज MS-29 अंतरिक्ष यान से प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना के साथ ISS पहुंचे। NASA ने इसे लगभग आठ महीने का मिशन बताया है।

भारत से उनका क्या संबंध है?

मेनन का जन्म और पालन-पोषण मिनियापोलिस, मिनेसोटा में भारतीय और यूक्रेनी प्रवासी माता-पिता के घर हुआ। इसलिए उन्हें भारतीय मूल का अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री कहना सही है, भारतीय नागरिक अंतरिक्ष यात्री नहीं।

उनका भारत से रिश्ता केवल परिवार तक सीमित नहीं है। हार्वर्ड में न्यूरोबायोलॉजी पढ़ने के बाद वे रोटरी एम्बेसडोरियल स्कॉलर के रूप में एक वर्ष भारत में रहे और पोलियो टीकाकरण से जुड़े अध्ययन तथा काम में सहयोग किया।

उन्होंने क्या पढ़ाई की?

मेनन ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से न्यूरोबायोलॉजी में स्नातक किया। स्टैनफोर्ड से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर और मेडिकल डिग्री ली। इसके बाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास मेडिकल ब्रांच से पब्लिक हेल्थ में मास्टर किया।

उन्होंने इमरजेंसी मेडिसिन, वाइल्डरनेस मेडिसिन और एयरोस्पेस मेडिसिन का प्रशिक्षण लिया। NASA के अनुसार वे एयरोस्पेस और इमरजेंसी मेडिसिन में बोर्ड-प्रमाणित हैं।

डॉक्टर से अंतरिक्ष यात्री कैसे बने?

अंतरिक्ष यात्री बनने से पहले मेनन ने चिकित्सा और विमानन के बीच काम किया। अमेरिकी वायुसेना में फ्लाइट सर्जन रहते हुए उन्होंने F-15 में 100 से अधिक उड़ानें भरीं और क्रिटिकल केयर एयर ट्रांसपोर्ट टीम के साथ 100 से ज्यादा मरीजों को ले जाने में मदद की।

उन्होंने 2010 के हैती भूकंप, 2011 के रेनो एयर शो हादसे और 2015 के नेपाल भूकंप के बाद डॉक्टर के रूप में राहत कार्य किया। हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन के साथ माउंट एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों का उपचार भी किया।

NASA और SpaceX में उनकी भूमिका क्या रही?

मेनन ने 2014 से NASA में फ्लाइट सर्जन के रूप में काम शुरू किया। उन्होंने लंबे ISS मिशन वाले अंतरिक्ष यात्रियों के चिकित्सा समर्थन की जिम्मेदारी संभाली और रूस के स्टार सिटी में छह महीने से अधिक काम किया।

2018 में वे SpaceX के पहले फ्लाइट सर्जन बने। उन्होंने कंपनी का मेडिकल प्रोग्राम बनाने, पहली मानव उड़ान Demo-2 की तैयारी, पांच लॉन्च में प्रमुख फ्लाइट सर्जन की भूमिका और निजी अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रमों में योगदान दिया।

दूसरी स्पेसवॉक में क्या हुआ?

मेनन और एडेनोट ने 18 अगस्त को सुबह 8:29 बजे EDT पर स्पेसवॉक शुरू की और दोपहर 2:52 बजे समाप्त की। खराब एंटीना सामान्य ट्रैकिंग नहीं कर रहा था, हालांकि दूसरा एंटीना मिशन कंट्रोल से महत्वपूर्ण डेटा और संचार बनाए हुए था।

NASA के अनुसार दोनों ने खराब यूनिट हटाकर स्टेशन के ट्रस से सुरक्षित बांध दी। नया एंटीना लगाने का काम टालना पड़ा। यह मेनन की दूसरी स्पेसवॉक थी। 6 अगस्त को जेसिका मीर के साथ उनकी पहली स्पेसवॉक 6 घंटे 27 मिनट चली थी। कुल स्पेसवॉक समय अब 12 घंटे 50 मिनट है।

यह स्पेसवॉक सोफी एडेनोट के लिए भी ऐतिहासिक रही। वे स्पेसवॉक करने वाली पहली फ्रांसीसी महिला बनीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अनिल मेनन भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं?

वे भारतीय और यूक्रेनी प्रवासी विरासत वाले अमेरिकी NASA अंतरिक्ष यात्री हैं। सही वर्णन भारतीय मूल के NASA अंतरिक्ष यात्री है।

क्या उन्होंने नया ISS एंटीना लगा दिया?

नहीं। मेनन और सोफी एडेनोट ने खराब एंटीना हटाकर सुरक्षित किया, लेकिन नया एंटीना भविष्य की स्पेसवॉक में लगाया जाएगा।

क्या यह उनकी पहली स्पेसवॉक थी?

नहीं। यह दूसरी स्पेसवॉक थी। पहली स्पेसवॉक 6 अगस्त 2026 को हुई थी।

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