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पंचांग: दर्श अमावस्या पर पितृ पूजा का विशेष योग, नई शुरुआत से करें परहेज
Dharm, Desk
आज रविवार, 18 जनवरी 2026 को माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है। इस अमावस्या को दर्श अमावस्या और मौनी अमावस्या भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन पितरों के तर्पण, दान-पुण्य, ध्यान और साधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अमावस्या तिथि को नई शुरुआत, विवाह या बड़े शुभ कार्यों से बचना चाहिए। यह दिन आत्मशुद्धि, पितृ संतोष और आध्यात्मिक साधना के लिए श्रेष्ठ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पितृ पूजा से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की बाधाएं कम होती हैं।
आज का पंचांग – 18 जनवरी 2026
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विक्रम संवत: 2082
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मास: माघ
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पक्ष: कृष्ण
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तिथि: अमावस्या
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वार: रविवार
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योग: हर्षण
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नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा
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करण: चतुष्पाद
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चंद्र राशि: धनु
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सूर्य राशि: मकर
सूर्य-चंद्र समय
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सूर्योदय: सुबह 07:16 बजे
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सूर्यास्त: शाम 05:47 बजे
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चंद्रोदय: नहीं होगा
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चंद्रास्त: शाम 05:20 बजे
आज का शुभ योग और विशेष महत्व
आज चंद्रमा धनु राशि में और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र को विजय से पूर्व की तैयारी का प्रतीक माना जाता है। इसके देवता वरुण और स्वामी शुक्र हैं। ज्योतिष के अनुसार इस नक्षत्र में माता लक्ष्मी की पूजा, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना करना विशेष फलदायी होता है।
अमावस्या तिथि माता काली और पितृ तत्व से जुड़ी मानी जाती है। इसलिए आज के दिन:
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पितरों का तर्पण
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गरीबों को अन्न-वस्त्र दान
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गौ सेवा व पशु-पक्षियों को भोजन
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मौन, ध्यान और जप
करना अत्यंत शुभ माना गया है।
आज का वर्जित समय (अशुभ काल)
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राहुकाल: शाम 04:28 से 05:47 बजे तक
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यमगंड: दोपहर 12:31 से 01:50 बजे तक
इस दौरान कोई भी शुभ या नया कार्य प्रारंभ करने से बचना चाहिए। साथ ही गुलिक काल, दुरमुहूर्त और वर्ज्यम् समय में भी मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं।
आज क्या करें, क्या न करें
करें
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पितृ तर्पण और दीपदान
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मौनी अमावस्या पर स्नान-दान
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माता काली और लक्ष्मी की पूजा
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ध्यान, जप और साधना
न करें
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विवाह या गृह प्रवेश
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नया व्यापार या बड़ा निवेश
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मांगलिक अनुष्ठान
