- Hindi News
- धर्म
- रविवार विशेष उपाय: सूर्य देव की कृपा से मजबूत होगा भाग्य, स्वास्थ्य और सम्मान में होगा विस्तार
रविवार विशेष उपाय: सूर्य देव की कृपा से मजबूत होगा भाग्य, स्वास्थ्य और सम्मान में होगा विस्तार
Dharm, Desk
रविवार को नवग्रहों के अधिपति सूर्य देव की उपासना का दिन माना गया है। ज्योतिष में सूर्य आत्मा, ऊर्जा, पिता, पद-प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता के कारक हैं। कुंडली में सूर्य कमजोर होने पर व्यक्ति को करियर में रुकावट, बार-बार अपमान, निर्णयों में भ्रम और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। ऐसे में रविवार को किए गए विशेष उपाय जीवन की दिशा बदलने की शक्ति रखते हैं।
रविवार का आध्यात्मिक महत्व
सूर्य केवल ग्रह नहीं, बल्कि जीवन शक्ति का मूल स्रोत हैं। शास्त्रों के अनुसार रविवार को किया गया जप, दान और संयम व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास जगाता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। यही कारण है कि इस दिन सूर्य उपासना को “आत्मबल का संकल्प” भी कहा गया है।
रविवार के प्रभावशाली उपाय
🔸 1. उगते सूर्य को अर्घ्य देना
सूर्योदय के समय तांबे के पात्र में जल, लाल पुष्प और थोड़ी सी केसर या रोली डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें। इससे नेत्र दोष, कमजोरी और मानसिक तनाव में कमी आती है।
🔸 2. सूर्य स्तुति और ध्यान
रविवार को आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्य चालीसा या सूर्य गायत्री मंत्र का पाठ करें। कम से कम 11 बार सूर्य नमस्कार करने से भी ग्रह दोष शांत होते हैं।
🔸 3. लाल और सुनहरे रंग का दान
गुड़, तांबा, गेहूं, लाल वस्त्र या लाल फूल का दान गरीबों को दें। यह उपाय विशेष रूप से करियर रुकावट और मान-सम्मान की समस्या में लाभ देता है।
🔸 4. पिता, गुरु और वरिष्ठों का सम्मान
रविवार को पिता और गुरु का आशीर्वाद लेना सूर्य को मजबूत करता है। उनके चरण स्पर्श करें और सेवा भाव रखें।
🔸 5. खान-पान और व्यवहार में संयम
इस दिन नमक, शराब, मांसाहार और अत्यधिक तले-भुने भोजन से परहेज करें। क्रोध, अहंकार और झूठ से भी दूरी बनाए रखें।
🔸 6. सूर्य यंत्र और तांबे का प्रयोग
घर में सूर्य यंत्र स्थापित कर दीप प्रज्वलित करें। तांबे के बर्तन में जल पीना भी सूर्य को शुभ बनाता है।
रविवार को क्या न करें
-
पिता या किसी वरिष्ठ का अपमान
-
झूठे आरोप या अनैतिक कार्य
-
बेवजह विवाद और क्रोध
-
नशा और आलस्य
इन उपायों के लाभ
-
आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि
-
सरकारी और प्रशासनिक कार्यों में सफलता
-
आंख, हृदय और हड्डियों से जुड़े कष्टों में राहत
-
समाज में मान-सम्मान और पहचान
-
पारिवारिक रिश्तों में मजबूती
