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पंचांग: रविवार को रवि पुष्य, त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग
Dharm, Desk
आज रविवार, 4 जनवरी 2026 को माघ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। पंचांग के अनुसार यह दिन नई योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने, विचार-मंथन और चिकित्सा से जुड़े कार्यों के लिए अनुकूल माना गया है। आज रवि पुष्य योग, त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग—तीनों का एक साथ बनना इसे विशेष बना रहा है।
हालांकि शास्त्रों के अनुसार आज बड़े मांगलिक कार्यों से परहेज की सलाह दी गई है, लेकिन प्लानिंग और तैयारी से जुड़े कार्यों के लिए दिन शुभ माना जाता है।
आज का पंचांग (4 जनवरी 2026)
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विक्रम संवत: 2082
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माह: माघ
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पक्ष: कृष्ण
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तिथि: प्रतिपदा
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वार: रविवार
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योग: वैधृति
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नक्षत्र: पुनर्वसु
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करण: कौलव
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चंद्र राशि: मिथुन
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सूर्य राशि: धनु
सूर्य और चंद्रमा का समय
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सूर्योदय: सुबह 7:16 बजे
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सूर्यास्त: शाम 5:36 बजे
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चंद्रोदय: शाम 6:40 बजे
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चंद्रास्त: सुबह 8:09 बजे
अशुभ समय (वर्जित काल)
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राहुकाल: शाम 4:18 से 5:36 बजे तक
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यमगंड: दोपहर 12:26 से 1:43 बजे तक
इन समयावधियों में कोई भी शुभ या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
पुनर्वसु नक्षत्र का प्रभाव
आज चंद्रमा मिथुन राशि में स्थित होकर पुनर्वसु नक्षत्र में भ्रमण करेगा। यह नक्षत्र शाम 8:00 बजे तक मिथुन राशि में और इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश करेगा।
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नक्षत्र के स्वामी: बृहस्पति
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अधिष्ठात्री देवी: अदिति
पुनर्वसु नक्षत्र को गतिशील, सकारात्मक और पुनर्निर्माण का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में
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यात्रा
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पूजा-पाठ
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वाहन की खरीद या सर्विसिंग
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मित्रों से मुलाकात
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बागवानी जैसे कार्य
अनुकूल माने जाते हैं।
आज क्या न करें
राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् के समय किसी भी शुभ कार्य, नए सौदे या महत्वपूर्ण शुरुआत से बचना चाहिए।
