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आज का पंचांग: प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
धर्म डेस्क
पौष कृष्ण त्रयोदशी पर मूल नक्षत्र और ध्रुव योग का प्रभाव, शिव आराधना के लिए दिन विशेष
आज शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को पंचांग के अनुसार पौष मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि है। इस दिन प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि व्रत का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज मूल नक्षत्र और ध्रुव योग का प्रभाव पूरे दिन रहेगा, जिससे धार्मिक कार्यों और व्रत-पूजन का फल अधिक प्रभावी माना जाता है।
क्या है आज की तिथि और नक्षत्र की स्थिति
पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि आज रात्रि 10 बजकर 21 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी। मूल नक्षत्र सुबह 5 बजकर 48 मिनट से अगले दिन सुबह 8 बजकर 12 मिनट तक प्रभावी रहेगा। ध्रुव योग रात्रि 9 बजकर 7 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद व्याघात योग शुरू होगा। चंद्रमा आज पूरे दिन धनु राशि में संचार करेगा।
कब और कहां शुभ योग का लाभ मिलेगा
आज का दिन देशभर में शिव मंदिरों और घरों में प्रदोष व्रत तथा शिवरात्रि पूजन के साथ मनाया जा रहा है। सूर्य का उदय सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 46 मिनट पर होगा। सूर्य उत्तरायण स्थिति में है और शिशिर ऋतु का प्रभाव बना हुआ है।
शुभ मुहूर्त का समय
धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 से 6:05 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:05 से 2:48 बजे तक शुभ माना गया है। शाम के समय गोधूलि बेला 5:36 से 6:03 बजे तक रहेगी, जिसे प्रदोष व्रत पूजन के लिए विशेष अनुकूल माना जाता है।
अशुभ समय और सावधानियां
आज राहुकाल सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक और यमगंड दोपहर 3:30 से 4:30 बजे तक प्रभावी रहेगा। भद्राकाल रात्रि 10:21 बजे से अगले दिन सुबह तक रहेगा, ऐसे में इस दौरान शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
क्यों महत्वपूर्ण है आज का दिन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का एक साथ पड़ना दुर्लभ माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन शिव पूजन से मानसिक शांति, रोगों से मुक्ति और पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है। विशेषज्ञों के अनुसार मूल नक्षत्र और ध्रुव योग व्रत के फल को स्थायित्व प्रदान करते हैं।
आज शिव अभिषेक के दौरान जल, दूध, बेलपत्र और धूप-दीप का उपयोग शुभ माना गया है। साथ ही दिन में संयम और सात्विक आहार अपनाने की सलाह दी जाती है।
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