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सत्यकथा : संजय बनकर आया, सलमान बनकर जिस्म और रूह दोनों लूटता रहा
सत्यकथा
खंडवा की एक महिला की सच्ची कहानी, जिसने अपनी बेटी को बचाने के लिए टूटकर भी हार नहीं मानी
लिंक पर क्लीक करके आप ये सत्यकथा वीडियो फॉर्मेट में भी देख सकते हैं
https://youtu.be/f7PpslcfuGY?si=FCWtUr0K9hUZRowX
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पिपलोद क्षेत्र में रहने वाली 30 वर्षीय रीता (बदला हुआ नाम) एक सामान्य गृहिणी नहीं, बल्कि एक निजी कार्यालय में कार्यरत आत्मनिर्भर महिला थीं। पति, एक बेटी और सीमित दुनिया में सिमटी रीता की जिंदगी बस घर से ऑफिस और ऑफिस से घर तक ही घूमती थी। सुबह 7:30 बजे बस पकड़ना, शाम 7:30 बजे लौट आना — यही उसकी दिनचर्या थी।
साल 2022 की गर्मियों में बस स्टैंड पर उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी ने चुपचाप दस्तक दी।
बस में टिकट बेचने वाला एक युवक, जो खुद को “संजय” बताता था, रोज उसे दीदी कहकर हालचाल पूछता। समय, मौसम, बस लेट होने जैसी छोटी-छोटी बातों से बातचीत शुरू हुई। रीता ने इसे सामान्य शिष्टाचार समझा। लेकिन वह नहीं जानती थी कि यह सामान्य बातचीत एक गहरी साजिश की नींव बन चुकी है।
कुछ ही दिनों में ‘संजय’ ने रीता का मोबाइल नंबर ले लिया — बहाना था, बस लेट होने की सूचना देना। इसी नंबर के जरिए उसने रीता की सोशल मीडिया प्रोफाइल खोज निकाली और उसकी तस्वीरें जुटा लीं।
एक दिन अचानक रीता के फोन पर एक ऐसी एडिटेड तस्वीर आई, जिसमें चेहरा उसी का था, लेकिन तस्वीर पूरी तरह आपत्तिजनक थी। रीता घबरा गई। जब उसने विरोध किया तो उधर से धमकी मिली —
“अगर मुझसे नहीं मिलीं, तो ये तस्वीरें आपके पति, ऑफिस और रिश्तेदारों तक पहुंच जाएंगी।”
यहीं से शुरू हुआ ब्लैकमेल का वो दौर, जिसने रीता की जिंदगी को नरक बना दिया।
पहले पैसों की मांग हुई — 50 हजार, फिर एक लाख…
फिर पैसों के साथ जबरन मुलाकातें…
और धीरे-धीरे वह मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण की शिकार होती चली गई।
कुछ समय बाद रीता को पता चला कि ‘संजय’ का असली नाम सलमान है। इसके बाद दबाव और बढ़ गया। उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाने लगा। डर के कारण रीता चुप रही। परिवार बचाने के लिए वह सब कुछ सहती रही।
जब उसके पति को शक हुआ और उन्होंने मोबाइल देखा, तो सच्चाई सामने आ गई। वे पुलिस जाना चाहते थे, लेकिन रीता डर गई — बदनामी, समाज, बेटी का भविष्य…
सलमान ने इसी डर का फायदा उठाकर एक और घिनौनी शर्त रखी —
अपने बहनोई शाहरुख को भी “खुश” करना होगा।
टूटी हुई रीता और लाचार पति ने मजबूरी में हामी भरी।
लेकिन कुछ समय बाद सलमान की नीयत रीता की किशोर बेटी पर जा टिकी।
यही वो पल था, जब डर के ऊपर मां भारी पड़ गई।
जिस महिला ने सालों अपमान सहा, वही रीता अपनी बेटी के लिए शेरनी बनकर खड़ी हो गई। उसने बिना एक पल गंवाए पदम नगर थाने पहुंचकर पूरी कहानी पुलिस को सुना दी — दोस्ती, फर्जी पहचान, एडिटेड फोटो, ब्लैकमेलिंग, शोषण, जबरन वसूली और बेटी पर बुरी नजर।
पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर सलमान को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल से एडिटेड तस्वीरें, चैट्स और वीडियो बरामद हुए। बैंक खातों की जांच में पैसों के लेन-देन की पुष्टि हुई। कुछ ही समय में शाहरुख को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जब ‘संजय’ निकला सलमान
रीता ने पुलिस को बताया कि बस में खुद को संजय बताकर बात करने वाला युवक असल में सलमान था। उसी ने उसका भरोसा जीता, नंबर लिया और सोशल मीडिया से तस्वीरें निकालकर उन्हें आपत्तिजनक रूप में एडिट कर ब्लैकमेलिंग शुरू की।
बेटी पर नजर गई तो टूट गया डर
रीता सालों तक डरती रही, सहती रही। लेकिन जिस दिन सलमान की नजर उसकी नाबालिग बेटी पर पड़ी, उसी दिन उसने तय कर लिया —
“अब चाहे मेरी इज्जत जाए, लेकिन मेरी बेटी सुरक्षित रहेगी।”
और यही फैसला दोनों दरिंदों को जेल तक ले गया।
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सत्यकथा
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https://youtu.be/f7PpslcfuGY?si=FCWtUr0K9hUZRowX
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पिपलोद क्षेत्र में रहने वाली 30 वर्षीय रीता (बदला हुआ नाम) एक सामान्य गृहिणी नहीं, बल्कि एक निजी कार्यालय में कार्यरत आत्मनिर्भर महिला थीं। पति, एक बेटी और सीमित दुनिया में सिमटी रीता की जिंदगी बस घर से ऑफिस और ऑफिस से घर तक ही घूमती थी। सुबह 7:30 बजे बस पकड़ना, शाम 7:30 बजे लौट आना — यही उसकी दिनचर्या थी।
साल 2022 की गर्मियों में बस स्टैंड पर उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी ने चुपचाप दस्तक दी।
बस में टिकट बेचने वाला एक युवक, जो खुद को “संजय” बताता था, रोज उसे दीदी कहकर हालचाल पूछता। समय, मौसम, बस लेट होने जैसी छोटी-छोटी बातों से बातचीत शुरू हुई। रीता ने इसे सामान्य शिष्टाचार समझा। लेकिन वह नहीं जानती थी कि यह सामान्य बातचीत एक गहरी साजिश की नींव बन चुकी है।
कुछ ही दिनों में ‘संजय’ ने रीता का मोबाइल नंबर ले लिया — बहाना था, बस लेट होने की सूचना देना। इसी नंबर के जरिए उसने रीता की सोशल मीडिया प्रोफाइल खोज निकाली और उसकी तस्वीरें जुटा लीं।
एक दिन अचानक रीता के फोन पर एक ऐसी एडिटेड तस्वीर आई, जिसमें चेहरा उसी का था, लेकिन तस्वीर पूरी तरह आपत्तिजनक थी। रीता घबरा गई। जब उसने विरोध किया तो उधर से धमकी मिली —
“अगर मुझसे नहीं मिलीं, तो ये तस्वीरें आपके पति, ऑफिस और रिश्तेदारों तक पहुंच जाएंगी।”
यहीं से शुरू हुआ ब्लैकमेल का वो दौर, जिसने रीता की जिंदगी को नरक बना दिया।
पहले पैसों की मांग हुई — 50 हजार, फिर एक लाख…
फिर पैसों के साथ जबरन मुलाकातें…
और धीरे-धीरे वह मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण की शिकार होती चली गई।
कुछ समय बाद रीता को पता चला कि ‘संजय’ का असली नाम सलमान है। इसके बाद दबाव और बढ़ गया। उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाने लगा। डर के कारण रीता चुप रही। परिवार बचाने के लिए वह सब कुछ सहती रही।
जब उसके पति को शक हुआ और उन्होंने मोबाइल देखा, तो सच्चाई सामने आ गई। वे पुलिस जाना चाहते थे, लेकिन रीता डर गई — बदनामी, समाज, बेटी का भविष्य…
सलमान ने इसी डर का फायदा उठाकर एक और घिनौनी शर्त रखी —
अपने बहनोई शाहरुख को भी “खुश” करना होगा।
टूटी हुई रीता और लाचार पति ने मजबूरी में हामी भरी।
लेकिन कुछ समय बाद सलमान की नीयत रीता की किशोर बेटी पर जा टिकी।
यही वो पल था, जब डर के ऊपर मां भारी पड़ गई।
जिस महिला ने सालों अपमान सहा, वही रीता अपनी बेटी के लिए शेरनी बनकर खड़ी हो गई। उसने बिना एक पल गंवाए पदम नगर थाने पहुंचकर पूरी कहानी पुलिस को सुना दी — दोस्ती, फर्जी पहचान, एडिटेड फोटो, ब्लैकमेलिंग, शोषण, जबरन वसूली और बेटी पर बुरी नजर।
पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर सलमान को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल से एडिटेड तस्वीरें, चैट्स और वीडियो बरामद हुए। बैंक खातों की जांच में पैसों के लेन-देन की पुष्टि हुई। कुछ ही समय में शाहरुख को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जब ‘संजय’ निकला सलमान
रीता ने पुलिस को बताया कि बस में खुद को संजय बताकर बात करने वाला युवक असल में सलमान था। उसी ने उसका भरोसा जीता, नंबर लिया और सोशल मीडिया से तस्वीरें निकालकर उन्हें आपत्तिजनक रूप में एडिट कर ब्लैकमेलिंग शुरू की।
बेटी पर नजर गई तो टूट गया डर
रीता सालों तक डरती रही, सहती रही। लेकिन जिस दिन सलमान की नजर उसकी नाबालिग बेटी पर पड़ी, उसी दिन उसने तय कर लिया —
“अब चाहे मेरी इज्जत जाए, लेकिन मेरी बेटी सुरक्षित रहेगी।”
और यही फैसला दोनों दरिंदों को जेल तक ले गया।
