- Hindi News
- सत्यकथा
- सत्यकथा: झाड़-फूंक के बहाने हिंदू नाम से शातिर मुबारक अली कर रहा था युवतियों का यौन शोषण
सत्यकथा: झाड़-फूंक के बहाने हिंदू नाम से शातिर मुबारक अली कर रहा था युवतियों का यौन शोषण
गरोठ
मुबारक अली ने गांव की भोली-भाली खूबसूरत युवतियों को अपने जाल में फंसाने के लिए तांत्रिक का चोला ओढ़ लिया था। युवतियों को अपने जाल में फंसाने के लिए वह उनकी कोख में डायन का साया और पति में मर्दाना कमजोरी की बात बताकर उन्हें अपने सांचे में उतारने के बाद उनका यौन शोषण कर रहा था। .
इज्जत के डर से चुप होकर बैठने से कोई फायदा नहीं। ऐसा ही चलता रहा तो एक रोज बाजार में पगड़ी उतरना ही है यह सोचकर मंदसौर जिले के गरोठ थाना इलाके के बलौदा गांव में रहने वाले काशीराम (बदला नाम) ने शाम के समय चौपाल में जाकर गांव के कुछ बुजुर्गों को पूरी बात बता दी।

दरअसल हुआ यह कि काशीराम का बड़ा बेटा पिछले दो तीन साल से बीमार चल रहा था। कई जगह इलाज करवाने के बाद भी जब उसे फायदा नहीं हुआ तो उसकी पत्नी ने गांव में रहने वाले एक मुबारक अली से झाड़-फूंक करवाना शुरू कर दिया था।
जिसके चलते चंद रोज पहले काशीराम के छोटे बेटे ने अपनी भाभी के मोबाइल में मुबारक अली के साथ उनके सेक्स वीडियो और फोटो देखकर जब भाभी से इस बारे में बात की तो वह भड़क गई। ससुर ने भी उसे मना किया कि आगे से मुबारिक के पास जाने की कोई जरूरत नहीं लेकिन बहू ने ससुर की भी नहीं सुनी। उसके बाद भी वह रोज शाम को पूजा के नाम पर 4-5 घंटे मुबारिक के साथ अकेले कमरे में गुजार रही थी।
काशीराम को नहीं मालूम था कि यह अकेले उसके घर की नहीं बल्कि गांव के कई घरों की कहानी है। किसी की बहू तांत्रिक के मुरीद बनी हुई है तो किसी की बेटी। इसलिए जैसे ही काशीराम ने हिम्मत कर अपने घर की कहानी लोगों को सुनाई वैसे ही कई लोगों ने भी अपना दर्द व्यक्त कर दिया जिनके घरों की बहू-बेटी मुबारक की शिकार थी। इसलिए गांव वालों ने अगले ही दिन गरोठ जाकर हिंदू संगठन के नेताओं को साथ लेेकर गरोठ थाने में फर्जी तांत्रिक के खिलाफ आवेदन दे दिया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया कि मुबारक ने हिंदू नाम से एक आधारकार्ड बनवा रखा है। वह इस फर्जी आधारकार्ड के सहारे लड़कियों का शोषण करने के लिए बाहर शहरों की होटल में कमरा किराये पर लेकर वहां उनका बलात्कार करता है।

तत्कालीन टीआई हरीश मालवीय ने गांव वालों की शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देकर दो दिन बाद बलौदा में मुबारक अली के घर पर छापामार कर बड़ी मात्रा में तंत्र-मंत्र का सामान, अश्लील फोटो वाली किताबें, सेक्स पॉवर बढ़ाने वाली दवा की टेबलेट और कई लड़कियों की अश्लील फोटो बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मुबारक ने बताया कि वह झांड-फूंक करता है लेकिन लड़कियों का यौन शोषण करने का आरोप पूरी तरह गलत है। मगर पुलिस ने जब उसके साथ सख्ती से पूछताछ की तो उसने कई दर्जन युवतियों के यौन शोषण की बात स्वीकार कर ली। जिसके बाद यह कहानी इस प्रकार सामने आई।
कोई 35-40 साल पुरानी बात है जब गरोठ थाना इलाके बलौदा गांव में पहला मुस्लिम परिवार आकर बसा। गांव में रहने वाले बाकी सभी सनातनी परिवारों को इससे कोई ऐतराज नहीं था इसलिए यह परिवार जल्द ही सबसे घुलमिल गया। कुछ समय के बाद इसी गांव में आने के बाद इस परिवार में एक बेटे का जन्म हुआ जिसका नाम मुबारक अली रखा गया। मुबारक गांव के दूसरे बच्चों के साथ खेलते हुए बड़ा हुआ लेकिन जब वह बीस साल का था अचानक एक साल के तक गांव से लापता होने के बाद जब वापस लौटा तो उसने खुद को बड़ा तांत्रिक बताना शुरू कर दिया।

पहले-पहले तो मुबारक की बात को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया लेकिन महिलाएं तंत्र-मंत्र में कुछ ज्यादा ही रुचि लेती हैं इसलिए पहले गांव की एक महिला अपनी समस्या को लेकर मुबारक से मिली फिर इनकी संख्या 2-3 से होते होते सैकड़ों में पहुंच गई। इतना ही नहीं कुछ ही महीनों के बाद आसपास के गांव की महिलाएं भी मुबारक के पास अपनी समस्या लेकर आने लगी। और खुद मुबारक भी अपनी भक्त महिलाओं के कहने पर उनके घर पूजा-पाठ करने जाने लगा। धीरे-धीरे मुबारक की आर्थिक स्थिति सुधरने लगी। जिसके बाद उसने गांव वालों पर अपने तंत्र-मंत्र का रौब दिखाना शुरू कर दिया। कौन घर बैठे आफत मोल ले यह सोचकर गांव के लोग उससे बचकर रहने लगे।
मुबारक बेहद शातिर तरीके से युवतियों और महिलाओं का शिकार करता था। वह कुंवारी लड़कियों का चेहरा पढ़कर उनकी शादी न होने का डर दिखाता था तो ज्यादातर संतान प्राप्ति के आने वाली शादीशुदा महिलाओं को उनके पति के नपंसुक होने या उनकी कोख पर डायन बैठने का डर दिखाकर पूजा के नाम पर न केवल पैसा ऐठता था बल्कि उनका यौन शोषण भी करता था।

मुबारक के काले कारनामों को राज उस समय खुला जब काशीराम के दो बड़े बेटों में एक, बड़ा बेटा दो साल पहले अचानक बीमार हुआ। पति की तबियत को लेकर उसकी पत्नी माया (बदला नाम) काफी परेशान थी। इसलिए कोई साल भर पहले जब गांव की एक औरत ने उसे अपने पति की झाड़-फूंक मुबारक अली से करवाने की सलाह दी तो माया दो दिन बाद ही पति को लेकर मुबारक अली के दरबार में जा पहुंची।
लगभग 23-24 साल की माया यौवन से लदी निहायत ही खूबसूरत औरत थी। इसलिए जब माया अपने पति को लेकर उसके पास पहुंची तो माया को सामने देख मुबारक के मुंह में पानी आ गया। उसने ठान लिया कि वह यह मौका हाथ से जाने से नहीं देखा। इसलिए उसने भीड़ को बाहर कर विशेष रूप से माया के पति को चौकी पर बैठाकर आंख बंद कर पूजा का नाटक करने के बाद माया को कहा तुम बिलकुल सही समय पर इसे लेकर मेरे पास आई हो अगर आठ दिन बाद आने वाली अमावस्या तक देर करती तो शायद पति से हाथ धो बैठती। लेकिन अब डरने की कोई बात नहीं बाबा के पास आई तो खुशियां लेकर ही जाओगी। इसके बाद उसने माया के पति के सिर पर हाथ रखकर कुछ मंत्र पढ़े फिर उसके माथे पर राख मलते हुए कहा, थोड़ा समय लगेगा क्योंकि इसके अंदर बैठी बुरी आत्मा ने इसको पूरी तरह से जकड़ लिया था। इसलिए हर रविवार को इसे लेकर आती रहना। काशीराम और उसके परिवार के दूसरे सदस्यों को न तो तंत्र-मंत्र पर भरोसा था और न मुबाकर पर। लेकिन वे माया को इसलिए नहीं रोक पा रहे थे कि माया जो कुछ भी कर रही है आखिर अपने पति और उनके बेटे के लिए ही तो कर रही है।
लेकिन महीने भर बाद मुबाकर ने माया को कहा कि अब पति को साथ लेकर आने की जरूरत नहीं है तुम अकेली आया करो मैँ पूजा कर दिया करुंगा। इसलिए अगले हफ्ते से माया अकेली जाने लगी। इस दौरान पूजा के दौरान एक रोज मुबाकर ने उससे पूछा:
कुछ फायदा हुआ पति को कि नहीं?
अभी तो समझ में नहीं आ रहा।
अरे पागल मेरे कहने का मतबल यह है कि तेरा पति तेरे साथ दो साल से हमबिस्तर नहीं हुआ, सच है?
जी, मुबाकर की बात सुनकर माया ने सिर झुकाकर कहा।
होगा भी कैसे क्योंकि उसके हर एक अंग को बुरी आत्मा से जकड़ रखा है। लेकिन यह भी सच है कि तेरी इच्छा पति के साथ हमबिस्तर होने की होती है?
मुबाकर की बात सुनकर माया चुप रही तो वह बोला बाबा से शर्म न करो जो पूछा जा रहा है सच बोला।
जी होती तो है, ऐसी कौन लड़की होगी जो इस उम्र में ऐसी कामना नहीं करेगी।
लेकिन तू किसी को बताना मत कम से कम पांच साल लगेगा तेरे पति को ठीक होने में वह तब तक तेरे साथ हमबिस्तर भी नहीं हो पाएगा। बोलो इतना इंतजार कर सकोगी?
करुंगी और कोई रास्ता भी तो नहीं है।
मेरे पास हर एक समस्या का रास्ता है। मैं तेरे साथ बिस्तर पूजा करुंगा फिर देखना कैसे तेरा पति तुझे बिस्तर से नीचे नहीं उतरने देगा। लेकिन इसके लिए तुझे मेरे साथ चार दिन के लिए बाहर चलना पड़ेगा क्योंकि पूरे चार दिन तुझे पूजा में साथ रहना होगा।
गांव में नहीं हो सकती क्या यह पूजा?
पागल जैसी बात मत कर। तेरी ससुराल वाले चार दिन तुझे मेरे घर में रहने देंगे। तू एक काम कर किसी रिश्तेदार के यहां जाने के बहाने मेरे साथ शहर चल वहां हम चुपचाप बिस्तर पूजा कर वापस आ जाएगें।

मुबाकर की बात पर माया राजी हो गई तो हफ्ते भर बाद माया अपने रिश्तेदार के घर जाने का बोलकर चुपचाप मुबारक के साथ शहर आ गई। यहां मुबारक ने हिंदू नाम से बनाए आधार कार्ड की मदद से होटल में कमरा ले लिया। जहां रात में उसने बिस्तर पूजा के नाम पर माया को निर्वस्त्र होकर बिस्तर पर बैठाने के बाद खुद भी निर्वस्त्र होकर बिस्तर पर बैठकर पूजा का नाटक करने लगा। इस दौरान वह बीच-बीच में माया के शरीर पर भभूत लगाने के नाम पर उसके नाजुक अंगों से छेड़छाड़ भी करता जा रहा था। पति की बीमारी के चलते पिछले ढेड दो साल से माया पुरुष सुख से वंचित थी इसलिए मुबाकर की हरकतों से उसने कुछ देर तक तो अपनी वासना के घोड़ों को वश में बनाए रखा लेकिन जल्द ही उसका खुद पर से नियंत्रण टूट गया जिससे मुबाकर ने जब उसके कंधे पकड़कर बिस्तर पूजा के नाम पर लेटने का कहा तो माया ने उसके आदेश को चुपचाप मान लिया जिसके बाद अगले चार दिनों तक होटल के कमरे में मुबारक ने माया कि साथ कई दर्जन बार शारीरिक संबंध बनाकर उसे पूरी तरह से अपना मुरीद बना लिया।
चार दिन बाद माया गांव लौटी तो उसके रंग ढंग पूरी तरह बदल चुके थे। इस पर शुरू में तो उसके ससुर ने ध्यान नहीं दिया लेकिन जब ससुर ने देखा कि माया पूजा के नाम पर रोज मुबारक के घर में चार-पांच घंटे बिताने लगी है तो उनके कहने पर एक रोज देवर ने माया को मुबाकर का चक्कर छोड़कर भाई पर ध्यान देने को कहा। उसका कहना था कि दो साल हो गए मुबारक की पूजा से कोई लाभ तो हुआ नहीं तो क्यों उसके पीछे समय खराब कर रही हो।
तुम्हारा भाई पागल हो गया है, सुना तुमने पागल हो गया है तुम्हारा भाई। उसके लिए मैं दिन रात खप रही हूं और तुम लोग मेरे ऊपर बंदिश लगाना चाहते हो ताकि मैं विधवा हो जाऊ और पूरी जमीन जायजाद तुम्हें मिल जाए। देवर की बात पर माया ने भड़के हुए कहा और गांव में बखेड़ा खड़ा कर दिया। जिससे काशीराम ने बहू की हरकतों की तरफ से आंखें बंद कर ली। जिसका फायदा उठाकर माया अक्सर रिश्तेदारों के घर जाने का कहकर दो-चार दिन के लिए गायब रहने लगी। इस दौरान देवर ने देखा कि जब भाभी बाहर जाती है तब मुबारक भी गांव में दिखाई नहीं देता। इसलिए उसने भाभी का सच जानने के लिए एक रोज जब माया नहा रही थी उसने माया का मोबाइल चेक किया तो उसमें मुबारक के साथ भाभी के अश्लील वीडियो और फोटो मिल गए।
अब काशीराम के पास माया के पैर बांधकर रखने के लिए पर्याप्त सबूत थे लेकिन माया इतने पर नहीं रुकी। ससुराल में बात खुल जाने के बाद भी उसने पूजा के नाम पर रोज घंटों के लिए मुबाकर के पास जाना जारी रखा। मुबाकर के पास महिलाओं की भीड़ लगती थी। गांव की अविवाहित बेटियां भी उसके घर आना जाना करती थी जिससे काशीराम को लगा कि अगर इज्जत के डर से वह चुप रहे तो न जाने गांव के कितने परिवारों की इज्जत से मुबारक खेलता रहेगा। इसलिए उन्होंने हिम्मत कर मुबारक की करतूत के बारे में गांव के लोगों से चर्चा की तो कई पीड़ित परिवार सामने आ गए जिससे यह पाखंडी मुबारक अंसारी को सलाखों के पीछे डाल दिया गया।

घर में मिला अश्लील साहित्य का जखीरा
पुलिस ने जब मुबारक के घर छापामारी की तो ढेर सारी अश्लील साहित्य और चित्रों वाली किताबें मिली। इसके अलावा तंत्र-मंत्र का सामान और यौन शक्ति बढ़ाने वाली टेबलेट में भी बड़ी मात्रा में बरामद की गई। बताया जाता है कि मुबारक इस दवाओं को सेवन करके ही अपनी महिला भक्तों का शोषण करता था जिससे वे उसकी सेक्स पॉवर का गुलाम बन जाती थी।
पचास से अधिक महिलाओं का किया शोषण
जांच में सामने आया है कि मुबाकर ने आसपास के गांव की पचास से भी अधिक बहू-बेटियों को तंत्र-मंत्र के नाम पर अपनी वासना का शिकार बनाया है। पुलिस जानकारी जुटाकर अधिक से अधिक पीड़ित महिलाओं से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।

हिंदू नाम का आधारकार्ड मिला
आरोपी के घर की तलाशी के दौरान पुलिस को मुबारक के पास से एक हिंदू नाम का फर्जी आधारकार्ड भी मिला है। जानकारी के अनुसार मुबारक महिलाओं के साथ होटल में रुकने के लिए इसी आधारकार्ड का उपयोग करता था। जांच में सामने आया है कि वह महिलाओं को बिस्तर पूजा के नाम पर बिना किसी को बताए शहर लेकर जाता था जहां होटल में रुककर बिस्तर पर बैठकर पूजा करने के बहाने उनके साथ बलात्कार करता था।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
सत्यकथा: झाड़-फूंक के बहाने हिंदू नाम से शातिर मुबारक अली कर रहा था युवतियों का यौन शोषण
गरोठ
मुबारक अली ने गांव की भोली-भाली खूबसूरत युवतियों को अपने जाल में फंसाने के लिए तांत्रिक का चोला ओढ़ लिया था। युवतियों को अपने जाल में फंसाने के लिए वह उनकी कोख में डायन का साया और पति में मर्दाना कमजोरी की बात बताकर उन्हें अपने सांचे में उतारने के बाद उनका यौन शोषण कर रहा था। .
इज्जत के डर से चुप होकर बैठने से कोई फायदा नहीं। ऐसा ही चलता रहा तो एक रोज बाजार में पगड़ी उतरना ही है यह सोचकर मंदसौर जिले के गरोठ थाना इलाके के बलौदा गांव में रहने वाले काशीराम (बदला नाम) ने शाम के समय चौपाल में जाकर गांव के कुछ बुजुर्गों को पूरी बात बता दी।

दरअसल हुआ यह कि काशीराम का बड़ा बेटा पिछले दो तीन साल से बीमार चल रहा था। कई जगह इलाज करवाने के बाद भी जब उसे फायदा नहीं हुआ तो उसकी पत्नी ने गांव में रहने वाले एक मुबारक अली से झाड़-फूंक करवाना शुरू कर दिया था।
जिसके चलते चंद रोज पहले काशीराम के छोटे बेटे ने अपनी भाभी के मोबाइल में मुबारक अली के साथ उनके सेक्स वीडियो और फोटो देखकर जब भाभी से इस बारे में बात की तो वह भड़क गई। ससुर ने भी उसे मना किया कि आगे से मुबारिक के पास जाने की कोई जरूरत नहीं लेकिन बहू ने ससुर की भी नहीं सुनी। उसके बाद भी वह रोज शाम को पूजा के नाम पर 4-5 घंटे मुबारिक के साथ अकेले कमरे में गुजार रही थी।
काशीराम को नहीं मालूम था कि यह अकेले उसके घर की नहीं बल्कि गांव के कई घरों की कहानी है। किसी की बहू तांत्रिक के मुरीद बनी हुई है तो किसी की बेटी। इसलिए जैसे ही काशीराम ने हिम्मत कर अपने घर की कहानी लोगों को सुनाई वैसे ही कई लोगों ने भी अपना दर्द व्यक्त कर दिया जिनके घरों की बहू-बेटी मुबारक की शिकार थी। इसलिए गांव वालों ने अगले ही दिन गरोठ जाकर हिंदू संगठन के नेताओं को साथ लेेकर गरोठ थाने में फर्जी तांत्रिक के खिलाफ आवेदन दे दिया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया कि मुबारक ने हिंदू नाम से एक आधारकार्ड बनवा रखा है। वह इस फर्जी आधारकार्ड के सहारे लड़कियों का शोषण करने के लिए बाहर शहरों की होटल में कमरा किराये पर लेकर वहां उनका बलात्कार करता है।

तत्कालीन टीआई हरीश मालवीय ने गांव वालों की शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देकर दो दिन बाद बलौदा में मुबारक अली के घर पर छापामार कर बड़ी मात्रा में तंत्र-मंत्र का सामान, अश्लील फोटो वाली किताबें, सेक्स पॉवर बढ़ाने वाली दवा की टेबलेट और कई लड़कियों की अश्लील फोटो बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मुबारक ने बताया कि वह झांड-फूंक करता है लेकिन लड़कियों का यौन शोषण करने का आरोप पूरी तरह गलत है। मगर पुलिस ने जब उसके साथ सख्ती से पूछताछ की तो उसने कई दर्जन युवतियों के यौन शोषण की बात स्वीकार कर ली। जिसके बाद यह कहानी इस प्रकार सामने आई।
कोई 35-40 साल पुरानी बात है जब गरोठ थाना इलाके बलौदा गांव में पहला मुस्लिम परिवार आकर बसा। गांव में रहने वाले बाकी सभी सनातनी परिवारों को इससे कोई ऐतराज नहीं था इसलिए यह परिवार जल्द ही सबसे घुलमिल गया। कुछ समय के बाद इसी गांव में आने के बाद इस परिवार में एक बेटे का जन्म हुआ जिसका नाम मुबारक अली रखा गया। मुबारक गांव के दूसरे बच्चों के साथ खेलते हुए बड़ा हुआ लेकिन जब वह बीस साल का था अचानक एक साल के तक गांव से लापता होने के बाद जब वापस लौटा तो उसने खुद को बड़ा तांत्रिक बताना शुरू कर दिया।

पहले-पहले तो मुबारक की बात को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया लेकिन महिलाएं तंत्र-मंत्र में कुछ ज्यादा ही रुचि लेती हैं इसलिए पहले गांव की एक महिला अपनी समस्या को लेकर मुबारक से मिली फिर इनकी संख्या 2-3 से होते होते सैकड़ों में पहुंच गई। इतना ही नहीं कुछ ही महीनों के बाद आसपास के गांव की महिलाएं भी मुबारक के पास अपनी समस्या लेकर आने लगी। और खुद मुबारक भी अपनी भक्त महिलाओं के कहने पर उनके घर पूजा-पाठ करने जाने लगा। धीरे-धीरे मुबारक की आर्थिक स्थिति सुधरने लगी। जिसके बाद उसने गांव वालों पर अपने तंत्र-मंत्र का रौब दिखाना शुरू कर दिया। कौन घर बैठे आफत मोल ले यह सोचकर गांव के लोग उससे बचकर रहने लगे।
मुबारक बेहद शातिर तरीके से युवतियों और महिलाओं का शिकार करता था। वह कुंवारी लड़कियों का चेहरा पढ़कर उनकी शादी न होने का डर दिखाता था तो ज्यादातर संतान प्राप्ति के आने वाली शादीशुदा महिलाओं को उनके पति के नपंसुक होने या उनकी कोख पर डायन बैठने का डर दिखाकर पूजा के नाम पर न केवल पैसा ऐठता था बल्कि उनका यौन शोषण भी करता था।

मुबारक के काले कारनामों को राज उस समय खुला जब काशीराम के दो बड़े बेटों में एक, बड़ा बेटा दो साल पहले अचानक बीमार हुआ। पति की तबियत को लेकर उसकी पत्नी माया (बदला नाम) काफी परेशान थी। इसलिए कोई साल भर पहले जब गांव की एक औरत ने उसे अपने पति की झाड़-फूंक मुबारक अली से करवाने की सलाह दी तो माया दो दिन बाद ही पति को लेकर मुबारक अली के दरबार में जा पहुंची।
लगभग 23-24 साल की माया यौवन से लदी निहायत ही खूबसूरत औरत थी। इसलिए जब माया अपने पति को लेकर उसके पास पहुंची तो माया को सामने देख मुबारक के मुंह में पानी आ गया। उसने ठान लिया कि वह यह मौका हाथ से जाने से नहीं देखा। इसलिए उसने भीड़ को बाहर कर विशेष रूप से माया के पति को चौकी पर बैठाकर आंख बंद कर पूजा का नाटक करने के बाद माया को कहा तुम बिलकुल सही समय पर इसे लेकर मेरे पास आई हो अगर आठ दिन बाद आने वाली अमावस्या तक देर करती तो शायद पति से हाथ धो बैठती। लेकिन अब डरने की कोई बात नहीं बाबा के पास आई तो खुशियां लेकर ही जाओगी। इसके बाद उसने माया के पति के सिर पर हाथ रखकर कुछ मंत्र पढ़े फिर उसके माथे पर राख मलते हुए कहा, थोड़ा समय लगेगा क्योंकि इसके अंदर बैठी बुरी आत्मा ने इसको पूरी तरह से जकड़ लिया था। इसलिए हर रविवार को इसे लेकर आती रहना। काशीराम और उसके परिवार के दूसरे सदस्यों को न तो तंत्र-मंत्र पर भरोसा था और न मुबाकर पर। लेकिन वे माया को इसलिए नहीं रोक पा रहे थे कि माया जो कुछ भी कर रही है आखिर अपने पति और उनके बेटे के लिए ही तो कर रही है।
लेकिन महीने भर बाद मुबाकर ने माया को कहा कि अब पति को साथ लेकर आने की जरूरत नहीं है तुम अकेली आया करो मैँ पूजा कर दिया करुंगा। इसलिए अगले हफ्ते से माया अकेली जाने लगी। इस दौरान पूजा के दौरान एक रोज मुबाकर ने उससे पूछा:
कुछ फायदा हुआ पति को कि नहीं?
अभी तो समझ में नहीं आ रहा।
अरे पागल मेरे कहने का मतबल यह है कि तेरा पति तेरे साथ दो साल से हमबिस्तर नहीं हुआ, सच है?
जी, मुबाकर की बात सुनकर माया ने सिर झुकाकर कहा।
होगा भी कैसे क्योंकि उसके हर एक अंग को बुरी आत्मा से जकड़ रखा है। लेकिन यह भी सच है कि तेरी इच्छा पति के साथ हमबिस्तर होने की होती है?
मुबाकर की बात सुनकर माया चुप रही तो वह बोला बाबा से शर्म न करो जो पूछा जा रहा है सच बोला।
जी होती तो है, ऐसी कौन लड़की होगी जो इस उम्र में ऐसी कामना नहीं करेगी।
लेकिन तू किसी को बताना मत कम से कम पांच साल लगेगा तेरे पति को ठीक होने में वह तब तक तेरे साथ हमबिस्तर भी नहीं हो पाएगा। बोलो इतना इंतजार कर सकोगी?
करुंगी और कोई रास्ता भी तो नहीं है।
मेरे पास हर एक समस्या का रास्ता है। मैं तेरे साथ बिस्तर पूजा करुंगा फिर देखना कैसे तेरा पति तुझे बिस्तर से नीचे नहीं उतरने देगा। लेकिन इसके लिए तुझे मेरे साथ चार दिन के लिए बाहर चलना पड़ेगा क्योंकि पूरे चार दिन तुझे पूजा में साथ रहना होगा।
गांव में नहीं हो सकती क्या यह पूजा?
पागल जैसी बात मत कर। तेरी ससुराल वाले चार दिन तुझे मेरे घर में रहने देंगे। तू एक काम कर किसी रिश्तेदार के यहां जाने के बहाने मेरे साथ शहर चल वहां हम चुपचाप बिस्तर पूजा कर वापस आ जाएगें।

मुबाकर की बात पर माया राजी हो गई तो हफ्ते भर बाद माया अपने रिश्तेदार के घर जाने का बोलकर चुपचाप मुबारक के साथ शहर आ गई। यहां मुबारक ने हिंदू नाम से बनाए आधार कार्ड की मदद से होटल में कमरा ले लिया। जहां रात में उसने बिस्तर पूजा के नाम पर माया को निर्वस्त्र होकर बिस्तर पर बैठाने के बाद खुद भी निर्वस्त्र होकर बिस्तर पर बैठकर पूजा का नाटक करने लगा। इस दौरान वह बीच-बीच में माया के शरीर पर भभूत लगाने के नाम पर उसके नाजुक अंगों से छेड़छाड़ भी करता जा रहा था। पति की बीमारी के चलते पिछले ढेड दो साल से माया पुरुष सुख से वंचित थी इसलिए मुबाकर की हरकतों से उसने कुछ देर तक तो अपनी वासना के घोड़ों को वश में बनाए रखा लेकिन जल्द ही उसका खुद पर से नियंत्रण टूट गया जिससे मुबाकर ने जब उसके कंधे पकड़कर बिस्तर पूजा के नाम पर लेटने का कहा तो माया ने उसके आदेश को चुपचाप मान लिया जिसके बाद अगले चार दिनों तक होटल के कमरे में मुबारक ने माया कि साथ कई दर्जन बार शारीरिक संबंध बनाकर उसे पूरी तरह से अपना मुरीद बना लिया।
चार दिन बाद माया गांव लौटी तो उसके रंग ढंग पूरी तरह बदल चुके थे। इस पर शुरू में तो उसके ससुर ने ध्यान नहीं दिया लेकिन जब ससुर ने देखा कि माया पूजा के नाम पर रोज मुबारक के घर में चार-पांच घंटे बिताने लगी है तो उनके कहने पर एक रोज देवर ने माया को मुबाकर का चक्कर छोड़कर भाई पर ध्यान देने को कहा। उसका कहना था कि दो साल हो गए मुबारक की पूजा से कोई लाभ तो हुआ नहीं तो क्यों उसके पीछे समय खराब कर रही हो।
तुम्हारा भाई पागल हो गया है, सुना तुमने पागल हो गया है तुम्हारा भाई। उसके लिए मैं दिन रात खप रही हूं और तुम लोग मेरे ऊपर बंदिश लगाना चाहते हो ताकि मैं विधवा हो जाऊ और पूरी जमीन जायजाद तुम्हें मिल जाए। देवर की बात पर माया ने भड़के हुए कहा और गांव में बखेड़ा खड़ा कर दिया। जिससे काशीराम ने बहू की हरकतों की तरफ से आंखें बंद कर ली। जिसका फायदा उठाकर माया अक्सर रिश्तेदारों के घर जाने का कहकर दो-चार दिन के लिए गायब रहने लगी। इस दौरान देवर ने देखा कि जब भाभी बाहर जाती है तब मुबारक भी गांव में दिखाई नहीं देता। इसलिए उसने भाभी का सच जानने के लिए एक रोज जब माया नहा रही थी उसने माया का मोबाइल चेक किया तो उसमें मुबारक के साथ भाभी के अश्लील वीडियो और फोटो मिल गए।
अब काशीराम के पास माया के पैर बांधकर रखने के लिए पर्याप्त सबूत थे लेकिन माया इतने पर नहीं रुकी। ससुराल में बात खुल जाने के बाद भी उसने पूजा के नाम पर रोज घंटों के लिए मुबाकर के पास जाना जारी रखा। मुबाकर के पास महिलाओं की भीड़ लगती थी। गांव की अविवाहित बेटियां भी उसके घर आना जाना करती थी जिससे काशीराम को लगा कि अगर इज्जत के डर से वह चुप रहे तो न जाने गांव के कितने परिवारों की इज्जत से मुबारक खेलता रहेगा। इसलिए उन्होंने हिम्मत कर मुबारक की करतूत के बारे में गांव के लोगों से चर्चा की तो कई पीड़ित परिवार सामने आ गए जिससे यह पाखंडी मुबारक अंसारी को सलाखों के पीछे डाल दिया गया।

घर में मिला अश्लील साहित्य का जखीरा
पुलिस ने जब मुबारक के घर छापामारी की तो ढेर सारी अश्लील साहित्य और चित्रों वाली किताबें मिली। इसके अलावा तंत्र-मंत्र का सामान और यौन शक्ति बढ़ाने वाली टेबलेट में भी बड़ी मात्रा में बरामद की गई। बताया जाता है कि मुबारक इस दवाओं को सेवन करके ही अपनी महिला भक्तों का शोषण करता था जिससे वे उसकी सेक्स पॉवर का गुलाम बन जाती थी।
पचास से अधिक महिलाओं का किया शोषण
जांच में सामने आया है कि मुबाकर ने आसपास के गांव की पचास से भी अधिक बहू-बेटियों को तंत्र-मंत्र के नाम पर अपनी वासना का शिकार बनाया है। पुलिस जानकारी जुटाकर अधिक से अधिक पीड़ित महिलाओं से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।

हिंदू नाम का आधारकार्ड मिला
आरोपी के घर की तलाशी के दौरान पुलिस को मुबारक के पास से एक हिंदू नाम का फर्जी आधारकार्ड भी मिला है। जानकारी के अनुसार मुबारक महिलाओं के साथ होटल में रुकने के लिए इसी आधारकार्ड का उपयोग करता था। जांच में सामने आया है कि वह महिलाओं को बिस्तर पूजा के नाम पर बिना किसी को बताए शहर लेकर जाता था जहां होटल में रुककर बिस्तर पर बैठकर पूजा करने के बहाने उनके साथ बलात्कार करता था।
