- Hindi News
- स्पोर्ट्स
- मदर्स डे स्पेशल: मां-बेटी दोनों ने खेला इंटरनेशनल क्रिकेट, देश के लिए रचा इतिहास
मदर्स डे स्पेशल: मां-बेटी दोनों ने खेला इंटरनेशनल क्रिकेट, देश के लिए रचा इतिहास
स्पोर्ट्स डेस्क
मदर्स डे 2026 पर जानिए किम गार्थ और ऐनी-मैरी गार्थ की प्रेरणादायक कहानी, जिन्होंने अलग-अलग पीढ़ियों में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलकर इतिहास रचा।
Mothers Day 2026: मदर्स डे 2026 इस बार 10 मई को मनाया जाएगा और इस मौके पर जब हर तरफ मां के सम्मान और रिश्तों की बात हो रही है, तब क्रिकेट की दुनिया से एक ऐसी कहानी सामने आती है जो भावनाओं और उपलब्धियों दोनों से जुड़ी हुई है। Mothers Day के इस खास अवसर पर चर्चा उस मां-बेटी की जोड़ी की हो रही है, जिन्होंने अलग-अलग समय में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलकर अपने देश का नाम रोशन किया। यह कहानी ऑस्ट्रेलिया की स्टार ऑलराउंडर किम गार्थ और उनकी मां ऐनी-मैरी गार्थ की है, जिन्होंने खेल के मैदान पर अपनी मेहनत और जुनून से इतिहास में जगह बनाई।
किम गार्थ का क्रिकेट करियर बेहद कम उम्र में शुरू हुआ था। सिर्फ 14 साल की उम्र में उन्होंने आयरलैंड की महिला टीम के लिए इंटरनेशनल डेब्यू कर दिया था और उस वक्त वह दुनिया की सबसे युवा टी20 इंटरनेशनल खिलाड़ी बन गई थीं। शुरुआती दौर में ही उन्होंने अपनी ऑलराउंड क्षमता से सबको प्रभावित किया। आयरलैंड के लिए खेलते हुए किम ने वनडे और टी20 दोनों फॉर्मेट में अहम योगदान दिया। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 34 मैचों में 448 रन बनाए और 23 विकेट हासिल किए, जबकि टी20 इंटरनेशनल में 51 मैचों में 762 रन और 42 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की। साल 2021 में उन्हें आयरलैंड की दशक की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर का खिताब भी मिला, जो उनके लगातार प्रदर्शन की बड़ी पहचान थी।
हालांकि क्रिकेट सफर यहीं नहीं रुका। साल 2020 में किम ने ऑस्ट्रेलिया की ओर रुख किया और क्रिकेट विक्टोरिया के साथ अनुबंध साइन किया। यहां उन्होंने खुद को नए स्तर पर तैयार किया और कड़ी मेहनत के बाद 2022 में ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम में जगह बना ली। आज वह ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल रही हैं और दुनिया की बेहतरीन ऑलराउंडरों में उनकी गिनती होती है। मैदान पर उनका संतुलित प्रदर्शन और मैच को बदल देने वाली क्षमता उन्हें खास बनाती है।
वहीं दूसरी ओर उनकी मां ऐनी-मैरी गार्थ भी कम नहीं रहीं। उन्होंने भी अपने समय में आयरलैंड की महिला क्रिकेट टीम के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेला है। साल 1988-89 के दौरान उन्होंने 12 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने 6 विकेट हासिल किए और 14 रन बनाए। हालांकि उनका करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने जिस दौर में महिला क्रिकेट सीमित संसाधनों के साथ खेला जाता था, उसमें देश का प्रतिनिधित्व करना ही बड़ी उपलब्धि माना जाता है। खास बात यह है कि इस परिवार में क्रिकेट सिर्फ किम और उनकी मां तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके पिता जोनाथन गार्थ भी आयरलैंड के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं। उनके भाई भी क्रिकेट से जुड़े रहे हैं, जिससे यह पूरा परिवार खेल के प्रति समर्पण की मिसाल बन गया है।
ऐसे में Mothers Day के मौके पर किम और ऐनी-मैरी गार्थ की यह कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि पीढ़ियों के जुड़ाव और खेल के प्रति जुनून की भी कहानी बन जाती है, जहां एक मां का अनुभव और एक बेटी की आधुनिक प्रतिभा मिलकर एक अनोखा इतिहास रचती है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
मदर्स डे स्पेशल: मां-बेटी दोनों ने खेला इंटरनेशनल क्रिकेट, देश के लिए रचा इतिहास
स्पोर्ट्स डेस्क
Mothers Day 2026: मदर्स डे 2026 इस बार 10 मई को मनाया जाएगा और इस मौके पर जब हर तरफ मां के सम्मान और रिश्तों की बात हो रही है, तब क्रिकेट की दुनिया से एक ऐसी कहानी सामने आती है जो भावनाओं और उपलब्धियों दोनों से जुड़ी हुई है। Mothers Day के इस खास अवसर पर चर्चा उस मां-बेटी की जोड़ी की हो रही है, जिन्होंने अलग-अलग समय में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलकर अपने देश का नाम रोशन किया। यह कहानी ऑस्ट्रेलिया की स्टार ऑलराउंडर किम गार्थ और उनकी मां ऐनी-मैरी गार्थ की है, जिन्होंने खेल के मैदान पर अपनी मेहनत और जुनून से इतिहास में जगह बनाई।
किम गार्थ का क्रिकेट करियर बेहद कम उम्र में शुरू हुआ था। सिर्फ 14 साल की उम्र में उन्होंने आयरलैंड की महिला टीम के लिए इंटरनेशनल डेब्यू कर दिया था और उस वक्त वह दुनिया की सबसे युवा टी20 इंटरनेशनल खिलाड़ी बन गई थीं। शुरुआती दौर में ही उन्होंने अपनी ऑलराउंड क्षमता से सबको प्रभावित किया। आयरलैंड के लिए खेलते हुए किम ने वनडे और टी20 दोनों फॉर्मेट में अहम योगदान दिया। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 34 मैचों में 448 रन बनाए और 23 विकेट हासिल किए, जबकि टी20 इंटरनेशनल में 51 मैचों में 762 रन और 42 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की। साल 2021 में उन्हें आयरलैंड की दशक की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर का खिताब भी मिला, जो उनके लगातार प्रदर्शन की बड़ी पहचान थी।
हालांकि क्रिकेट सफर यहीं नहीं रुका। साल 2020 में किम ने ऑस्ट्रेलिया की ओर रुख किया और क्रिकेट विक्टोरिया के साथ अनुबंध साइन किया। यहां उन्होंने खुद को नए स्तर पर तैयार किया और कड़ी मेहनत के बाद 2022 में ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम में जगह बना ली। आज वह ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल रही हैं और दुनिया की बेहतरीन ऑलराउंडरों में उनकी गिनती होती है। मैदान पर उनका संतुलित प्रदर्शन और मैच को बदल देने वाली क्षमता उन्हें खास बनाती है।
वहीं दूसरी ओर उनकी मां ऐनी-मैरी गार्थ भी कम नहीं रहीं। उन्होंने भी अपने समय में आयरलैंड की महिला क्रिकेट टीम के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेला है। साल 1988-89 के दौरान उन्होंने 12 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने 6 विकेट हासिल किए और 14 रन बनाए। हालांकि उनका करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने जिस दौर में महिला क्रिकेट सीमित संसाधनों के साथ खेला जाता था, उसमें देश का प्रतिनिधित्व करना ही बड़ी उपलब्धि माना जाता है। खास बात यह है कि इस परिवार में क्रिकेट सिर्फ किम और उनकी मां तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके पिता जोनाथन गार्थ भी आयरलैंड के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं। उनके भाई भी क्रिकेट से जुड़े रहे हैं, जिससे यह पूरा परिवार खेल के प्रति समर्पण की मिसाल बन गया है।
ऐसे में Mothers Day के मौके पर किम और ऐनी-मैरी गार्थ की यह कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि पीढ़ियों के जुड़ाव और खेल के प्रति जुनून की भी कहानी बन जाती है, जहां एक मां का अनुभव और एक बेटी की आधुनिक प्रतिभा मिलकर एक अनोखा इतिहास रचती है।
