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जेफ बेजोस की लिवरपूल में एंट्री की तैयारी, करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी की डील
स्पोर्ट्स डेस्क
अमित भाटिया की अगुआई वाले निवेश समूह में बेजोस और एडुआर्डो सेवरिन, क्लब की वैल्यू करीब £4.4 अरब आंकी गई
इंग्लिश प्रीमियर लीग के दिग्गज क्लब लिवरपूल में दुनिया के बड़े कारोबारी नामों में से एक जेफ बेजोस की एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेजन के संस्थापक बेजोस एक ऐसे निवेश समूह का हिस्सा हैं, जो लिवरपूल में करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी खरीदने के लिए क्लब के मौजूदा मालिक फेनवे स्पोर्ट्स ग्रुप यानी FSG के साथ बातचीत के अंतिम दौर में है। डील पूरी होने पर लिवरपूल की वैल्यू करीब 4.4 अरब पाउंड यानी लगभग 57 हजार करोड़ रुपए आंकी जा सकती है। रॉयटर्स के मुताबिक यह फुटबॉल की दुनिया में होने वाले बड़े निवेश सौदों में शामिल होगा। अभी तक FSG या निवेश समूह की तरफ से अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स में बातचीत को सकारात्मक बताया जा रहा है। सौदे की चर्चा करीब तीन महीने से चल रही है और घोषणा इसी हफ्ते होने की संभावना जताई गई है।
इस निवेश समूह की अगुआई अमित भाटिया कर रहे हैं। भाटिया भारतीय मूल के कारोबारी हैं और स्टील कारोबारी लक्ष्मी मित्तल के दामाद हैं। वह इससे पहले क्वींस पार्क रेंजर्स से भी जुड़े रहे हैं। समूह में फेसबुक के को-फाउंडर एडुआर्डो सेवरिन का नाम भी शामिल है और अब जेफ बेजोस के जुड़ने से यह मामला और बड़ा हो गया है। शुरुआती खबरों में लिवरपूल की छोटी हिस्सेदारी खरीदने की बात सामने आई थी, लेकिन अब प्रस्तावित हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी से लेकर एक-तिहाई तक बताई जा रही है। यह निवेश 2023 में अमेरिकी निवेश कंपनी डायनेस्टी इक्विटी की ओर से खरीदी गई करीब 3 फीसदी हिस्सेदारी से काफी बड़ा होगा। उस निवेश के बाद भी क्लब के रोजमर्रा के संचालन पर कोई सीधा नियंत्रण नहीं बदला था। इस बार रकम और हिस्सेदारी दोनों काफी ज्यादा हैं, हालांकि FSG के पास नियंत्रण बना रहने की बात सामने आ रही है। यानी बेजोस और उनके साथियों की एंट्री से लिवरपूल का मालिकाना ढांचा पूरी तरह बदलने वाला नहीं है।
FSG ने 2010 में करीब 30 करोड़ पाउंड में लिवरपूल को खरीदा था। अब प्रस्तावित निवेश में क्लब की वैल्यू 4.4 अरब पाउंड के आसपास पहुंच रही है। इस लिहाज से करीब 16 साल में क्लब के कारोबारी मूल्य में जबरदस्त उछाल आया है। लिवरपूल की ब्रांड वैल्यू, दुनिया भर में उसका फैन बेस, प्रीमियर लीग की कमाई और चैंपियंस लीग में उसकी पहचान ने क्लब को निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बनाया है। FSG की ओर से पहले भी संकेत दिया गया था कि अगर किसी निवेशक की पेशकश क्लब के हित में होती है तो रणनीतिक निवेश पर विचार किया जा सकता है। इस बार अमित भाटिया के नेतृत्व वाले समूह की पेशकश उसी दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। हालांकि करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी होने के बावजूद यह नियंत्रक हिस्सेदारी नहीं होगी। FSG के पास क्लब का नियंत्रण रहने की उम्मीद है और निवेश का मुख्य उद्देश्य अतिरिक्त पूंजी जुटाना माना जा रहा है।
लिवरपूल के मुख्य कार्यकारी बिली होगन भी पहले इस निवेश प्रस्ताव की पुष्टि कर चुके हैं। उनका कहना था कि क्लब के पास अमित भाटिया की अगुआई वाले एक कंसोर्टियम की ओर से रणनीतिक अल्पमत हिस्सेदारी में निवेश का प्रस्ताव आया है। उन्होंने उस समय इससे ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया था। अब ताजा रिपोर्ट्स में जेफ बेजोस और एडुआर्डो सेवरिन जैसे नाम सामने आने के बाद इस संभावित सौदे ने फुटबॉल की दुनिया में काफी ध्यान खींचा है। बेजोस के लिए भी यह निवेश खास माना जा रहा है क्योंकि यह फुटबॉल क्लब में उनकी पहली बड़ी हिस्सेदारी होगी। अमेजन के जरिए उनका खेल कारोबार से जुड़ाव पहले से रहा है। कंपनी ने ब्रिटेन में प्रीमियर लीग के प्रसारण अधिकार भी रखे हैं और दूसरे बड़े खेल आयोजनों में भी उसकी मौजूदगी रही है। ऐसे में लिवरपूल में निवेश उनके खेल कारोबार से रिश्ते को एक अलग स्तर पर ले जा सकता है।
पूर्व लिवरपूल CEO पीटर मूर ने भी अमित भाटिया की संभावित भूमिका को लेकर दिलचस्प बात कही है। उनका मानना है कि अगर निवेश पूरा होता है तो भाटिया सिर्फ आर्थिक निवेशक बनकर सीमित नहीं रह सकते। फुटबॉल के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए क्लब के कामकाज और प्रशासन में उनकी भागीदारी बढ़ सकती है। मूर के मुताबिक FSG से जुड़े प्रमुख लोग क्लब को लेकर प्रतिबद्ध हैं, लेकिन उनकी उम्र और दूसरे कारोबारी दायित्वों को देखते हुए भविष्य में ऐसे निवेशक की जरूरत हो सकती है जो लिवरपूल के साथ ज्यादा सक्रिय रूप से जुड़ा रहे। उन्होंने भाटिया को फुटबॉल की समझ रखने वाला और खेल के प्रति रुचि रखने वाला व्यक्ति बताया।
यह संभावित निवेश ऐसे समय में सामने आया है जब लिवरपूल के भीतर भी कई बड़े बदलाव हुए हैं। क्लब ने पिछले सीजन के बाद मैनेजर अर्ने स्लॉट से अलग होने का फैसला किया और उनकी जगह एंडोनी इराओला को जिम्मेदारी दी गई है। पिछले सीजन में लिवरपूल पांचवें स्थान पर रहा था और टीम पर खिलाड़ियों की खरीद में करीब 446 मिलियन पाउंड खर्च किए गए थे। क्लब के प्रमुख खिलाड़ी मोहम्मद सलाह भी अब टीम का हिस्सा नहीं हैं और FSG के फुटबॉल कारोबार से जुड़े माइकल एडवर्ड्स ने जुलाई में पद छोड़ दिया। ऐसे माहौल में नया निवेश क्लब की वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
जेफ बेजोस की लिवरपूल में एंट्री की तैयारी, करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी की डील
स्पोर्ट्स डेस्क
इंग्लिश प्रीमियर लीग के दिग्गज क्लब लिवरपूल में दुनिया के बड़े कारोबारी नामों में से एक जेफ बेजोस की एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेजन के संस्थापक बेजोस एक ऐसे निवेश समूह का हिस्सा हैं, जो लिवरपूल में करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी खरीदने के लिए क्लब के मौजूदा मालिक फेनवे स्पोर्ट्स ग्रुप यानी FSG के साथ बातचीत के अंतिम दौर में है। डील पूरी होने पर लिवरपूल की वैल्यू करीब 4.4 अरब पाउंड यानी लगभग 57 हजार करोड़ रुपए आंकी जा सकती है। रॉयटर्स के मुताबिक यह फुटबॉल की दुनिया में होने वाले बड़े निवेश सौदों में शामिल होगा। अभी तक FSG या निवेश समूह की तरफ से अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स में बातचीत को सकारात्मक बताया जा रहा है। सौदे की चर्चा करीब तीन महीने से चल रही है और घोषणा इसी हफ्ते होने की संभावना जताई गई है।
इस निवेश समूह की अगुआई अमित भाटिया कर रहे हैं। भाटिया भारतीय मूल के कारोबारी हैं और स्टील कारोबारी लक्ष्मी मित्तल के दामाद हैं। वह इससे पहले क्वींस पार्क रेंजर्स से भी जुड़े रहे हैं। समूह में फेसबुक के को-फाउंडर एडुआर्डो सेवरिन का नाम भी शामिल है और अब जेफ बेजोस के जुड़ने से यह मामला और बड़ा हो गया है। शुरुआती खबरों में लिवरपूल की छोटी हिस्सेदारी खरीदने की बात सामने आई थी, लेकिन अब प्रस्तावित हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी से लेकर एक-तिहाई तक बताई जा रही है। यह निवेश 2023 में अमेरिकी निवेश कंपनी डायनेस्टी इक्विटी की ओर से खरीदी गई करीब 3 फीसदी हिस्सेदारी से काफी बड़ा होगा। उस निवेश के बाद भी क्लब के रोजमर्रा के संचालन पर कोई सीधा नियंत्रण नहीं बदला था। इस बार रकम और हिस्सेदारी दोनों काफी ज्यादा हैं, हालांकि FSG के पास नियंत्रण बना रहने की बात सामने आ रही है। यानी बेजोस और उनके साथियों की एंट्री से लिवरपूल का मालिकाना ढांचा पूरी तरह बदलने वाला नहीं है।
FSG ने 2010 में करीब 30 करोड़ पाउंड में लिवरपूल को खरीदा था। अब प्रस्तावित निवेश में क्लब की वैल्यू 4.4 अरब पाउंड के आसपास पहुंच रही है। इस लिहाज से करीब 16 साल में क्लब के कारोबारी मूल्य में जबरदस्त उछाल आया है। लिवरपूल की ब्रांड वैल्यू, दुनिया भर में उसका फैन बेस, प्रीमियर लीग की कमाई और चैंपियंस लीग में उसकी पहचान ने क्लब को निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बनाया है। FSG की ओर से पहले भी संकेत दिया गया था कि अगर किसी निवेशक की पेशकश क्लब के हित में होती है तो रणनीतिक निवेश पर विचार किया जा सकता है। इस बार अमित भाटिया के नेतृत्व वाले समूह की पेशकश उसी दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। हालांकि करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी होने के बावजूद यह नियंत्रक हिस्सेदारी नहीं होगी। FSG के पास क्लब का नियंत्रण रहने की उम्मीद है और निवेश का मुख्य उद्देश्य अतिरिक्त पूंजी जुटाना माना जा रहा है।
लिवरपूल के मुख्य कार्यकारी बिली होगन भी पहले इस निवेश प्रस्ताव की पुष्टि कर चुके हैं। उनका कहना था कि क्लब के पास अमित भाटिया की अगुआई वाले एक कंसोर्टियम की ओर से रणनीतिक अल्पमत हिस्सेदारी में निवेश का प्रस्ताव आया है। उन्होंने उस समय इससे ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया था। अब ताजा रिपोर्ट्स में जेफ बेजोस और एडुआर्डो सेवरिन जैसे नाम सामने आने के बाद इस संभावित सौदे ने फुटबॉल की दुनिया में काफी ध्यान खींचा है। बेजोस के लिए भी यह निवेश खास माना जा रहा है क्योंकि यह फुटबॉल क्लब में उनकी पहली बड़ी हिस्सेदारी होगी। अमेजन के जरिए उनका खेल कारोबार से जुड़ाव पहले से रहा है। कंपनी ने ब्रिटेन में प्रीमियर लीग के प्रसारण अधिकार भी रखे हैं और दूसरे बड़े खेल आयोजनों में भी उसकी मौजूदगी रही है। ऐसे में लिवरपूल में निवेश उनके खेल कारोबार से रिश्ते को एक अलग स्तर पर ले जा सकता है।
पूर्व लिवरपूल CEO पीटर मूर ने भी अमित भाटिया की संभावित भूमिका को लेकर दिलचस्प बात कही है। उनका मानना है कि अगर निवेश पूरा होता है तो भाटिया सिर्फ आर्थिक निवेशक बनकर सीमित नहीं रह सकते। फुटबॉल के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए क्लब के कामकाज और प्रशासन में उनकी भागीदारी बढ़ सकती है। मूर के मुताबिक FSG से जुड़े प्रमुख लोग क्लब को लेकर प्रतिबद्ध हैं, लेकिन उनकी उम्र और दूसरे कारोबारी दायित्वों को देखते हुए भविष्य में ऐसे निवेशक की जरूरत हो सकती है जो लिवरपूल के साथ ज्यादा सक्रिय रूप से जुड़ा रहे। उन्होंने भाटिया को फुटबॉल की समझ रखने वाला और खेल के प्रति रुचि रखने वाला व्यक्ति बताया।
यह संभावित निवेश ऐसे समय में सामने आया है जब लिवरपूल के भीतर भी कई बड़े बदलाव हुए हैं। क्लब ने पिछले सीजन के बाद मैनेजर अर्ने स्लॉट से अलग होने का फैसला किया और उनकी जगह एंडोनी इराओला को जिम्मेदारी दी गई है। पिछले सीजन में लिवरपूल पांचवें स्थान पर रहा था और टीम पर खिलाड़ियों की खरीद में करीब 446 मिलियन पाउंड खर्च किए गए थे। क्लब के प्रमुख खिलाड़ी मोहम्मद सलाह भी अब टीम का हिस्सा नहीं हैं और FSG के फुटबॉल कारोबार से जुड़े माइकल एडवर्ड्स ने जुलाई में पद छोड़ दिया। ऐसे माहौल में नया निवेश क्लब की वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
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