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ब्राजील की दमदार वापसी, हैती को 3-0 से हराकर ग्रुप-सी में पहुंचा शीर्ष पर
स्पोर्ट्स डेस्क
माथियस कुन्हा के दो गोल और विनीसियस जूनियर के शानदार प्रदर्शन से ब्राजील को पहली जीत, हैती नॉकआउट की दौड़ से बाहर होने वाली पहली टीम बनी
पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज करते हुए हैती को 3-0 से हरा दिया। ग्रुप-सी के इस मुकाबले में ब्राजील ने शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा और पहले हाफ में किए गए तीन गोलों की बदौलत आसानी से जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ ब्राजील चार अंकों के साथ ग्रुप-सी की अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। वहीं लगातार दूसरी हार झेलने वाली हैती टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई। मैच में मैनचेस्टर यूनाइटेड के फॉरवर्ड माथियस कुन्हा ने दो गोल दागकर अपनी टीम की जीत में सबसे बड़ी भूमिका निभाई, जबकि तीसरा गोल स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर ने किया। मैच की शुरुआत से ही ब्राजील ने आक्रामक रुख अपनाया। शुरुआती मिनटों में गेंद पर उसका नियंत्रण साफ दिखाई दे रहा था। हैती की टीम रक्षात्मक रणनीति के साथ मैदान में उतरी थी, लेकिन ब्राजील के तेज आक्रमणों के सामने उसका डिफेंस लगातार दबाव में नजर आया। ब्राजील के मिडफील्ड खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल दिखाते हुए बार-बार मौके बनाए। विनीसियस जूनियर और कुन्हा की जोड़ी शुरुआत से ही हैती के डिफेंडरों के लिए परेशानी का कारण बनी रही।
ब्राजील को पहला गोल 23वें मिनट में मिला। विनीसियस जूनियर ने बाएं फ्लैंक से शानदार मूव बनाते हुए गोल की ओर शॉट लगाया। गेंद पोस्ट से टकराकर वापस मैदान में आई, लेकिन वहां मौजूद माथियस कुन्हा ने तेजी दिखाते हुए रिबाउंड पर गोल कर दिया। इस गोल के साथ ब्राजील ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। यह कुन्हा का विश्व कप में पहला गोल था और उन्होंने इसे खास अंदाज में सेलिब्रेट किया। गोल के बाद ब्राजील के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया। पहले गोल के बाद हैती ने कुछ समय के लिए गेंद पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की, लेकिन ब्राजील ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए। 36वें मिनट में ब्राजील ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। इस बार भी विनीसियस जूनियर ने शानदार भूमिका निभाई। उन्होंने मिडफील्ड से सटीक पास देकर कुन्हा को गोल करने का मौका दिया। कुन्हा ने बिना समय गंवाए बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाया और गेंद सीधे गोलपोस्ट के अंदर पहुंच गई। इस गोल के साथ स्कोर 2-0 हो गया और हैती की मुश्किलें काफी बढ़ गईं। हाफ टाइम से ठीक पहले ब्राजील ने तीसरा गोल भी कर दिया। मिडफील्डर लुकास पैकेटा के शानदार फ्लिक पास पर विनीसियस जूनियर गेंद लेकर तेजी से आगे बढ़े। उन्होंने दो डिफेंडरों को चकमा दिया और फिर हैती के गोलकीपर एलेक्जेंडर प्लेसिड के पैरों के बीच से गेंद को गोल में पहुंचा दिया। यह गोल तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन उदाहरण था। पहले हाफ की समाप्ति तक ब्राजील 3-0 से आगे था और मैच लगभग उसके नियंत्रण में आ चुका था।
दूसरे हाफ में हैती ने वापसी की कोशिश जरूर की। टीम ने कुछ आक्रामक बदलाव भी किए और गेंद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन ब्राजील का डिफेंस पूरी तरह सतर्क था। डिफेंडरों ने हैती के हर हमले को विफल कर दिया। गोलकीपर ने भी कुछ अहम बचाव किए, जिससे हैती को स्कोर करने का कोई मौका नहीं मिला। दूसरी तरफ ब्राजील ने अपनी बढ़त को बनाए रखने पर ज्यादा ध्यान दिया और अनावश्यक जोखिम लेने से बचा। इसी कारण दूसरे हाफ में कोई गोल नहीं हो सका। इस जीत के साथ ब्राजील ने एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टीम ने 24 साल बाद विश्व कप के ग्रुप चरण के किसी मुकाबले में तीन गोल दागे हैं। इससे पहले 2002 विश्व कप में ब्राजील ने चीन और कोस्टा रिका के खिलाफ तीन से अधिक गोल किए थे। फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि 2002 वही वर्ष था जब ब्राजील ने अपना पांचवां विश्व कप खिताब जीता था। ब्राजील ने विश्व कप इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। टीम अब टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीम बन गई है। हैती के खिलाफ तीन गोल करने के बाद उसके कुल गोलों की संख्या 241 हो गई। इस मामले में उसने जर्मनी को पीछे छोड़ दिया, जिसके नाम 239 गोल दर्ज थे। ब्राजील ने अब तक 116 विश्व कप मुकाबलों में यह उपलब्धि हासिल की है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकॉर्ड ब्राजील की दशकों से चली आ रही आक्रामक फुटबॉल शैली और लगातार अच्छे प्रदर्शन का परिणाम है।
दूसरी तरफ हैती के लिए यह मुकाबला निराशाजनक रहा। 1974 के बाद पहली बार विश्व कप में खेलने का मौका पाने वाली टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआती दो मैचों में हार ने उसकी उम्मीदों को खत्म कर दिया। अब हैती का अंतिम मुकाबला मोरक्को के खिलाफ होगा, लेकिन नॉकआउट की दौड़ से बाहर होने के कारण वह केवल सम्मान बचाने के लिए खेलेगी। ग्रुप-सी की स्थिति पर नजर डालें तो ब्राजील और मोरक्को दोनों के चार-चार अंक हैं। हालांकि बेहतर गोल डिफरेंस के कारण ब्राजील शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। मोरक्को ने भी अपने दूसरे मुकाबले में स्कॉटलैंड को 1-0 से हराकर मजबूत दावेदारी पेश की है। ऐसे में ग्रुप-सी से नॉकआउट में जगह बनाने की लड़ाई और रोचक हो गई है। ब्राजील इस जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा और नॉकआउट में जगह लगभग पक्की करने की कोशिश करेगा। वहीं स्कॉटलैंड के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा साबित हो सकता है।
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ब्राजील की दमदार वापसी, हैती को 3-0 से हराकर ग्रुप-सी में पहुंचा शीर्ष पर
स्पोर्ट्स डेस्क
पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज करते हुए हैती को 3-0 से हरा दिया। ग्रुप-सी के इस मुकाबले में ब्राजील ने शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा और पहले हाफ में किए गए तीन गोलों की बदौलत आसानी से जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ ब्राजील चार अंकों के साथ ग्रुप-सी की अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। वहीं लगातार दूसरी हार झेलने वाली हैती टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई। मैच में मैनचेस्टर यूनाइटेड के फॉरवर्ड माथियस कुन्हा ने दो गोल दागकर अपनी टीम की जीत में सबसे बड़ी भूमिका निभाई, जबकि तीसरा गोल स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर ने किया। मैच की शुरुआत से ही ब्राजील ने आक्रामक रुख अपनाया। शुरुआती मिनटों में गेंद पर उसका नियंत्रण साफ दिखाई दे रहा था। हैती की टीम रक्षात्मक रणनीति के साथ मैदान में उतरी थी, लेकिन ब्राजील के तेज आक्रमणों के सामने उसका डिफेंस लगातार दबाव में नजर आया। ब्राजील के मिडफील्ड खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल दिखाते हुए बार-बार मौके बनाए। विनीसियस जूनियर और कुन्हा की जोड़ी शुरुआत से ही हैती के डिफेंडरों के लिए परेशानी का कारण बनी रही।
ब्राजील को पहला गोल 23वें मिनट में मिला। विनीसियस जूनियर ने बाएं फ्लैंक से शानदार मूव बनाते हुए गोल की ओर शॉट लगाया। गेंद पोस्ट से टकराकर वापस मैदान में आई, लेकिन वहां मौजूद माथियस कुन्हा ने तेजी दिखाते हुए रिबाउंड पर गोल कर दिया। इस गोल के साथ ब्राजील ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। यह कुन्हा का विश्व कप में पहला गोल था और उन्होंने इसे खास अंदाज में सेलिब्रेट किया। गोल के बाद ब्राजील के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया। पहले गोल के बाद हैती ने कुछ समय के लिए गेंद पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की, लेकिन ब्राजील ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए। 36वें मिनट में ब्राजील ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। इस बार भी विनीसियस जूनियर ने शानदार भूमिका निभाई। उन्होंने मिडफील्ड से सटीक पास देकर कुन्हा को गोल करने का मौका दिया। कुन्हा ने बिना समय गंवाए बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाया और गेंद सीधे गोलपोस्ट के अंदर पहुंच गई। इस गोल के साथ स्कोर 2-0 हो गया और हैती की मुश्किलें काफी बढ़ गईं। हाफ टाइम से ठीक पहले ब्राजील ने तीसरा गोल भी कर दिया। मिडफील्डर लुकास पैकेटा के शानदार फ्लिक पास पर विनीसियस जूनियर गेंद लेकर तेजी से आगे बढ़े। उन्होंने दो डिफेंडरों को चकमा दिया और फिर हैती के गोलकीपर एलेक्जेंडर प्लेसिड के पैरों के बीच से गेंद को गोल में पहुंचा दिया। यह गोल तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन उदाहरण था। पहले हाफ की समाप्ति तक ब्राजील 3-0 से आगे था और मैच लगभग उसके नियंत्रण में आ चुका था।
दूसरे हाफ में हैती ने वापसी की कोशिश जरूर की। टीम ने कुछ आक्रामक बदलाव भी किए और गेंद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन ब्राजील का डिफेंस पूरी तरह सतर्क था। डिफेंडरों ने हैती के हर हमले को विफल कर दिया। गोलकीपर ने भी कुछ अहम बचाव किए, जिससे हैती को स्कोर करने का कोई मौका नहीं मिला। दूसरी तरफ ब्राजील ने अपनी बढ़त को बनाए रखने पर ज्यादा ध्यान दिया और अनावश्यक जोखिम लेने से बचा। इसी कारण दूसरे हाफ में कोई गोल नहीं हो सका। इस जीत के साथ ब्राजील ने एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टीम ने 24 साल बाद विश्व कप के ग्रुप चरण के किसी मुकाबले में तीन गोल दागे हैं। इससे पहले 2002 विश्व कप में ब्राजील ने चीन और कोस्टा रिका के खिलाफ तीन से अधिक गोल किए थे। फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि 2002 वही वर्ष था जब ब्राजील ने अपना पांचवां विश्व कप खिताब जीता था। ब्राजील ने विश्व कप इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। टीम अब टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीम बन गई है। हैती के खिलाफ तीन गोल करने के बाद उसके कुल गोलों की संख्या 241 हो गई। इस मामले में उसने जर्मनी को पीछे छोड़ दिया, जिसके नाम 239 गोल दर्ज थे। ब्राजील ने अब तक 116 विश्व कप मुकाबलों में यह उपलब्धि हासिल की है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकॉर्ड ब्राजील की दशकों से चली आ रही आक्रामक फुटबॉल शैली और लगातार अच्छे प्रदर्शन का परिणाम है।
दूसरी तरफ हैती के लिए यह मुकाबला निराशाजनक रहा। 1974 के बाद पहली बार विश्व कप में खेलने का मौका पाने वाली टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआती दो मैचों में हार ने उसकी उम्मीदों को खत्म कर दिया। अब हैती का अंतिम मुकाबला मोरक्को के खिलाफ होगा, लेकिन नॉकआउट की दौड़ से बाहर होने के कारण वह केवल सम्मान बचाने के लिए खेलेगी। ग्रुप-सी की स्थिति पर नजर डालें तो ब्राजील और मोरक्को दोनों के चार-चार अंक हैं। हालांकि बेहतर गोल डिफरेंस के कारण ब्राजील शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। मोरक्को ने भी अपने दूसरे मुकाबले में स्कॉटलैंड को 1-0 से हराकर मजबूत दावेदारी पेश की है। ऐसे में ग्रुप-सी से नॉकआउट में जगह बनाने की लड़ाई और रोचक हो गई है। ब्राजील इस जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा और नॉकआउट में जगह लगभग पक्की करने की कोशिश करेगा। वहीं स्कॉटलैंड के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा साबित हो सकता है।
