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हेनरी निकोल्स के शतक से न्यूजीलैंड का दबदबा, इंग्लैंड पर 352 रन की बढ़त
स्पोर्ट्स डेस्क
ओवल टेस्ट के तीसरे दिन रचिन रवींद्र और हेनरी निकोल्स की 161 रन की साझेदारी ने कीवी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, इंग्लैंड की फील्डिंग बनी बड़ी चिंता
लंदन के ऐतिहासिक ओवल मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली है। कीवी टीम ने इंग्लैंड पर 352 रन की बड़ी बढ़त हासिल कर ली है और अब वह जीत की दिशा में तेजी से बढ़ती नजर आ रही है। दिन का खेल समाप्त होने तक न्यूजीलैंड ने अपनी दूसरी पारी में 3 विकेट के नुकसान पर 252 रन बना लिए थे। हेनरी निकोल्स 119 रन बनाकर नाबाद लौटे, जबकि डेरिल मिचेल 32 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं। दोनों बल्लेबाज चौथे दिन टीम की बढ़त को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
तीसरे दिन की शुरुआत इंग्लैंड की पहली पारी से हुई। मेजबान टीम ने दिन की शुरुआत 9 विकेट पर 238 रन से आगे खेलते हुए की। इंग्लैंड को उम्मीद थी कि निचला क्रम कुछ महत्वपूर्ण रन जोड़कर स्कोर को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाएगा। इस दौरान तेज गेंदबाज मैथ्यू फिशर ने शानदार जुझारूपन दिखाया और अपने फर्स्ट क्लास करियर की तीसरी अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने अंतिम विकेट के लिए सोनी बेकर के साथ 53 रन की अहम साझेदारी की। इस साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड का स्कोर 291 रन तक पहुंचा, लेकिन इसके बावजूद टीम पहली पारी में न्यूजीलैंड से 100 रन पीछे रह गई। न्यूजीलैंड की ओर से पहली पारी में मैट हेनरी सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 80 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। यह उनके टेस्ट करियर का सातवां फाइव-विकेट हॉल रहा। खास बात यह रही कि इंग्लैंड के खिलाफ किसी टेस्ट पारी में उन्होंने पहली बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया। उनकी सटीक लाइन और लेंथ ने इंग्लिश बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। हेनरी की गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड को पहली पारी में अहम बढ़त दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
दूसरी पारी में न्यूजीलैंड की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। दोनों सलामी बल्लेबाज टॉम लाथम और डेवोन कॉनवे जल्दी आउट होकर पवेलियन लौट गए। इंग्लैंड को लगने लगा था कि वह मैच में वापसी कर सकता है और शुरुआती दबाव बनाकर न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक देगा। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे मैच का रुख बदल दिया। रचिन रवींद्र और हेनरी निकोल्स ने न्यूजीलैंड की पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई। हालांकि इंग्लैंड के पास दोनों बल्लेबाजों को जल्दी आउट करने के मौके भी आए, लेकिन टीम उन्हें भुनाने में असफल रही। रचिन रवींद्र जब केवल 7 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब जोश टंग की गेंद पर विकेटकीपर जेम्स रीव ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। उस समय न्यूजीलैंड का स्कोर 48 रन था और इंग्लैंड को तीसरी सफलता मिल सकती थी।
इसके कुछ समय बाद हेनरी निकोल्स को भी जीवनदान मिला। टी ब्रेक के बाद जोफ्रा आर्चर की गेंद पर जेम्स रीव ने उनका भी कैच छोड़ दिया। उस समय निकोल्स 42 रन पर खेल रहे थे। इंग्लैंड की यह गलती बेहद महंगी साबित हुई। दोनों बल्लेबाजों ने मिले अवसर का पूरा फायदा उठाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों को निराश कर दिया। रचिन रवींद्र और हेनरी निकोल्स के बीच तीसरे विकेट के लिए 161 रन की शानदार साझेदारी हुई। दोनों ने 201 गेंदों में यह साझेदारी पूरी की और मैच को पूरी तरह न्यूजीलैंड के पक्ष में मोड़ दिया। रवींद्र ने 76 रन की संयमित और महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्होंने विकेट पर टिककर बल्लेबाजी की और निकोल्स के साथ मिलकर इंग्लैंड के गेंदबाजों का धैर्य तोड़ दिया।
दूसरी ओर, हेनरी निकोल्स ने अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया। केन विलियमसन की अनुपस्थिति में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे निकोल्स ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए टेस्ट करियर का 11वां शतक पूरा किया। उन्होंने केवल 136 गेंदों में शतक लगाया और अपनी पारी में 14 चौके जड़े। लंबे समय बाद टीम में वापसी कर रहे निकोल्स के लिए यह शतक बेहद खास माना जा रहा है। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और नियंत्रण साफ दिखाई दिया। इंग्लैंड के गेंदबाज शुरुआती सफलता के बाद लय बनाए रखने में असफल रहे। जोफ्रा आर्चर, जोश टंग और अन्य गेंदबाजों ने मौके तो बनाए, लेकिन फील्डिंग में हुई गलतियों ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। कप्तान की रणनीति भी बीच के सत्रों में असरदार साबित नहीं हुई। जैसे-जैसे साझेदारी बढ़ती गई, इंग्लैंड के खिलाड़ियों का मनोबल भी गिरता नजर आया। अब चौथे दिन इंग्लैंड के सामने सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड को जल्द से जल्द ऑलआउट करने की होगी। अगर कीवी टीम अपनी बढ़त को 450 या 500 रन तक ले जाने में सफल रहती है तो इंग्लैंड के लिए मुकाबले में वापसी करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। वहीं न्यूजीलैंड की कोशिश होगी कि पहले सत्र में तेजी से रन बनाकर इंग्लैंड को विशाल लक्ष्य दिया जाए।
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हेनरी निकोल्स के शतक से न्यूजीलैंड का दबदबा, इंग्लैंड पर 352 रन की बढ़त
स्पोर्ट्स डेस्क
लंदन के ऐतिहासिक ओवल मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली है। कीवी टीम ने इंग्लैंड पर 352 रन की बड़ी बढ़त हासिल कर ली है और अब वह जीत की दिशा में तेजी से बढ़ती नजर आ रही है। दिन का खेल समाप्त होने तक न्यूजीलैंड ने अपनी दूसरी पारी में 3 विकेट के नुकसान पर 252 रन बना लिए थे। हेनरी निकोल्स 119 रन बनाकर नाबाद लौटे, जबकि डेरिल मिचेल 32 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं। दोनों बल्लेबाज चौथे दिन टीम की बढ़त को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
तीसरे दिन की शुरुआत इंग्लैंड की पहली पारी से हुई। मेजबान टीम ने दिन की शुरुआत 9 विकेट पर 238 रन से आगे खेलते हुए की। इंग्लैंड को उम्मीद थी कि निचला क्रम कुछ महत्वपूर्ण रन जोड़कर स्कोर को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाएगा। इस दौरान तेज गेंदबाज मैथ्यू फिशर ने शानदार जुझारूपन दिखाया और अपने फर्स्ट क्लास करियर की तीसरी अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने अंतिम विकेट के लिए सोनी बेकर के साथ 53 रन की अहम साझेदारी की। इस साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड का स्कोर 291 रन तक पहुंचा, लेकिन इसके बावजूद टीम पहली पारी में न्यूजीलैंड से 100 रन पीछे रह गई। न्यूजीलैंड की ओर से पहली पारी में मैट हेनरी सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 80 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। यह उनके टेस्ट करियर का सातवां फाइव-विकेट हॉल रहा। खास बात यह रही कि इंग्लैंड के खिलाफ किसी टेस्ट पारी में उन्होंने पहली बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया। उनकी सटीक लाइन और लेंथ ने इंग्लिश बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। हेनरी की गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड को पहली पारी में अहम बढ़त दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
दूसरी पारी में न्यूजीलैंड की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। दोनों सलामी बल्लेबाज टॉम लाथम और डेवोन कॉनवे जल्दी आउट होकर पवेलियन लौट गए। इंग्लैंड को लगने लगा था कि वह मैच में वापसी कर सकता है और शुरुआती दबाव बनाकर न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक देगा। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे मैच का रुख बदल दिया। रचिन रवींद्र और हेनरी निकोल्स ने न्यूजीलैंड की पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई। हालांकि इंग्लैंड के पास दोनों बल्लेबाजों को जल्दी आउट करने के मौके भी आए, लेकिन टीम उन्हें भुनाने में असफल रही। रचिन रवींद्र जब केवल 7 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब जोश टंग की गेंद पर विकेटकीपर जेम्स रीव ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। उस समय न्यूजीलैंड का स्कोर 48 रन था और इंग्लैंड को तीसरी सफलता मिल सकती थी।
इसके कुछ समय बाद हेनरी निकोल्स को भी जीवनदान मिला। टी ब्रेक के बाद जोफ्रा आर्चर की गेंद पर जेम्स रीव ने उनका भी कैच छोड़ दिया। उस समय निकोल्स 42 रन पर खेल रहे थे। इंग्लैंड की यह गलती बेहद महंगी साबित हुई। दोनों बल्लेबाजों ने मिले अवसर का पूरा फायदा उठाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों को निराश कर दिया। रचिन रवींद्र और हेनरी निकोल्स के बीच तीसरे विकेट के लिए 161 रन की शानदार साझेदारी हुई। दोनों ने 201 गेंदों में यह साझेदारी पूरी की और मैच को पूरी तरह न्यूजीलैंड के पक्ष में मोड़ दिया। रवींद्र ने 76 रन की संयमित और महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्होंने विकेट पर टिककर बल्लेबाजी की और निकोल्स के साथ मिलकर इंग्लैंड के गेंदबाजों का धैर्य तोड़ दिया।
दूसरी ओर, हेनरी निकोल्स ने अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया। केन विलियमसन की अनुपस्थिति में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे निकोल्स ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए टेस्ट करियर का 11वां शतक पूरा किया। उन्होंने केवल 136 गेंदों में शतक लगाया और अपनी पारी में 14 चौके जड़े। लंबे समय बाद टीम में वापसी कर रहे निकोल्स के लिए यह शतक बेहद खास माना जा रहा है। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और नियंत्रण साफ दिखाई दिया। इंग्लैंड के गेंदबाज शुरुआती सफलता के बाद लय बनाए रखने में असफल रहे। जोफ्रा आर्चर, जोश टंग और अन्य गेंदबाजों ने मौके तो बनाए, लेकिन फील्डिंग में हुई गलतियों ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। कप्तान की रणनीति भी बीच के सत्रों में असरदार साबित नहीं हुई। जैसे-जैसे साझेदारी बढ़ती गई, इंग्लैंड के खिलाड़ियों का मनोबल भी गिरता नजर आया। अब चौथे दिन इंग्लैंड के सामने सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड को जल्द से जल्द ऑलआउट करने की होगी। अगर कीवी टीम अपनी बढ़त को 450 या 500 रन तक ले जाने में सफल रहती है तो इंग्लैंड के लिए मुकाबले में वापसी करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। वहीं न्यूजीलैंड की कोशिश होगी कि पहले सत्र में तेजी से रन बनाकर इंग्लैंड को विशाल लक्ष्य दिया जाए।
