बारिश में बालों को फ्रिजी होने से बचाएंगे सिल्क-सैटिन एक्सेसरीज, जानें सही इस्तेमाल

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उमस और नमी के मौसम में बालों की देखभाल के लिए सिल्क स्क्रंची और पिलोकेस मददगार हो सकते हैं, लेकिन इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करना भी जरूरी

बारिश का मौसम आते ही बालों से जुड़ी एक शिकायत काफी आम हो जाती है—बाल धोने के बाद ठीक दिखते हैं, लेकिन कुछ देर बाहर निकलते ही फ्रिजी, उलझे और बेजान नजर आने लगते हैं। हवा में नमी बढ़ने से बालों का टेक्सचर भी बदल सकता है और खासकर घुंघराले या वेवी बालों में यह परेशानी ज्यादा दिखाई देती है। ऐसे में इन दिनों सिल्क और सैटिन हेयर एक्सेसरीज की चर्चा बढ़ी है। सिल्क स्क्रंची, सैटिन स्क्रंची, सिल्क पिलोकेस और सैटिन बोनट को बालों के लिए कम घर्षण वाला विकल्प माना जाता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी घुंघराले या टेक्सचर्ड बालों के लिए रात में सिल्क या सैटिन बोनट अथवा पिलोकेस इस्तेमाल करने का सुझाव देती है, क्योंकि इससे तकिए के साथ बालों का घर्षण कम हो सकता है और फ्रिजिंग व टूटने की समस्या में मदद मिल सकती है।

बारिश के मौसम में असली परेशानी सिर्फ पानी नहीं, बल्कि उमस और बालों में नमी का संतुलन बिगड़ना भी है। जब बाल पहले से ही रूखे या डैमेज हों तो नमी वाले मौसम में उनका बाहरी टेक्सचर और ज्यादा फूला हुआ दिख सकता है। ऐसे में लोग अक्सर बालों को बार-बार ब्रश करते हैं या कसकर बांध लेते हैं, लेकिन इससे स्थिति और खराब हो सकती है। डर्मेटोलॉजिस्ट भी बालों को जरूरत से ज्यादा ब्रश करने से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि ज्यादा ब्रशिंग से टूटने और स्प्लिट एंड्स की समस्या बढ़ सकती है। खासकर घुंघराले बालों को सूखे में बार-बार ब्रश करने के बजाय सही तरीके से डिटैंगल करना बेहतर माना जाता है।

ऐसे में सिल्क स्क्रंची रोजमर्रा के हेयरस्टाइल में एक आसान बदलाव हो सकता है। सामान्य रबर बैंड या बहुत टाइट हेयर टाई बालों को एक ही जगह से खींचती रहती है। लंबे समय तक लगातार तनाव रहने पर बाल टूट सकते हैं और हेयरलाइन के आसपास नुकसान भी दिखाई दे सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के मुताबिक बहुत टाइट हेयरस्टाइल और लगातार खिंचाव बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए बारिश में बाल बांधने हों तो बहुत कसकर पोनीटेल या बन बनाने के बजाय ढीली स्टाइल बेहतर विकल्प हो सकती है। सिल्क या सैटिन की स्क्रंची इस मामले में बालों पर अपेक्षाकृत कम रगड़ पैदा कर सकती है।

सिल्क पिलोकेस का फायदा रात के समय ज्यादा दिखाई दे सकता है। सोते समय सिर लगातार तकिए से रगड़ता है और करवट बदलने पर बाल भी तकिए के साथ घिसते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी का कहना है कि सोते समय बालों को ढीली पोनीटेल या ढीली चोटी में रखना और सिल्क या सैटिन बोनट अथवा पिलोकेस का इस्तेमाल करना घर्षण कम करने और हेयरस्टाइल को बनाए रखने में मदद कर सकता है। यानी पिलोकेस कोई जादुई हेयर ट्रीटमेंट नहीं है, लेकिन रात के दौरान होने वाली अनावश्यक रगड़ को कम करने वाला छोटा बदलाव जरूर हो सकता है।

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यहां एक बात समझना भी जरूरी है कि सिल्क और सैटिन एक ही चीज नहीं हैं। सिल्क एक प्राकृतिक फाइबर है, जबकि सैटिन एक तरह की बुनाई या फैब्रिक फिनिश है और इसे अलग-अलग फाइबर से बनाया जा सकता है। बाजार में सैटिन पिलोकेस आम तौर पर सिल्क की तुलना में सस्ते मिल जाते हैं। बालों के लिए खरीदारी करते समय सिर्फ चमकदार कपड़ा देखकर फैसला करने के बजाय उसकी सतह, सिलाई और इस्तेमाल में आराम पर ध्यान देना चाहिए। बहुत खुरदरी या खराब क्वालिटी की सामग्री से अपेक्षित फायदा नहीं मिल सकता।

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बारिश में बालों को लेकर एक और गलती अक्सर होती है—गीले बालों के साथ सो जाना। गीले बाल ज्यादा कमजोर होते हैं और उनमें खिंचाव या कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है। Cleveland Clinic के मुताबिक गीले बाल अपनी सामान्य लंबाई से ज्यादा खिंच सकते हैं और ज्यादा खिंचाव होने पर उनमें स्थायी नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञ सोने से पहले बालों को जहां तक संभव हो सुखाने की सलाह देते हैं। सिल्क या ऐसे फैब्रिक का पिलोकेस जो नमी को ज्यादा रोककर न रखे, बालों और तकिए के बीच घर्षण कम करने में मदद कर सकता है।

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बारिश में फ्रिज कम करने के लिए सिर्फ एक्सेसरीज पर निर्भर रहना सही नहीं होगा। बालों के प्रकार के हिसाब से शैंपू और कंडीशनर चुनना, बहुत ज्यादा गर्म पानी से बचना, गीले बालों को जोर से रगड़कर न सुखाना और जरूरत से ज्यादा हीट स्टाइलिंग न करना भी जरूरी है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार बालों को स्टाइल करने का तरीका उनकी मजबूती और टूटने पर असर डाल सकता है। गीले बालों को कम से कम संभालना और उन्हें हल्के हाथ से सुखाना भी नुकसान कम करने की दिशा में एक कदम है।

अगर बाल बहुत ज्यादा टूट रहे हैं, अचानक हेयर फॉल बढ़ गया है, सिर की त्वचा में खुजली या लालिमा है या हेयरलाइन पर लगातार बाल कम हो रहे हैं तो इसे सिर्फ मौसम या फ्रिजीनेस की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं और लगातार समस्या रहने पर त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहता है।

www.dainikjagranmpcg.com
12 Aug 2026 By Priyanka

बारिश में बालों को फ्रिजी होने से बचाएंगे सिल्क-सैटिन एक्सेसरीज, जानें सही इस्तेमाल

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बारिश का मौसम आते ही बालों से जुड़ी एक शिकायत काफी आम हो जाती है—बाल धोने के बाद ठीक दिखते हैं, लेकिन कुछ देर बाहर निकलते ही फ्रिजी, उलझे और बेजान नजर आने लगते हैं। हवा में नमी बढ़ने से बालों का टेक्सचर भी बदल सकता है और खासकर घुंघराले या वेवी बालों में यह परेशानी ज्यादा दिखाई देती है। ऐसे में इन दिनों सिल्क और सैटिन हेयर एक्सेसरीज की चर्चा बढ़ी है। सिल्क स्क्रंची, सैटिन स्क्रंची, सिल्क पिलोकेस और सैटिन बोनट को बालों के लिए कम घर्षण वाला विकल्प माना जाता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी घुंघराले या टेक्सचर्ड बालों के लिए रात में सिल्क या सैटिन बोनट अथवा पिलोकेस इस्तेमाल करने का सुझाव देती है, क्योंकि इससे तकिए के साथ बालों का घर्षण कम हो सकता है और फ्रिजिंग व टूटने की समस्या में मदद मिल सकती है।

बारिश के मौसम में असली परेशानी सिर्फ पानी नहीं, बल्कि उमस और बालों में नमी का संतुलन बिगड़ना भी है। जब बाल पहले से ही रूखे या डैमेज हों तो नमी वाले मौसम में उनका बाहरी टेक्सचर और ज्यादा फूला हुआ दिख सकता है। ऐसे में लोग अक्सर बालों को बार-बार ब्रश करते हैं या कसकर बांध लेते हैं, लेकिन इससे स्थिति और खराब हो सकती है। डर्मेटोलॉजिस्ट भी बालों को जरूरत से ज्यादा ब्रश करने से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि ज्यादा ब्रशिंग से टूटने और स्प्लिट एंड्स की समस्या बढ़ सकती है। खासकर घुंघराले बालों को सूखे में बार-बार ब्रश करने के बजाय सही तरीके से डिटैंगल करना बेहतर माना जाता है।

ऐसे में सिल्क स्क्रंची रोजमर्रा के हेयरस्टाइल में एक आसान बदलाव हो सकता है। सामान्य रबर बैंड या बहुत टाइट हेयर टाई बालों को एक ही जगह से खींचती रहती है। लंबे समय तक लगातार तनाव रहने पर बाल टूट सकते हैं और हेयरलाइन के आसपास नुकसान भी दिखाई दे सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के मुताबिक बहुत टाइट हेयरस्टाइल और लगातार खिंचाव बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए बारिश में बाल बांधने हों तो बहुत कसकर पोनीटेल या बन बनाने के बजाय ढीली स्टाइल बेहतर विकल्प हो सकती है। सिल्क या सैटिन की स्क्रंची इस मामले में बालों पर अपेक्षाकृत कम रगड़ पैदा कर सकती है।

सिल्क पिलोकेस का फायदा रात के समय ज्यादा दिखाई दे सकता है। सोते समय सिर लगातार तकिए से रगड़ता है और करवट बदलने पर बाल भी तकिए के साथ घिसते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी का कहना है कि सोते समय बालों को ढीली पोनीटेल या ढीली चोटी में रखना और सिल्क या सैटिन बोनट अथवा पिलोकेस का इस्तेमाल करना घर्षण कम करने और हेयरस्टाइल को बनाए रखने में मदद कर सकता है। यानी पिलोकेस कोई जादुई हेयर ट्रीटमेंट नहीं है, लेकिन रात के दौरान होने वाली अनावश्यक रगड़ को कम करने वाला छोटा बदलाव जरूर हो सकता है।

यहां एक बात समझना भी जरूरी है कि सिल्क और सैटिन एक ही चीज नहीं हैं। सिल्क एक प्राकृतिक फाइबर है, जबकि सैटिन एक तरह की बुनाई या फैब्रिक फिनिश है और इसे अलग-अलग फाइबर से बनाया जा सकता है। बाजार में सैटिन पिलोकेस आम तौर पर सिल्क की तुलना में सस्ते मिल जाते हैं। बालों के लिए खरीदारी करते समय सिर्फ चमकदार कपड़ा देखकर फैसला करने के बजाय उसकी सतह, सिलाई और इस्तेमाल में आराम पर ध्यान देना चाहिए। बहुत खुरदरी या खराब क्वालिटी की सामग्री से अपेक्षित फायदा नहीं मिल सकता।

बारिश में बालों को लेकर एक और गलती अक्सर होती है—गीले बालों के साथ सो जाना। गीले बाल ज्यादा कमजोर होते हैं और उनमें खिंचाव या कंघी करने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है। Cleveland Clinic के मुताबिक गीले बाल अपनी सामान्य लंबाई से ज्यादा खिंच सकते हैं और ज्यादा खिंचाव होने पर उनमें स्थायी नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञ सोने से पहले बालों को जहां तक संभव हो सुखाने की सलाह देते हैं। सिल्क या ऐसे फैब्रिक का पिलोकेस जो नमी को ज्यादा रोककर न रखे, बालों और तकिए के बीच घर्षण कम करने में मदद कर सकता है।

बारिश में फ्रिज कम करने के लिए सिर्फ एक्सेसरीज पर निर्भर रहना सही नहीं होगा। बालों के प्रकार के हिसाब से शैंपू और कंडीशनर चुनना, बहुत ज्यादा गर्म पानी से बचना, गीले बालों को जोर से रगड़कर न सुखाना और जरूरत से ज्यादा हीट स्टाइलिंग न करना भी जरूरी है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार बालों को स्टाइल करने का तरीका उनकी मजबूती और टूटने पर असर डाल सकता है। गीले बालों को कम से कम संभालना और उन्हें हल्के हाथ से सुखाना भी नुकसान कम करने की दिशा में एक कदम है।

अगर बाल बहुत ज्यादा टूट रहे हैं, अचानक हेयर फॉल बढ़ गया है, सिर की त्वचा में खुजली या लालिमा है या हेयरलाइन पर लगातार बाल कम हो रहे हैं तो इसे सिर्फ मौसम या फ्रिजीनेस की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं और लगातार समस्या रहने पर त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहता है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/know-the-correct-use-of-silk-satin-accessories-to-protect-your/article-61325

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